1. "Ind AS" (भारतीय लेखा मानक) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
वे केवल विनिर्माण कंपनियों पर लागू होते हैं।
वे US GAAP के समान हैं।
वे IFRS (अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानक) के साथ अभिसरित (Converged) हैं लेकिन समान नहीं हैं।
वे नियम-आधारित मानक हैं जबकि IFRS सिद्धांत-आधारित है।
Explanation:
Ind AS IFRS के साथ "अभिसरित" है, जिसका अर्थ है कि यह काफी हद तक IFRS पर आधारित है लेकिन इसमें भारतीय आर्थिक और कानूनी स्थितियों के अनुरूप कुछ "कार्ग-आउट" (विचलन) शामिल हैं।
2. "चालू संस्था अवधारणा" (Going Concern Concept) मानती है कि:
व्यवसाय अनिश्चित काल तक अपना परिचालन जारी रखेगा।
मालिक और व्यवसाय एक ही इकाई हैं।
व्यवसाय निकट भविष्य में परिसमाप्त हो जाएगा।
राजस्व तभी पहचाना जाता है जब नकद प्राप्त होता है।
Explanation:
चालू संस्था धारणा लेखांकन के लिए मौलिक है। इसका तात्पर्य है कि इकाई का न तो इरादा है और न ही उसे अपने कार्यों के पैमाने को भौतिक रूप से कम करने या परिसमाप्त करने की आवश्यकता है। यह परिसमापन मूल्य के बजाय उपयोगी जीवन पर मूल्यह्रास चार्ज करने को सही ठहराता है।
3. निम्नलिखित में से कौन सा लेनदेन "जर्नल प्रॉपर" (Journal Proper) में दर्ज किया जाता है?
क्रेडिट (उधार) पर माल की खरीद।
क्रेडिट (उधार) पर फर्नीचर की खरीद।
माल की नकद बिक्री।
चेक द्वारा वेतन का भुगतान।
Explanation:
जर्नल प्रॉपर का उपयोग उन लेनदेन के लिए किया जाता है जो विशेष सहायक पुस्तकों (जैसे कैश बुक, परचेज बुक, सेल्स बुक) में फिट नहीं होते हैं। अचल संपत्तियों (फर्नीचर) की क्रेडिट खरीद जर्नल प्रॉपर में जाती है, जबकि माल की क्रेडिट खरीद परचेज बुक में जाती है।
4. "कैश बुक के अनुसार डेबिट बैलेंस" के साथ शुरू करते हुए BRS तैयार करते समय, "जारी किए गए लेकिन भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं किए गए चेक" का इलाज कैसे किया जाना चाहिए?
जोड़ा जाना चाहिए।
घटाया जाना चाहिए।
2 से गुणा किया जाना चाहिए।
अनदेखा किया जाना चाहिए।
Explanation:
जब आप चेक जारी करते हैं, तो आप इसे तुरंत कैश बुक से काट लेते हैं। हालांकि, पासबुक बैलेंस तब तक अधिक रहता है जब तक चेक प्रस्तुत नहीं किया जाता है। सुलह (पासबुक से मिलान) करने के लिए, आपको राशि को कैश बुक बैलेंस में वापस जोड़ना होगा।
5. मूल्यह्रास की लिखित मूल्य (WDV) पद्धति के तहत, मूल्यह्रास की राशि:
हर साल स्थिर रहती है।
अनियमित रूप से उतार-चढ़ाव करती है।
हर साल बढ़ती है।
हर साल घटती है।
Explanation:
WDV पद्धति में, संपत्ति के घटते शेष पर मूल्यह्रास की गणना की जाती है। चूंकि बुक वैल्यू हर साल घटती जाती है, इसलिए मूल्यह्रास की राशि भी कम हो जाती है, जो बाद के वर्षों में उच्च मरम्मत लागत से मेल खाती है।
6. नई मशीनरी की स्थापना (installation) पर खर्च की गई राशि को किस रूप में वर्गीकृत किया गया है?
व्यक्तिगत व्यय
आस्थगित राजस्व व्यय
राजस्व व्यय
पूंजीगत व्यय
Explanation:
किसी अचल संपत्ति को उसकी कार्यशील स्थिति में लाने के लिए की गई कोई भी लागत (जैसे माल ढुलाई, स्थापना, ट्रायल रन) को पूंजीकृत (संपत्ति की लागत में जोड़ा जाता है) किया जाता है और पूंजीगत व्यय के रूप में माना जाता है।
7. यदि ट्रायल बैलेंस का मिलान नहीं होता है, तो अंतर अस्थायी रूप से सस्पेंस खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है। यदि क्रेडिट पक्ष भारी है, तो सस्पेंस खाता किस तरफ दिखाई देगा?
P&L खाते के डेबिट पक्ष में।
ट्रेडिंग खाते के क्रेडिट पक्ष में।
बैलेंस शीट के संपत्ति पक्ष में।
बैलेंस शीट के दायित्व पक्ष में।
Explanation:
यदि ट्रायल बैलेंस का क्रेडिट पक्ष भारी है, तो इसका मतलब है कि डेबिट पक्ष में कमी है। इसे संतुलित करने के लिए सस्पेंस खाते में डेबिट शेष होगा। डेबिट शेष (यदि व्यय नहीं हैं) संपत्ति पक्ष पर दिखाए जाते हैं।
8. लेखांकन समीकरण "संपत्ति = दायित्व + पूंजी" किस अवधारणा पर आधारित है?
द्विपक्षीय अवधारणा (Dual Aspect Concept)
लागत अवधारणा
वसूली अवधारणा
मिलान अवधारणा
Explanation:
द्विपक्षीय अवधारणा बताती है कि प्रत्येक लेनदेन के दो प्रभाव होते हैं: समान राशि का डेबिट और क्रेडिट। यह डबल एंट्री बुककीपिंग और अकाउंटिंग समीकरण का आधार बनता है।
9. विनिमय के बिल के संदर्भ में "नोटिंग" (Noting) क्या है?
आहर्ती (Drawee) द्वारा बिल पर हस्ताक्षर करना।
नोटरी पब्लिक द्वारा अनादर (Dishonour) के तथ्य को दर्ज करना।
बैंक के साथ बिल को छूट देना।
बहीखाता में बिल दर्ज करना।
Explanation:
जब कोई बिल अनादरित होता है, तो धारक इसे प्रस्तुति और अनादर के कानूनी सबूत स्थापित करने के लिए नोटरी पब्लिक द्वारा "नोट" करवाता है। यह "विरोध" (Protesting) से पहले पहला कदम है।
10. कौन सा लेखा मानक "विदेशी विनिमय दरों में परिवर्तन के प्रभाव" से संबंधित है?
AS 9
AS 3
AS 10
AS 11
Explanation:
AS 11 यह निर्धारित करता है कि विदेशी मुद्रा लेनदेन और विदेशी परिचालन का हिसाब कैसे रखा जाए। AS 10 संपत्ति, संयंत्र और उपकरण है; AS 3 नकदी प्रवाह है; AS 9 राजस्व मान्यता है।
11. लेखांकन चक्र में सही अनुक्रम कौन सा है?
जर्नल -> लेजर -> ट्रायल बैलेंस -> अंतिम खाते
लेजर -> जर्नल -> ट्रायल बैलेंस -> अंतिम खाते
जर्नल -> ट्रायल बैलेंस -> लेजर -> अंतिम खाते
ट्रायल बैलेंस -> जर्नल -> लेजर -> अंतिम खाते
Explanation:
लेनदेन को पहले जर्नल (मूल प्रविष्टि) में दर्ज किया जाता है, लेजर (वर्गीकरण) में पोस्ट किया जाता है, ट्रायल बैलेंस में संक्षेपित किया जाता है, और अंत में अंतिम खातों में विश्लेषण किया जाता है।
12. एक "कॉन्ट्रा एंट्री" (Contra Entry) किस प्रकार की कैश बुक में दिखाई देती है?
सिंगल कॉलम कैश बुक
पेटी कैश बुक
परचेज बुक
कैश और बैंक कॉलम के साथ डबल/थ्री कॉलम कैश बुक
Explanation:
कॉन्ट्रा एंट्री तब दर्ज की जाती है जब कार्यालय के उपयोग के लिए बैंक में नकद जमा किया जाता है या बैंक से निकाला जाता है। यह विपरीत पक्षों पर एक साथ कैश और बैंक दोनों कॉलम को प्रभावित करता है।
13. यदि शुरुआती बिंदु "पासबुक के अनुसार ओवरड्राफ्ट" है, और जमा किया गया ₹5000 का चेक अभी तक एकत्र/क्रेडिट नहीं किया गया है, तो क्या किया जाना चाहिए?
