1. अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन के मामले में जहां गलती बैंक की है, ग्राहक की देयता है:
शून्य।
₹10,000 तक सीमित।
लेनदेन राशि का 50%।
₹5,000 तक सीमित।
Explanation:
ग्राहक देयता को सीमित करने पर RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि धोखाधड़ी/लापरवाही/कमी बैंक की ओर से है, तो ग्राहक की शून्य देयता है, चाहे वे इसकी रिपोर्ट कभी भी करें।