1. वित्तीय प्रबंधन में, "धन अधिकतमकरण" (Wealth Maximization) को "लाभ अधिकतमकरण" से बेहतर माना जाता है क्योंकि:
यह अल्पकालिक लक्ष्यों पर केंद्रित है।
यह पैसे के समय मूल्य और जोखिम पर विचार करता है।
यह नकदी प्रवाह की उपेक्षा करता है।
यह शून्य ऋण सुनिश्चित करता है।
Explanation:
लाभ अधिकतमकरण अस्पष्ट, अल्पकालिक है, और जोखिम/समय की उपेक्षा करता है। धन अधिकतमकरण (स्टॉक मूल्य/NPV को अधिकतम करना) समय, नकदी प्रवाह और जोखिम का हिसाब रखता है, जो शेयरधारकों के दीर्घकालिक हित की सेवा करता है।