-1 से गुणा करें
कोई समायोजन आवश्यक नहीं
₹5000 घटाएं
₹5000 जोड़ें
Explanation:
शुरुआत: पासबुक के अनुसार OD। चेक जमा करने का मतलब है कैश बुक बैलेंस बढ़ गया (OD कम हो गया)। पासबुक अभी नहीं बदली है (उच्च OD)। कैश बुक (लक्ष्य) से मेल खाने के लिए, हमें OD कम करना होगा। गणित: PB -100 है। CB -95 है (चेक जोड़ा गया)। प्रारंभ -100। लक्ष्य -95। आपको 5 जोड़ना होगा। सही।
14. AS 10 (संपत्ति, संयंत्र और उपकरण) के अनुसार, किसी संपत्ति का मूल्यह्रास कब समाप्त होता है?
जब वित्तीय वर्ष समाप्त होता है।
जब बाजार मूल्य बढ़ता है।
जब यह निष्क्रिय हो जाता है या सक्रिय उपयोग से सेवानिवृत्त हो जाता है।
जब संपत्ति पूरी तरह से मूल्यह्रास या डीरेकॉग्नाइज्ड (बेची/रद्दी) हो जाती है।
Explanation:
जब संपत्ति निष्क्रिय हो जाती है तो मूल्यह्रास समाप्त नहीं होता है। यह केवल तब रुकता है जब संपत्ति का अवशिष्ट मूल्य उसकी वहन राशि के बराबर होता है, या इसे डीरेकॉग्नाइज किया जाता है।
15. नए उत्पाद लॉन्च के लिए विज्ञापन अभियान पर भारी व्यय को सबसे अच्छी तरह किस रूप में वर्गीकृत किया गया है?
पूंजीगत व्यय
राजस्व व्यय
प्रीपेड व्यय
आस्थगित राजस्व व्यय
Explanation:
यह प्रकृति में राजस्व (विज्ञापन) है लेकिन लाभ एक वर्ष से अधिक समय तक रहने की उम्मीद है (नया उत्पाद लॉन्च)। इसलिए, इसे आस्थगित किया जाता है और 3-5 वर्षों में बट्टे खाते में डाल दिया जाता है।
16. खरीद खाते (Purchase Account) में डेबिट की गई ₹50,000 की मशीनरी की खरीद किसकी त्रुटि है?
चूक (Omission)
क्षतिपूर्ति
सिद्धांत (Principle)
कमीशन
Explanation:
पूंजीगत व्यय (मशीनरी) को राजस्व व्यय (खरीद ए/सी) के रूप में मानना लेखांकन सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। इसलिए, सिद्धांत की त्रुटि।
17. IFRS का अर्थ है:
भारतीय वित्तीय रेटिंग प्रणाली
अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानक (International Financial Reporting Standards)
अंतर्राष्ट्रीय फंड नियामक मानक
भारतीय राजकोषीय रिपोर्टिंग प्रणाली
Explanation:
IFRS लंदन स्थित अंतर्राष्ट्रीय लेखा मानक बोर्ड (IASB) द्वारा व्यावसायिक मामलों के लिए एक सामान्य वैश्विक भाषा प्रदान करने के लिए जारी किए जाते हैं।
18. "उपार्जन अवधारणा" (Accrual Concept) के तहत, राजस्व को कब पहचाना जाता है?
माल का निर्माण होता है।
बिक्री लेनदेन पूरा/अर्जित हो गया है, चाहे नकद प्राप्ति कुछ भी हो।
ऑर्डर प्राप्त होता है।
नकद प्राप्त होता है।
Explanation:
उपार्जन आधार लेनदेन को तब रिकॉर्ड करता है जब वे होते हैं (व्यापारी प्रणाली), न कि जब नकद हाथ बदलता है। यह लाभ/हानि की सच्ची तस्वीर देता है।
19. "इम्प्रेस्ट सिस्टम" (Imprest System) किसके साथ जुड़ा हुआ है?
मूल्यह्रास
सेल्स लेजर
पेटी कैश बुक
बैंक समाधान
Explanation:
इम्प्रेस्ट सिस्टम में, पेटी कैशियर को शुरुआत में एक निश्चित फ्लोट (इम्प्रेस्ट राशि) दी जाती है। अवधि के अंत में, फ्लोट को मूल स्तर पर बहाल करने के लिए खर्च की गई सटीक राशि की प्रतिपूर्ति की जाती है।
20. नियत तारीख (Due date) की गणना करने के लिए विनिमय के बिल के कार्यकाल में कितने "अनुग्रह के दिन" (Days of Grace) जोड़े जाते हैं?
3 दिन
5 दिन
1 दिन
2 दिन
Explanation:
परक्राम्य लिखत अधिनियम के अनुसार, "तारीख के बाद" या "दृष्टि के बाद" देय बिलों के लिए 3 दिनों की छूट की अनुमति है। "मांग पर" बिलों के लिए उनकी अनुमति नहीं है।
21. यदि संपत्ति = ₹5,00,000 और पूंजी = ₹3,00,000 है, तो दायित्व (Liabilities) क्या हैं?
₹2,00,000
₹3,00,000
₹5,00,000
₹8,00,000
Explanation:
लेखांकन समीकरण: संपत्ति = दायित्व + पूंजी। इसलिए, दायित्व = संपत्ति - पूंजी। 5,00,000 - 3,00,000 = 2,00,000।
22. शब्द "परिशोधन" (Amortization) किसके मूल्य को बट्टे खाते में डालने (writing off) को संदर्भित करता है?
खदानों जैसी क्षयकारी संपत्ति।
स्टॉक जैसी चालू संपत्ति।
मशीनरी जैसी मूर्त संपत्ति।
सद्भावना/पेटेंट जैसी अमूर्त संपत्ति।
Explanation:
मूल्यह्रास मूर्त संपत्ति के लिए है। परिशोधन अमूर्त संपत्ति के लिए है। रिक्तीकरण (Depletion) क्षयकारी संपत्ति (प्राकृतिक संसाधनों) के लिए है।
23. निम्नलिखित में से कौन सी त्रुटि ट्रायल बैलेंस के समझौते को प्रभावित नहीं करेगी?
सहायक पुस्तकों की गलत कास्टिंग (जोड़)।
किसी खाते में गलत राशि पोस्ट करना।
किसी खाते के गलत पक्ष में राशि पोस्ट करना।
पूर्ण चूक की त्रुटि।
Explanation:
यदि कोई लेनदेन पूरी तरह से छोड़ दिया जाता है (न तो डेबिट और न ही क्रेडिट), तो कुल डेबिट और क्रेडिट अभी भी मेल खाएंगे, इसलिए त्रुटि के बावजूद ट्रायल बैलेंस मिल जाएगा।
24. "स्थिरता अवधारणा" (Consistency Concept) का तात्पर्य है कि:
संपत्तियों का मूल्यांकन हमेशा बाजार मूल्य पर किया जाना चाहिए।
व्यवसाय को हमेशा लाभ कमाना चाहिए।
मालिक को व्यवसाय से पैसा नहीं निकालना चाहिए।
तुलना की अनुमति देने के लिए लेखांकन विधियां साल-दर-साल समान रहनी चाहिए।
Explanation:
स्थिरता सुनिश्चित करती है कि वित्तीय विवरण विभिन्न अवधियों में तुलनीय हैं। विधियों में बार-बार बदलाव (जैसे, SLM से WDV में मूल्यह्रास) तुलना को विकृत करते हैं।
25. AS 2 (इन्वेंट्री का मूल्यांकन) कहता है कि इन्वेंट्री का मूल्यांकन किस पर किया जाना चाहिए?
बाजार मूल्य।
लागत मूल्य।
लागत या शुद्ध वसूली योग्य मूल्य (NRV), जो भी अधिक हो।
लागत या शुद्ध वसूली योग्य मूल्य (NRV), जो भी कम हो।
Explanation:
यह रूढ़िवाद (विवेक) के सिद्धांत पर आधारित है। आप नुकसान का अनुमान लगाते हैं (यदि NRV < लागत) लेकिन लाभ का अनुमान नहीं लगाते हैं।
26. लेखांकन पुस्तकों में "व्यापार छूट" (Trade Discount) का इलाज कैसे किया जाता है?
यह कैश बुक में दर्ज किया जाता है।
इसे P&L में व्यय के रूप में दिखाया गया है।
यह चालान मूल्य से काटा जाता है और पुस्तकों में दर्ज नहीं किया जाता है।
यह जर्नल में दर्ज किया जाता है।
Explanation:
थोक खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए बिक्री के समय व्यापार छूट दी जाती है। केवल शुद्ध राशि (सूची मूल्य - व्यापार छूट) पुस्तकों में दर्ज की जाती है। हालाँकि, नकद छूट दर्ज की जाती है।
27. पासबुक में "डेबिट बैलेंस" क्या दर्शाता है?
अनुकूल संतुलन (बैंक में पैसा)।
प्रतिकूल संतुलन (ओवरड्राफ्ट)।
बैंक त्रुटि।
शून्य शेष।
Explanation:
बैंक के लिए, ग्राहक जमा देनदारियां (क्रेडिट बैलेंस) हैं। इसलिए, पासबुक में डेबिट बैलेंस का मतलब है कि ग्राहक पर बैंक का पैसा बकाया है (ओवरड्राफ्ट)।
28. मशीनरी के लिए भुगतान किया गया वार्षिक रखरखाव शुल्क है:
पूंजीगत व्यय
आस्थगित राजस्व व्यय
व्यक्तिगत व्यय
राजस्व व्यय
Explanation:
रखरखाव एक आवर्ती व्यय है जो संपत्ति को काम करने की स्थिति में रखने के लिए आवश्यक है। यह संपत्ति की क्षमता या जीवन को नहीं बढ़ाता है, इसलिए यह राजस्व व्यय है।
29. "मुद्रा मापन अवधारणा" (Money Measurement Concept) लेखांकन को सीमित करती है क्योंकि:
यह कर्मचारी कौशल, प्रबंधन की गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि जैसे गैर-मौद्रिक पहलुओं की उपेक्षा करता है।
यह छोटे व्यवसायों पर लागू नहीं होता है।
यह मुद्रास्फीति की उपेक्षा करता है।
इसके लिए जटिल गणनाओं की आवश्यकता होती है।
Explanation:
लेखांकन केवल उन लेनदेनों को रिकॉर्ड करता है जिन्हें मौद्रिक शर्तों में व्यक्त किया जा सकता है। महत्वपूर्ण गुणात्मक कारक जो व्यावसायिक सफलता को प्रभावित करते हैं, अक्सर पुस्तकों में परिलक्षित नहीं होते हैं।
30. एक "आवास बिल" (Accommodation Bill) आहरित किया जाता है:
मनी लॉन्ड्रिंग की सुविधा के लिए।
बैंक द्वारा ग्राहक पर।
बिना किसी वास्तविक व्यापार लेनदेन के एक या दोनों पक्षों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए।
वास्तविक व्यापार लेनदेन के लिए।
Explanation:
आवास बिल माल की बिक्री द्वारा समर्थित नहीं होते हैं। वे आपसी वित्तीय आवास (छूट देने और पैसा जुटाने) के लिए आहरित किए जाते हैं।
31. सीधी रेखा पद्धति (SLM) में, वार्षिक मूल्यह्रास की गणना इस प्रकार की जाती है:
(लागत - स्क्रैप मूल्य) / उपयोगी जीवन
(बाजार मूल्य - लागत) / उपयोगी जीवन
लागत / उपयोगी जीवन
(लागत + स्क्रैप मूल्य) / उपयोगी जीवन
Explanation:
मूल्यह्रास उपयोगी जीवन पर "मूल्यह्रास योग्य राशि" फैलाता है। मूल्यह्रास योग्य राशि लागत माइनस स्क्रैप (निस्तारण) मूल्य है।
32. निम्नलिखित में से किस त्रुटि को सुधारने के लिए सस्पेंस खाते के उपयोग की आवश्यकता होती है?
खरीद वापसी पुस्तक ₹100 से अधिक (Overcast)।
A को बिक्री B को बिक्री के रूप में दर्ज की गई।
X से खरीद पूरी तरह से छोड़ दी गई।
मशीनरी खरीद को खरीद ए/सी में डेबिट किया गया।
Explanation:
यह एकतरफा त्रुटि (कास्टिंग त्रुटि) है। ट्रायल बैलेंस का मिलान नहीं होगा, और त्रुटि ठीक होने तक इसे संतुलित करने के लिए सस्पेंस खाते की आवश्यकता होती है। अन्य दोतरफा त्रुटियां हैं।
33. गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए Ind AS अनिवार्य है यदि उनका नेट वर्थ निम्नलिखित के बराबर या उससे अधिक है:
₹100 करोड़
₹250 करोड़
₹50 करोड़
₹500 करोड़
Explanation:
Ind AS कार्यान्वयन के चरण II के तहत, ₹250 करोड़ या उससे अधिक की कुल संपत्ति वाली गैर-सूचीबद्ध कंपनियों को Ind AS का पालन करना आवश्यक है।
34. प्रविष्टियों को जर्नल से लेजर में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
पोस्टिंग
विश्लेषण
बैलेंसिंग
जर्नलाइजिंग
Explanation:
जर्नलाइजिंग रिकॉर्डिंग है; पोस्टिंग लेजर में संबंधित खातों में डेबिट और क्रेडिट पहलुओं को स्थानांतरित करने का कार्य है।
35. "भौतिकता सम्मेलन" (Materiality Convention) सुझाव देता है कि:
सभी आइटम भौतिक हैं।
संपत्तियों का मूल्यांकन सोने की कीमत पर किया जाना चाहिए।
निर्णय लेने को प्रभावित न करने वाले महत्वहीन विवरणों को अनदेखा या एकत्रित किया जा सकता है।
हर एक पैसे का हिसाब सख्ती से रखा जाना चाहिए।
Explanation:
लेखांकन को उस जानकारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो उपयोगकर्ता के लिए "भौतिक" (महत्वपूर्ण) है। उदाहरण के लिए, कार्यालय के उपयोग के लिए खरीदा गया कैलकुलेटर 5 वर्षों में मूल्यह्रास के बजाय तुरंत खर्च किया जाता है क्योंकि राशि सारहीन है।
36. निम्नलिखित में से कौन सा "समय अंतर" (Timing Difference) है जो कैश बुक और पासबुक के बीच असहमति का कारण बनता है?
कैश बुक में दर्ज होने से चूका चेक।
चेक की दोहरी प्रविष्टि।
जारी किए गए लेकिन भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं किए गए चेक।
कैश बुक में गलत कुल।
Explanation:
त्रुटियां (गलत कुल, चूक, दोहरी प्रविष्टि) गलतियाँ हैं। "जारी किए गए लेकिन प्रस्तुत नहीं किए गए चेक" एक समय का अंतर है क्योंकि लेनदेन सही है लेकिन फर्म और बैंक द्वारा अलग-अलग समय पर दर्ज किया गया है।
37. संपत्ति प्राप्त करने के लिए भुगतान की गई कानूनी फीस है:
आस्थगित राजस्व व्यय
व्यक्तिगत व्यय
पूंजीगत व्यय
राजस्व व्यय
Explanation:
अचल संपत्ति के शीर्षक को प्राप्त करने या बचाव करने के लिए किए गए कानूनी खर्चों को संपत्ति की लागत के हिस्से के रूप में पूंजीकृत किया जाता है। ऋण वसूली के लिए कानूनी फीस राजस्व व्यय होगी।
38. पीठ पर हस्ताक्षर करके विनिमय के बिल का स्वामित्व किसी अन्य व्यक्ति को स्थानांतरित करना क्या कहलाता है?
नोटिंग
पृष्ठांकन (Endorsement)
सेवानिवृत्ति (Retiring)
छूट (Discounting)
Explanation:
पृष्ठांकन बातचीत (शीर्षक स्थानांतरित करने) के उद्देश्य से लिखत (आमतौर पर पीठ पर) पर हस्ताक्षर करने का कार्य है।
39. यदि ₹40,000 के संचित मूल्यह्रास के साथ ₹1,00,000 की लागत वाली संपत्ति ₹70,000 में बेची जाती है, तो परिणाम है:
₹10,000 की हानि
₹30,000 का लाभ
₹10,000 का लाभ
कोई लाभ नहीं कोई हानि नहीं
Explanation:
बुक वैल्यू = लागत - संचित मूल्यह्रास = 1,00,000 - 40,000 = ₹60,000। बिक्री मूल्य = ₹70,000। लाभ = बिक्री मूल्य - बुक वैल्यू = 70,000 - 60,000 = ₹10,000।
40. भारत में, लेखांकन मानक किसके द्वारा तैयार किए जाते हैं?
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI)
वित्त मंत्रालय
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI)
Explanation:
ICAI द्वारा गठित लेखा मानक बोर्ड (ASB) लेखांकन मानक तैयार करता है। Ind AS को ICAI की सिफारिशों के आधार पर कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) द्वारा अधिसूचित किया जाता है।
41. निम्नलिखित में से कौन सा "वास्तविक खाता" (Real Account) है?
नकद खाता
बैंक ओवरड्राफ्ट खाता
वेतन खाता
राम का खाता (देनदार)
Explanation:
वास्तविक खाते संपत्ति और संपत्तियों (मूर्त या अमूर्त) से संबंधित हैं। नकद एक मूर्त संपत्ति है। वेतन नाममात्र (व्यय) है। राम व्यक्तिगत है। ओवरड्राफ्ट व्यक्तिगत (दायित्व) है।
42. ट्रायल बैलेंस द्वारा किस त्रुटि का खुलासा नहीं किया जाता है?
किसी खाते का गलत संतुलन।
गलत पक्ष में पोस्ट करना।
सही पक्ष में गलत राशि पोस्ट करना।
क्षतिपूर्ति त्रुटियां (Compensating Errors)।
Explanation:
क्षतिपूर्ति त्रुटियां तब होती हैं जब एक त्रुटि का प्रभाव दूसरी त्रुटि (जैसे, परचेज बुक को 100 और सेल्स बुक को 100 से ओवरकास्ट करना) द्वारा रद्द कर दिया जाता है। ट्रायल बैलेंस अभी भी मिल जाता है।
43. कैश बुक के "नकद कॉलम" में हमेशा क्या होगा?
शून्य शेष
डेबिट बैलेंस
डेबिट या क्रेडिट बैलेंस
क्रेडिट बैलेंस
Explanation:
नकद कॉलम हाथ में भौतिक नकदी का प्रतिनिधित्व करता है। चूंकि आप अपने पास मौजूद नकदी से अधिक भुगतान नहीं कर सकते, इसलिए नकद शेष कभी भी नकारात्मक (क्रेडिट) नहीं हो सकता है। यह हमेशा डेबिट या शून्य होता है।
44. एक ग्राहक ने सीधे बैंक खाते में ₹2000 जमा किए। कैश बुक बैलेंस के साथ शुरू होने वाले BRS में, यह राशि होगी:
जोड़ा गया
घटाया गया
विभाजित
अनदेखा किया गया
Explanation:
प्रत्यक्ष जमा पासबुक बैलेंस को बढ़ाता है। कैश बुक बैलेंस कम है क्योंकि लेखाकार को अभी तक पता नहीं है। कैश बुक को पासबुक (लक्ष्य) के साथ मिलाने के लिए, हमें राशि जोड़नी होगी।
45. इसे चालू करने के लिए खरीदी गई सेकंड-हैंड मशीन की प्रमुख मरम्मत पर खर्च की गई राशि है:
राजस्व व्यय
आस्थगित राजस्व व्यय
सामान्य व्यय
पूंजीगत व्यय
Explanation:
सेकंड-हैंड मशीन पर मरम्मत *इससे पहले* कि इसे उपयोग में लाया जाए, पूंजीकृत किया जाता है क्योंकि वे संपत्ति को काम करने की स्थिति में लाने के लिए आवश्यक हैं।
46. वह व्यक्ति जिसे विनिमय के बिल की राशि का भुगतान करने के लिए निर्देशित किया जाता है, उसे क्या कहा जाता है?
आहर्ती (Drawee)
आहर्ता (Drawer)
पृष्ठांकनकर्ता
आदाता (Payee)
Explanation:
आहर्ता बिल बनाता है; आहर्ती (देनदार) वह है जिसे भुगतान करने के लिए निर्देशित किया जाता है; आदाता पैसा प्राप्त करता है।
47. "खराब और संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान" बनाना किस अवधारणा का अनुप्रयोग है?
लागत अवधारणा
रूढ़िवाद (विवेक) अवधारणा
चालू संस्था अवधारणा
मिलान अवधारणा
Explanation:
रूढ़िवाद कहता है: "कोई लाभ न होने का अनुमान लगाएं, लेकिन सभी संभावित नुकसानों के लिए प्रावधान करें।" बैड डेट्स के लिए प्रावधान बनाना भविष्य के नुकसान का अनुमान लगाता है।
48. मूल्यह्रास की राशि निर्धारित करने में निम्नलिखित में से कौन सा कारक नहीं है?
अनुमानित स्क्रैप मूल्य
ऐतिहासिक लागत
बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव
अनुमानित उपयोगी जीवन
Explanation:
मूल्यह्रास आवंटन लागत, उपयोगी जीवन और स्क्रैप मूल्य पर आधारित है। यह लागत का एक व्यवस्थित आवंटन है, न कि दैनिक बाजार मूल्य परिवर्तनों पर आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया।
49. जब अगले वित्तीय वर्ष में त्रुटियों को सुधारा जाता है, तो लाभ/हानि प्रभाव को समायोजित करने के लिए किस खाते का उपयोग किया जाता है?
लाभ और हानि विनियोग खाता
सस्पेंस खाता
लाभ और हानि समायोजन खाता
पूंजी खाता
Explanation:
पिछले वर्ष की त्रुटियों के साथ चालू वर्ष के लाभ को विकृत करने से बचने के लिए, नाममात्र खाता सुधार P&L समायोजन खाते के माध्यम से रूट किए जाते हैं।
50. वर्ष के दौरान अर्जित शुद्ध लाभ क्या करेगा:
पूंजी बढ़ाएगा
संपत्ति बढ़ाएगा
दायित्व बढ़ाएगा
पूंजी घटाएगा
Explanation:
लाभ मालिक का होता है। इसलिए, वर्ष के अंत में शुद्ध लाभ पूंजी में जोड़ा जाता है, जिससे मालिक की इक्विटी बढ़ जाती है।
51. AS 1 किससे संबंधित है?
इन्वेंट्री का मूल्यांकन
लेखांकन नीतियों का प्रकटीकरण
नकदी प्रवाह विवरण
मूल्यह्रास लेखांकन
Explanation:
AS 1 के लिए उद्यमों को वित्तीय विवरण तैयार करने और प्रस्तुत करने में अपनाई गई महत्वपूर्ण लेखांकन नीतियों का खुलासा करना आवश्यक है।
52. निम्नलिखित में से किसे "मूल प्रविष्टि की पुस्तक" (Book of Original Entry) के रूप में जाना जाता है?
लेजर
बैलेंस शीट
ट्रायल बैलेंस
जर्नल
Explanation:
लेनदेन को पहले जर्नल में कालानुक्रमिक रूप से दर्ज किया जाता है, इसलिए यह मूल प्रविष्टि की पुस्तक है। लेजर अंतिम प्रविष्टि की पुस्तक है।
53. सेल्स बुक (Sales Book) का उपयोग रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है:
पुराने फर्नीचर की बिक्री।
माल की नकद बिक्री।
सभी बिक्री (नकद और उधार)।
सौदा किए गए माल की उधार बिक्री।
Explanation:
सेल्स बुक केवल माल (इन्वेंट्री) की उधार बिक्री रिकॉर्ड करती है। नकद बिक्री कैश बुक में जाती है। संपत्ति की बिक्री जर्नल प्रॉपर में जाती है।
54. ₹10,000 के लिए जमा किया गया एक चेक अनादरित (Dishonoured) हो गया। यह कैश बुक में दर्ज नहीं किया गया था। कैश बुक बैलेंस के साथ शुरू होने वाले BRS में, यह राशि होनी चाहिए:
अनदेखा किया गया
जोड़ा गया
गुणा
घटाया गया
Explanation:
जमा करने पर, कैश बुक बढ़ा दी गई थी। अनादर का मतलब है कि पासबुक नहीं बढ़ी (या बढ़कर घट गई)। चूंकि कैश बुक अभी भी उच्च है, हमें पासबुक से मिलान करने के लिए राशि घटानी होगी।
55. "वर्षों के अंकों का योग" (SYD) पद्धति में, यदि उपयोगी जीवन 3 वर्ष है, तो भिन्न के लिए हर (denominator) है:
6
5
9
3
Explanation:
SYD = n(n+1)/2। 3 वर्षों के लिए, 1+2+3 = 6। मूल्यह्रास भिन्न 3/6, 2/6, 1/6 होंगे।
56. नई मशीन स्थापित करने के लिए श्रमिकों को दी गई मजदूरी को किसमें डेबिट किया जाना चाहिए?
मरम्मत खाता
मशीन खाता
स्थापना शुल्क खाता
मजदूरी खाता
Explanation:
स्थापना मजदूरी एक पूंजीगत व्यय है क्योंकि वे संपत्ति को उपयोग में लाने के लिए आवश्यक हैं। इसलिए, उन्हें मशीन की लागत में जोड़ा जाता है।
57. बिल के अनादर को नोट करने के लिए नोटरी पब्लिक को दी गई फीस कहलाती है:
जुर्माना
कानूनी शुल्क
कमीशन
नोटिंग चार्ज
Explanation:
नोटिंग चार्ज का भुगतान शुरू में धारक द्वारा किया जाता है लेकिन अंततः आहर्ती (जिसने बिल का अनादर किया) से वसूल किया जा सकता है।
58. "वसूली अवधारणा" (Realisation Concept) का तात्पर्य है कि राजस्व तब पहचाना जाता है जब:
माल का निर्माण होता है।
एक आदेश प्राप्त होता है।
नकद वास्तव में प्राप्त होता है।
पैसा प्राप्त करने का कानूनी अधिकार उत्पन्न होता है (बिक्री प्रभावित होती है)।
Explanation:
राजस्व को तब वसूल माना जाता है जब माल का शीर्षक खरीदार को दिया जाता है, जिससे भुगतान करने का कानूनी दायित्व बनता है। नकद प्राप्ति आवश्यक नहीं है।
59. प्रारंभिक प्रविष्टियाँ (Opening entries) और समापन प्रविष्टियाँ (Closing entries) किसमें दर्ज की जाती हैं?
कैश बुक
लेजर
बैलेंस शीट
जर्नल प्रॉपर
Explanation:
जर्नल प्रॉपर मूल प्रविष्टि की अवशिष्ट पुस्तक है जिसका उपयोग प्रारंभिक, समापन, हस्तांतरण और सुधार प्रविष्टियों के लिए किया जाता है।
60. सेल्स बुक के कुल को लेजर में पोस्ट करने से चूकने से की गई त्रुटि को क्या कहा जाता है?
कमीशन की त्रुटि
सिद्धांत की त्रुटि
चूक की त्रुटि (आंशिक)
क्षतिपूर्ति त्रुटि
Explanation:
जर्नल/सहायक पुस्तक में रिकॉर्डिंग करना लेकिन लेजर में पोस्ट करने में विफल होना आंशिक चूक है। यह ट्रायल बैलेंस समझौते को प्रभावित करता है।
61. अनुसंधान और विकास (R&D) पर किए गए व्यय को आम तौर पर माना जाता है:
हमेशा आस्थगित राजस्व व्यय।
राजस्व व्यय, जब तक कि यह एक अमूर्त संपत्ति (Ind AS 38) के रूप में मान्यता के लिए विशिष्ट मानदंडों को पूरा नहीं करता है।
वैज्ञानिक का व्यक्तिगत खर्च।
हमेशा पूंजीगत व्यय।
Explanation:
लेखा मानक (AS 26 / Ind AS 38) के अनुसार, अनुसंधान लागतों को व्यय (राजस्व) के रूप में माना जाता है। विकास लागत को केवल तभी पूंजीकृत (पूंजी) किया जा सकता है जब तकनीकी और वाणिज्यिक व्यवहार्यता प्रदर्शित की जाती है।
62. मूल्यह्रास की पद्धति में बदलाव (जैसे, SLM से WDV तक) को किस रूप में माना जाता है?
लेखांकन अनुमान में बदलाव।
पूर्व अवधि की त्रुटि।
लेखांकन नीति में बदलाव।
एक असाधारण आइटम।
Explanation:
संशोधित मानकों (Ind AS 8 / AS 10 संशोधित) के तहत, मूल्यह्रास पद्धति में बदलाव को "लेखांकन अनुमान में बदलाव" माना जाता है और इसे संभावित रूप से (भविष्य की अवधि के लिए) लागू किया जाता है, न कि पूर्वव्यापी रूप से।
63. BRS में, यदि शुरुआती बिंदु "कैश बुक के अनुसार बैलेंस" है और बैंक ने गलती से खाते में ₹1000 क्रेडिट कर दिए हैं, तो क्या किया जाना चाहिए?
अनदेखा करें क्योंकि यह एक त्रुटि है
₹1000 जोड़ें
₹1000 घटाएं
RBI को रिपोर्ट करें
Explanation:
बैंक द्वारा गलत क्रेडिट पासबुक बैलेंस को बढ़ाता है। कैश बुक को पासबुक (लक्ष्य) के साथ मिलाने के लिए, हमें कैश बुक बैलेंस में राशि जोड़नी होगी, भले ही यह एक त्रुटि हो।
64. AS 11 के अनुसार, मौद्रिक वस्तुओं (जैसे विदेशी मुद्रा ऋण या प्राप्तियां) को बैलेंस शीट तिथि पर किस दर का उपयोग करके रिपोर्ट किया जाना चाहिए?
फॉरवर्ड रेट।
लेनदेन की तिथि पर दर।
वर्ष की औसत दर।
समापन दर (बैलेंस शीट तिथि पर स्पॉट रेट)।
Explanation:
मौद्रिक वस्तुओं (रखा गया पैसा और निश्चित धन राशि में प्राप्त/भुगतान की जाने वाली संपत्ति/देनदारियां) का अनुवाद समापन दर पर किया जाना चाहिए। विनिमय अंतर P&L में पहचाने जाते हैं।
65. जब कोई आहर्ती (Drawee) नियत तारीख से पहले बिल का भुगतान करता है और "छूट" (Rebate) प्राप्त करता है, तो इस छूट का आहर्ती की पुस्तकों में कैसे इलाज किया जाता है?
ब्याज खाते में डेबिट (व्यय)।
रिबेट खाते में क्रेडिट (लाभ)।
डिस्काउंट खाते में डेबिट।
बैंक खाते में क्रेडिट।
Explanation:
छूट के तहत बिल रिटायर करने का मतलब है जल्दी भुगतान करना। प्राप्त छूट आहर्ती (भुगतानकर्ता) के लिए लाभ है, इसलिए इसे क्रेडिट किया जाता है। (धारक/प्राप्तकर्ता के लिए, यह एक व्यय/डेबिट है)।
66. Ind AS 1 के लिए वित्तीय विवरणों के एक पूर्ण सेट की आवश्यकता होती है जिसमें "इक्विटी में परिवर्तन का विवरण" शामिल हो। यह विवरण क्या दर्शाता है?
अवधि के दौरान मालिक की इक्विटी में परिवर्तन (शेयर पूंजी, भंडार)।
नकदी प्रवाह में परिवर्तन।
अचल संपत्तियों में परिवर्तन।
शेयरों के बाजार मूल्य में परिवर्तन।
Explanation:
पारंपरिक भारतीय GAAP के विपरीत, Ind AS को वर्ष के दौरान इक्विटी (शेयर पूंजी + अन्य इक्विटी जैसे भंडार) में आंदोलन का विवरण देने वाले एक अलग विवरण की आवश्यकता होती है।
67. निम्नलिखित में से कौन "सिद्धांत की त्रुटि" (Error of Principle) है?
लेनदेन रिकॉर्ड करने से चूकना।
मशीनरी की मरम्मत को मशीनरी की खरीद के रूप में मानना।
₹5000 को ₹500 लिखना।
बिक्री पुस्तक में खरीद दर्ज करना।
Explanation:
राजस्व व्यय (मरम्मत) को पूंजीगत संपत्ति (मशीनरी) के रूप में मानना लेखांकन सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। अन्य कमीशन या चूक की त्रुटियां हैं।
68. "लॉन्ग फॉर्म ऑडिट रिपोर्ट" (LFAR) वैधानिक शाखा लेखा परीक्षक द्वारा किसे प्रस्तुत की जाती है?
आयकर विभाग।
केवल शाखा प्रबंधक।
सेबी।
बैंक का प्रबंधन और RBI।
Explanation:
LFAR एक विस्तृत प्रश्नावली-आधारित रिपोर्ट है जो शाखा संचालन (नकद, क्रेडिट, विदेशी मुद्रा, हाउसकीपिंग) के विभिन्न पहलुओं को कवर करती है। यह प्रबंधन और RBI के लिए बैंक के स्वास्थ्य का आकलन करने का एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
69. कौन सी लेखांकन अवधारणा बताती है कि "प्रत्येक डेबिट के लिए, एक संबंधित क्रेडिट होता है"?
आवधिकता अवधारणा
चालू संस्था अवधारणा
मुद्रा मापन अवधारणा
द्विपक्षीय अवधारणा (Dual Aspect Concept)
Explanation:
यह अवधारणा डबल एंट्री सिस्टम की नींव है। लेखांकन समीकरण (संपत्ति = देनदारियां + इक्विटी) इसी से प्राप्त होता है।
70. "वास्तविक खाता" (जैसे, मशीनरी ए/सी) को संतुलित करते समय, शेष राशि होती है:
हमेशा क्रेडिट बैलेंस।
हमेशा डेबिट बैलेंस।
P&L ए/सी में स्थानांतरित।
ट्रेडिंग ए/सी में स्थानांतरित।
Explanation:
वास्तविक खाते संपत्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। किसी संपत्ति का ऋणात्मक मूल्य नहीं हो सकता। इसलिए, डेबिट पक्ष (प्रवाह/मूल्य) हमेशा क्रेडिट पक्ष (बहिर्वाह/बिक्री) से बड़ा या उसके बराबर होता है, जिसके परिणामस्वरूप डेबिट बैलेंस होता है।
71. समाधान के लिए "संशोधित कैश बुक" (Amended Cash Book) पद्धति का उपयोग करते समय, BRS तैयार करने से पहले कैश बुक में किन अंतरों को समायोजित किया जाता है?
सभी अंतर।
समय का अंतर (चेक जारी/जमा किए गए लेकिन क्लियर नहीं हुए)।
बैंक द्वारा पहले से दर्ज किए गए लेनदेन लेकिन कैश बुक में नहीं (जैसे, बैंक शुल्क, प्रत्यक्ष जमा) और कैश बुक त्रुटियां।
बैंक द्वारा की गई गलतियाँ।
Explanation:
इस पद्धति में, बैंक शुल्क, ब्याज आदि जैसी वस्तुओं के लिए कैश बुक बैलेंस को पहले अपडेट किया जाता है, जिसे बैंक पहले ही पास कर चुका है। BRS तब केवल समय के अंतर (चेक जारी/जमा) के लिए तैयार किया जाता है।
72. मूल्यह्रास की "सिंकिंग फंड विधि" (Sinking Fund Method) क्या सुनिश्चित करती है?
कर न्यूनतम किया जाता है।
मूल्यह्रास समान रूप से चार्ज किया जाता है।
संपत्ति का दैनिक पुनर्मूल्यांकन किया जाता है।
संपत्ति के जीवन के अंत में प्रतिस्थापन के लिए धन उपलब्ध है।
Explanation:
इस पद्धति में, मूल्यह्रास राशि को बाहरी प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है। अर्जित ब्याज और वार्षिक प्रावधान जमा होते हैं ताकि संपत्ति को रद्दी होने पर बदलने के लिए पर्याप्त नकदी मिल सके।
73. मुकदमे में मौजूदा संपत्ति के शीर्षक का बचाव (Defend) करने के लिए किए गए कानूनी खर्चों को किस रूप में वर्गीकृत किया गया है?
पूंजीगत व्यय
राजस्व व्यय
व्यक्तिगत व्यय
आस्थगित राजस्व व्यय
Explanation:
यह एक पेचीदा सवाल है। संपत्ति प्राप्त करने के लिए कानूनी लागत पूंजी है। मौजूदा संपत्ति के शीर्षक को बनाए रखने/बचाव करने के लिए कानूनी लागत राजस्व व्यय है, क्योंकि वे संपत्ति की स्थिति के रखरखाव के लिए हैं, सुधार के लिए नहीं।
74. यदि बिल का आहर्ती (स्वीकर्ता) दिवालिया हो जाता है, तो बिल को माना जाता है:
सेवानिवृत्त (Retiring)
नवीनीकृत (Renewed)
अनादरित (Dishonoured)
सम्मानित (Honoured)
Explanation:
दिवालियापन का अर्थ है भुगतान करने में असमर्थता। जब आहर्ती को दिवालिया घोषित किया जाता है, तो बिल को स्वचालित रूप से अनादरित माना जाता है, और धारक आहर्ती की संपत्ति से राशि (लाभांश) का दावा कर सकता है।
75. Ind AS 16 किससे संबंधित है?
कर्मचारी लाभ
संपत्ति, संयंत्र और उपकरण (PPE)
आयकर
पट्टे
Explanation:
Ind AS 16 संपत्ति, संयंत्र और उपकरण (अचल संपत्ति) के लिए लेखांकन उपचार निर्धारित करता है, जिसमें मान्यता, माप और मूल्यह्रास शामिल है।
76. "व्यावसायिक इकाई अवधारणा" (Business Entity Concept) के तहत, मालिक द्वारा निवेशित पूंजी को किस रूप में माना जाता है?
मालिक के प्रति व्यवसाय का दायित्व (Liability)।
व्यवसाय का व्यय।
व्यवसाय की संपत्ति।
व्यवसाय की आय।
Explanation:
चूंकि व्यवसाय और मालिक अलग-अलग संस्थाएं हैं, मालिक द्वारा व्यवसाय को दिया गया पैसा व्यवसाय पर मालिक का दावा है, इसलिए यह एक दायित्व (आंतरिक दायित्व) है।
77. यदि ₹500 के "बिक्री रिटर्न" को गलती से "खरीद खाते" के डेबिट में पोस्ट किया जाता है, तो सकल लाभ (Gross Profit) क्या होगा?
₹500 से कम आंका गया।
₹1000 से कम आंका गया।
सही।
₹500 से अधिक आंका गया।
Explanation:
आइए प्रश्न को स्पष्ट करें: "₹500 की बिक्री को खरीद के रूप में दर्ज किया गया"। बिक्री (क्रेडिट) छूट गई, खरीद (डेबिट) दर्ज की गई। लाभ ₹500 (खरीद) से कम हो जाता है और ₹500 (लापता बिक्री) से कम हो जाता है। कुल ₹1000 से कम आंका गया।
78. निम्नलिखित में से कौन सा KYC के लिए आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज (OVD) नहीं है?
वोटर आईडी
पैन कार्ड
पासपोर्ट
नरेगा जॉब कार्ड
Explanation:
जबकि पैन कई वित्तीय लेनदेन (आयकर उद्देश्य) के लिए अनिवार्य है, यह तकनीकी रूप से KYC मानदंडों में "पते के प्रमाण" के लिए 6 OVDs की सूची में नहीं है क्योंकि इसमें पता नहीं होता है।
79. सावधि ऋण के लिए, खाते को NPA के रूप में वर्गीकृत किया जाता है यदि ब्याज या मूलधन की किस्त निम्न से अधिक अवधि के लिए अतिदेय रहती है:
180 दिन
60 दिन
90 दिन
30 दिन
Explanation:
IRAC मानदंडों के अनुसार, यदि कोई संपत्ति 90 दिनों से अधिक की अवधि के लिए अतिदेय रहती है, तो वह गैर-निष्पादित (Non-Performing) हो जाती है।
80. "नॉन-इंटीग्रल फॉरेन ऑपरेशन" (NIFO) के ट्रायल बैलेंस को परिवर्तित करते समय, संपत्ति और देनदारियों का अनुवाद किस पर किया जाता है?
ऐतिहासिक दर
समापन दर
प्रारंभिक दर
औसत दर
Explanation:
NIFO के लिए, संपत्ति और देनदारियों (मौद्रिक और गैर-मौद्रिक दोनों) का अनुवाद समापन दर पर किया जाता है क्योंकि निवेश को शुद्ध निवेश के रूप में माना जाता है। इंटीग्रल ऑपरेशंस के लिए, गैर-मौद्रिक आइटम ऐतिहासिक दर का उपयोग करते हैं।
81. लेखांकन के "नकद आधार" (Cash Basis) में, बकाया खर्चों (Outstanding expenses) को:
संपत्ति के रूप में दर्ज किया जाता है।
देनदारियों के रूप में दर्ज किया जाता है।
दर्ज नहीं किया जाता है।
व्यय के रूप में दर्ज किया जाता है।
Explanation:
नकद आधार लेनदेन को केवल तभी रिकॉर्ड करता है जब नकदी का प्रवाह होता है। किए गए लेकिन भुगतान नहीं किए गए (बकाया) खर्चों को भुगतान होने तक अनदेखा कर दिया जाता है। उपार्जन आधार उन्हें रिकॉर्ड करता है।
82. आग से माल के नुकसान को किसमें दर्ज किया जाना चाहिए?
सेल्स बुक
परचेज बुक
कैश बुक
जर्नल प्रॉपर
Explanation:
आग या चोरी जैसे असामान्य नुकसान समायोजन प्रविष्टियाँ हैं जो विशेष पत्रिकाओं में फिट नहीं होती हैं। प्रविष्टि: Loss by Fire A/c Dr to Purchase A/c। यह जर्नल प्रॉपर में जाता है।
83. बैंक के साथ छूट दी गई प्राप्य बिल (Bill Receivable) अनादरित हो गया। बैंक ने ग्राहक के खाते से डेबिट कर दिया। यह कैश बुक में दर्ज नहीं किया गया था। समाधान करने के लिए (कैश बुक से शुरू):
राशि जोड़ें।
दोगुनी राशि जोड़ें।
राशि घटाएं।
कुछ न करें।
Explanation:
बैंक ने बैलेंस कम कर दिया है (पासबुक नीचे)। कैश बुक उच्च है। पासबुक से मिलान करने के लिए, कैश बुक से घटाएं।
84. किसी संपत्ति का "उपयोगी जीवन" (Useful Life) है:
संपत्ति का कानूनी जीवन।
संपत्ति का भौतिक जीवन।
वह अवधि जिसके दौरान उद्यम द्वारा उपयोग के लिए संपत्ति के उपलब्ध होने की उम्मीद है।
सभी संपत्तियों के लिए 10 वर्ष।
Explanation:
उपयोगी जीवन एक आर्थिक अनुमान है, जरूरी नहीं कि भौतिक जीवन। एक कंप्यूटर 10 साल (भौतिक) तक काम कर सकता है लेकिन एक तकनीकी कंपनी के लिए केवल 3 साल (आर्थिक) के लिए उपयोगी हो सकता है।
85. ईंधन दक्षता में सुधार करने के लिए इंजन के ओवरहालिंग की लागत है:
पूंजीगत व्यय
हानि
राजस्व व्यय
आस्थगित राजस्व
Explanation:
यदि कोई व्यय भविष्य के आर्थिक लाभों (दक्षता, क्षमता, जीवन) को प्रदर्शन के पहले से मूल्यांकित मानक से परे बढ़ाता है, तो यह पूंजी है।
86. अंततः "नोटिंग शुल्क" (Noting Charges) कौन वहन करता है?
आहर्ती (स्वीकर्ता)
बैंक
धारक
नोटरी
Explanation:
धारक शुरू में नोटरी का भुगतान करता है, लेकिन चूंकि अनादर आहर्ती की गलती थी, इसलिए व्यय आहर्ती से वसूल किया जा सकता है।
87. GAAP का अर्थ है:
सरकारी ऑडिट और खाता प्रक्रियाएं
आम तौर पर स्वीकृत लेखांकन सिद्धांत (Generally Accepted Accounting Principles)
वैश्विक लेखांकन और ऑडिट नीतियां
सामान्य संपत्ति मूल्यांकन सिद्धांत
Explanation:
GAAP लेखांकन सिद्धांतों, मानकों और प्रक्रियाओं के एक सामान्य सेट को संदर्भित करता है जिसका पालन कंपनियों को अपने वित्तीय विवरणों को संकलित करते समय करना चाहिए।
88. पेन की लागत को पूंजीकृत करने के बजाय खर्चों में चार्ज करना (भले ही यह 2 साल तक चलेगा) किसका आवेदन है?
द्विपक्षीय अवधारणा
लागत अवधारणा
भौतिकता अवधारणा (Materiality Concept)
मिलान अवधारणा
Explanation:
यद्यपि पेन एक संपत्ति है, इसकी लागत सारहीन है। इसके मूल्यह्रास को ट्रैक करना प्रयास के लायक नहीं है। इसलिए, भौतिकता इसे खर्च करने की अनुमति देती है।
89. यदि ट्रायल बैलेंस का डेबिट पक्ष ₹500 कम है, और एक सस्पेंस खाता खोला जाता है, तो यह ₹500 कहाँ रखा जाएगा?
सस्पेंस ए/सी के डेबिट पक्ष में
सस्पेंस ए/सी के क्रेडिट पक्ष में
पूंजी ए/सी के डेबिट पक्ष में
बिक्री ए/सी के क्रेडिट पक्ष में
Explanation:
डेबिट कम है। TB को संतुलित करने के लिए, हमें डेबिट पक्ष पर एक आइटम की आवश्यकता है। तो, सस्पेंस ए/सी को ₹500 से डेबिट किया जाता है।
90. समवर्ती ऑडिट (Concurrent Audit) अनिवार्य रूप से है:
वैधानिक ऑडिट।
पोस्टमॉर्टम विश्लेषण।
बैलेंस शीट ऑडिट।
लेनदेन की रीयल-टाइम परीक्षा।
Explanation:
समवर्ती ऑडिट एक सतत ऑडिट है जिसका उद्देश्य लेनदेन में विसंगतियों और अनियमितताओं का पता लगाना है जैसे ही वे होते हैं (या बहुत जल्द), अनुपालन सुनिश्चित करना।
91. "वसूली अवधारणा" (Realization Concept) के अनुसार, लाभ को कब पहचाना जाना चाहिए?
जब माल का उत्पादन होता है।
जब ग्राहक को माल दिया जाता है।
जब एक आदेश प्राप्त होता है।
जब ग्राहक नकद भुगतान करता है।
Explanation:
वसूली आमतौर पर तब होती है जब माल खरीदार को हस्तांतरित किया जाता है, जोखिम और पुरस्कार स्थानांतरित करता है। यह भुगतान प्राप्त करने का कानूनी अधिकार बनाता है।
92. अप्रचलन (Obsolescence) किसके कारण संपत्ति के मूल्य में कमी को संदर्भित करता है?
समय का बीत जाना।
भौतिक उपयोग।
टूट-फूट।
तकनीकी परिवर्तन या सुधार।
Explanation:
अप्रचलन मूल्य की कार्यात्मक हानि है। भले ही कोई मशीन भौतिक रूप से परिपूर्ण हो, लेकिन अगर कोई नई, अधिक कुशल मशीन बाजार में प्रवेश करती है तो वह अप्रचलित हो सकती है।
93. कैश बुक में डेबिट बैलेंस किसके बराबर है?
पास बुक में क्रेडिट बैलेंस।
पास बुक में ओवरड्राफ्ट।
पास बुक में डेबिट बैलेंस।
ऋण खाता।
Explanation:
कैश बुक में डेबिट = संपत्ति (हमारे पास पैसा है)। पास बुक में क्रेडिट = बैंक के लिए दायित्व (बैंक पर हमारा पैसा बकाया है)। वे विपरीत हैं।
94. एक फॉरवर्ड एक्सचेंज कॉन्ट्रैक्ट को किताबों में दर्ज किया जाता है:
अनुबंध की शुरुआत में।
कभी दर्ज नहीं किया गया।
केवल निपटान की तारीख पर।
केवल तभी जब कोई नुकसान हो।
Explanation:
AS 11 के अनुसार, फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स को शुरुआत में दर्ज किया जाना चाहिए। प्रीमियम/छूट को अनुबंध के जीवन पर परिशोधित किया जाता है।
95. विदेशी बिल अक्सर "सेट्स" (आमतौर पर 3 भाग) में क्यों आहरित किए जाते हैं?
मूल्य बढ़ाने के लिए।
पारगमन में देरी या हानि से बचने के लिए।
यह बिना किसी कारण के एक रिवाज है।
तीन अलग-अलग लोगों को भुगतान करने के लिए।
Explanation:
पुर्जे अलग-अलग रास्तों/मेल के जरिए भेजे जाते हैं। जैसे ही एक भाग स्वीकार/भुगतान किया जाता है, अन्य शून्य हो जाते हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
96. Ind AS 109 किससे संबंधित है?
वित्तीय उपकरण
राजस्व मान्यता
पट्टे
समेकित विवरण
Explanation:
Ind AS 109 वित्तीय उपकरणों को कवर करता है: मान्यता, माप, हानि (ECL मॉडल), और हेज लेखांकन।
97. यदि राम के खाते में ₹5000 के बजाय ₹500 डेबिट किए जाते हैं, और श्याम के खाते में ₹5000 के बजाय ₹500 क्रेडिट किए जाते हैं, तो यह है:
सिद्धांत की त्रुटि।
कमीशन की त्रुटि।
क्षतिपूर्ति त्रुटि (Compensating Error)।
चूक की त्रुटि।
Explanation:
डेबिट की कमी (राम में 4500) की भरपाई क्रेडिट की कमी (श्याम में 4500) से की जाती है। ट्रायल बैलेंस अभी भी सहमत होगा।
98. CBS वातावरण में, लेखा परीक्षक मुख्य रूप से किस पर ध्यान केंद्रित करता है?
हर एक वाउचर की पुष्टि करना।
मैनुअल बहीखातों की जाँच करना।
नियंत्रण और सिस्टम-जनित रिपोर्टों का सत्यापन।
प्रतिदिन नकद गिनना।
Explanation:
चूंकि गणनाएं स्वचालित हैं, इसलिए ऑडिट का फोकस सिस्टम द्वारा उत्पन्न आईटी नियंत्रण, पैरामीटर सेटिंग्स और अपवाद रिपोर्ट के परीक्षण पर केंद्रित है।
99. "ऐतिहासिक लागत अवधारणा" (Historical Cost Concept) का अर्थ है कि संपत्ति किस पर दर्ज की जाती है:
परिसमापन मूल्य।
बाजार मूल्य।
पुनर्विक्रय मूल्य।
अधिग्रहण लागत।
Explanation:
संपत्तियों को उन्हें प्राप्त करने के लिए भुगतान की गई कीमत पर दर्ज किया जाता है, न कि उनके बदलते बाजार मूल्यों पर। यह निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।
100. वर्ष के अंत में, "नाममात्र खाते" (व्यय और आय) को किसमें स्थानांतरित करके बंद कर दिया जाता है?
सस्पेंस खाता
बैलेंस शीट
ट्रेडिंग और लाभ और हानि खाता
सीधे पूंजी खाता
Explanation:
नाममात्र खाते अस्थायी होते हैं। लाभ/हानि निर्धारित करने के लिए उन्हें P&L खाते में संक्षेपित किया जाता है, जिसे बाद में पूंजी में जोड़ा जाता है। वास्तविक/व्यक्तिगत खाते बैलेंस शीट में जाते हैं।
101. बैंक द्वारा लिए गए ओवरड्राफ्ट पर ब्याज (कैश बुक में दर्ज नहीं) के कारण पासबुक बैलेंस कैश बुक बैलेंस की तुलना में _____ होगा।
समान
कम
दोगुना
उच्च
Explanation:
लिया गया ब्याज ओवरड्राफ्ट को बढ़ाता है (बैलेंस को अधिक नकारात्मक/कम करता है)। कैश बुक ने इसे रिकॉर्ड नहीं किया है, इसलिए यह बेहतर स्थिति (उच्च/कम नकारात्मक) दिखाता है।
102. अचल संपत्ति की बिक्री पर लाभ किसमें स्थानांतरित किया जाता है?
संपत्ति खाता
लाभ और हानि खाता
पूंजी रिजर्व
मूल्यह्रास खाता
Explanation:
बिक्री पर लाभ एक परिचालन लाभ है (या दृष्टिकोण के आधार पर गैर-परिचालन, लेकिन राजस्व प्रकृति) और P&L खाते में जमा किया जाता है।
103. कंपनी के गठन के लिए किए गए "प्रारंभिक व्यय" (Preliminary Expenses) को किस रूप में माना जाता है?
चालू संपत्ति
राजस्व व्यय
दायित्व
पूंजीगत व्यय (अमूर्त संपत्ति/आस्थगित)
Explanation:
ये इकाई को अस्तित्व में लाने के लिए लागत हैं। उन्हें आमतौर पर पूंजीकृत किया जाता है या आस्थगित राजस्व व्यय के रूप में माना जाता है और एक अवधि में बट्टे खाते में डाल दिया जाता है।
104. एक पृष्ठांकन जहां पृष्ठांकनकर्ता पृष्ठांकिती को निर्दिष्ट किए बिना केवल अपना नाम हस्ताक्षर करता है, कहलाता है:
कोरा पृष्ठांकन (Endorsement in Blank)
पूर्ण पृष्ठांकन
प्रतिबंधात्मक पृष्ठांकन
दायित्व रहित पृष्ठांकन
Explanation:
कोरा पृष्ठांकन बिल को बियरर लिखत में बदल देता है, जो केवल डिलीवरी द्वारा हस्तांतरणीय है।
105. Ind AS 7 के तहत, गैर-वित्तीय उद्यम द्वारा भुगतान किए गए ब्याज को किस रूप में वर्गीकृत किया गया है?
वित्तपोषण गतिविधि
परिचालन गतिविधि
असाधारण गतिविधि
निवेश गतिविधि
Explanation:
भुगतान किया गया ब्याज वित्त प्राप्त करने की लागत है। इसलिए, गैर-वित्तीय फर्मों के लिए, यह एक वित्तपोषण गतिविधि है। (बैंकों के लिए, यह परिचालन है)।
106. "लेखांकन अवधि अवधारणा" (Accounting Period Concept) सुझाव देती है कि व्यवसाय के जीवन को:
मालिक पर निर्भर होना चाहिए।
हर 5 साल में समाप्त होना चाहिए।
अनंत होना चाहिए।
प्रदर्शन के माप के लिए उपयुक्त खंडों (आमतौर पर 1 वर्ष) में विभाजित किया जाना चाहिए।
Explanation:
समय पर जानकारी प्रदान करने के लिए, रिपोर्टिंग के लिए व्यवसाय के अनिश्चित जीवन को छोटी अवधि (आमतौर पर 12 महीने) में काट दिया जाता है।
107. अंतिम खाते तैयार करने के बाद पाई गई त्रुटियों को किसका उपयोग करके सुधारा जाता है?
उन्हें सुधारा नहीं जा सकता।
लाभ और हानि समायोजन खाता।
पूंजी खाता समायोजन।
केवल सस्पेंस खाता।
Explanation:
चूंकि पिछले वर्ष के लिए P&L बंद है, इसलिए किसी भी नाममात्र खाता सुधार को अब चालू वर्ष P&L को शुद्ध रखने के लिए P&L समायोजन के माध्यम से जाना चाहिए।
108. बैंकिंग में, "वैल्यू डेट" (Value Date) का तात्पर्य है:
खाता खोलने की तारीख।
चेक की तारीख।
वह तारीख जिस पर लेनदेन सिस्टम में दर्ज किया जाता है।
प्रभावी तिथि जिससे ब्याज उपार्जन शुरू होता है।
Explanation:
कभी-कभी प्रवेश तिथि और वैल्यू डेट भिन्न होती है। ब्याज गणना के लिए, वैल्यू डेट मायने रखती है।
109. जोखिम आधारित आंतरिक ऑडिट (RBIA) किस पर केंद्रित है?
केवल नकदी की जाँच करना।
उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों और जोखिम प्रबंधन प्रणालियों की प्रभावशीलता की जाँच करना।
स्टाफ की उपस्थिति की जाँच करना।
100% लेनदेन की जाँच करना।
Explanation:
RBIA लेनदेन परीक्षण से जोखिम प्रक्रिया परीक्षण पर ध्यान केंद्रित करता है। यह अंतर्निहित उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देता है।
110. "अंतर-कार्यालय समायोजन" खातों में असंबद्ध प्रविष्टियाँ (Unreconciled entries) बैंकों के लिए एक प्रमुख जोखिम क्षेत्र हैं क्योंकि:
वे धोखाधड़ी या हेराफेरी छिपा सकते हैं।
वे कर कम करते हैं।
वे RBI द्वारा आवश्यक हैं।
वे लाभ बढ़ाते हैं।
Explanation:
यदि शाखा A शाखा B को डेबिट करती है, और शाखा B क्रेडिट नहीं करती है, तो पैसा निकाला जा सकता है। लंबी बकाया प्रविष्टियाँ नियंत्रण विफलता का सुझाव देती हैं।
111. यदि कोई व्यवसाय बैंक से ₹10,000 उधार लेता है, तो यह लेखांकन समीकरण को कैसे प्रभावित करता है?
संपत्ति बढ़ती है, दायित्व बढ़ते हैं।
कोई बदलाव नहीं।
संपत्ति घटती है, दायित्व घटते हैं।
संपत्ति बढ़ती है, पूंजी बढ़ती है।
Explanation:
नकद (संपत्ति) आती है (+10,000), और बैंक ऋण (दायित्व) बनाया जाता है (+10,000)। समीकरण संतुलित होता है।
112. ग्राहकों द्वारा लौटाया गया माल किसमें दर्ज किया जाता है?
जर्नल प्रॉपर
परचेज रिटर्न बुक
सेल्स रिटर्न बुक
कैश बुक
Explanation:
क्रेडिट पर बेचे गए माल की वापसी आवक (सेल्स रिटर्न) यहां दर्ज की जाती है।
113. बैंक ने स्थायी निर्देश के अनुसार बीमा प्रीमियम का भुगतान किया। यह कैश बुक में दर्ज नहीं किया गया था। पासबुक बैलेंस के साथ शुरू होने वाले BRS में, क्या करना है?
राशि घटाएं।
इनमें से कोई नहीं।
अनदेखा करें।
राशि जोड़ें।
Explanation:
शुरुआत: पासबुक (कम क्योंकि भुगतान किया गया)। लक्ष्य: कैश बुक (उच्च क्योंकि भुगतान दर्ज नहीं किया गया)। शुरुआत से लक्ष्य तक पहुँचने के लिए, हमें जोड़ना होगा।
114. मूल्यह्रास की "पुनर्मूल्यांकन विधि" (Revaluation Method) किसके लिए सबसे उपयुक्त है?
पेटेंट
ढीले औजार (Loose Tools) और पशुधन
संयंत्र और मशीनरी
भूमि और भवन
Explanation:
औजारों जैसी छोटी वस्तुओं के लिए जहां व्यक्तिगत ट्रैकिंग कठिन है, उनका साल के अंत में पुनर्मूल्यांकन किया जाता है, और अंतर को मूल्यह्रास के रूप में माना जाता है।
115. खरीद के समय पहली बार किसी इमारत की सफेदी (Whitewashing) करना है:
आस्थगित राजस्व व्यय
राजस्व व्यय
पूंजीगत व्यय
सामान्य व्यय
Explanation:
पुरानी संपत्ति को उपयोग करने योग्य स्थिति में लाने के लिए खर्च (पहली मरम्मत/सफेदी) को पूंजीकृत किया जाता है। बाद की सफेदी राजस्व है।
116. एक आवास बिल में, यदि X, Y पर एक बिल आहरित करता है, और वे आय साझा करते हैं, तो छूट शुल्क (Discount charge) कौन वहन करता है?
केवल X
बैंक
केवल Y
साझा की गई आय के अनुपात में X और Y
Explanation:
चूंकि दोनों निधियों से लाभान्वित होते हैं, निधियों की लागत (छूट) उसी अनुपात में साझा की जाती है जैसे आय।
117. क्या NBFCs को Ind AS का पालन करना आवश्यक है?
हाँ, यदि उनका नेट वर्थ ₹500 करोड़ या उससे अधिक (चरण I) या ₹250 करोड़ या उससे अधिक (चरण II) है।
हाँ, सभी NBFCs।
नहीं, वे केवल RBI मानदंडों का पालन करते हैं।
नहीं, वे IFRS का पालन करते हैं।
Explanation:
MCA ने कॉरपोरेट्स के समान, नेट वर्थ के आधार पर चरणों में NBFCs के लिए Ind AS अनिवार्य किया।
118. "प्रपत्र पर पदार्थ" (Substance over Form) का तात्पर्य है कि:
यदि वे अलग हैं तो आर्थिक वास्तविकता को कानूनी रूप पर हावी होना चाहिए।
लिखित अनुबंध ही एकमात्र प्रमाण हैं।
खातों का प्रारूप सबसे महत्वपूर्ण है।
कानूनी रूप आर्थिक वास्तविकता से अधिक महत्वपूर्ण है।
Explanation:
उदाहरण: एक वित्त पट्टे में, पट्टेधारी संपत्ति को रिकॉर्ड करता है भले ही कानूनी शीर्षक पट्टेदार के पास हो, क्योंकि वास्तव में/हकीकत में, पट्टेधारी इसका उपयोग करता है।
119. यदि अंतिम खातों से पहले सस्पेंस खाता साफ़ नहीं किया जाता है, तो इसे कहाँ दिखाया जाता है?
ट्रेडिंग खाता।
बैलेंस शीट (शेष राशि के आधार पर संपत्ति या दायित्व पक्ष)।
पूंजी खाता।
इसे P&L में बट्टे खाते में डाल दिया जाता है।
Explanation:
सस्पेंस त्रुटियों का प्रतिनिधित्व करता है। जब तक नहीं मिल जाता, यह बैलेंस शीट में वास्तविक शेष के रूप में रहता है।
120. एक "सिस्टम ऑडिट" मूल्यांकन करता है:
कर्मचारियों का व्यवहार।
बहीखातों की गणितीय सटीकता।
शाखाओं की लाभप्रदता।
IT नियंत्रण और बुनियादी ढांचे की पर्याप्तता और प्रभावशीलता।
Explanation:
CBS पर बैंकों की निर्भरता को देखते हुए, सिस्टम ऑडिट सुरक्षा, डेटा अखंडता और IT शासन की जाँच करता है।
121. यदि "क्लोजिंग स्टॉक" (Closing Stock) ट्रायल बैलेंस के अंदर दिखाई देता है, तो इसे किसमें दिखाया जाता है?
लाभ और हानि खाता (क्रेडिट पक्ष)।
केवल ट्रेडिंग खाता (क्रेडिट पक्ष)।
ट्रेडिंग खाता (क्रेडिट पक्ष) और बैलेंस शीट (संपत्ति पक्ष)।
केवल बैलेंस शीट (संपत्ति पक्ष)।
Explanation:
यदि क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के अंदर दिखाई देता है, तो इसका मतलब है कि इसे पहले ही खरीद (बेचे गए माल की लागत) के खिलाफ समायोजित किया जा चुका है। इसलिए, इसे ट्रेडिंग खाते में नहीं दिखाया जाता है, बल्कि केवल बैलेंस शीट में संपत्ति के रूप में दिखाया जाता है।
122. कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 52 के अनुसार, "प्रतिभूति प्रीमियम खाते" (Securities Premium Account) का उपयोग किसके लिए नहीं किया जा सकता है?
प्रारंभिक खर्चों को बट्टे खाते में डालना।
वरीयता शेयरों के मोचन पर देय प्रीमियम के लिए प्रावधान करना।
शेयरधारकों को लाभांश का वितरण।
पूर्ण चुकता बोनस शेयर जारी करना।
Explanation:
प्रतिभूति प्रीमियम एक पूंजी प्राप्ति है और इसका उपयोग बोनस शेयर या खर्चों को बट्टे खाते में डालने जैसे विशिष्ट उपयोगों के लिए प्रतिबंधित है। इसे नकद लाभांश वितरित करने के लिए मुक्त भंडार (free reserves) के रूप में नहीं माना जा सकता है।
123. बैंक की बैलेंस शीट में, "गैर-बैंकिंग संपत्ति" (Non-Banking Assets) आइटम क्या दर्शाता है?
अन्य कंपनियों के शेयरों में निवेश।
RBI के पास रखी नकदी।
बैंक में उपयोग किए जाने वाले फर्नीचर और कंप्यूटर जैसी संपत्ति।
दावों की संतुष्टि में अधिग्रहित अचल संपत्तियां (जैसे, चूककर्ताओं से)।
Explanation:
बैंकिंग विनियमन अधिनियम के तहत, बैंक 7 साल से अधिक समय तक अचल संपत्ति (स्वयं के उपयोग को छोड़कर) नहीं रख सकते हैं। ऋण वसूलने के लिए चूककर्ताओं से अधिग्रहित संपत्तियों को "गैर-बैंकिंग संपत्ति" कहा जाता है।
124. कैश फ्लो स्टेटमेंट तैयार करने की "अप्रत्यक्ष विधि" (Indirect Method) में, शुद्ध लाभ में "मूल्यह्रास" (Depreciation) को वापस क्यों जोड़ा जाता है?
क्योंकि यह एक गैर-नकद व्यय है जिसने लाभ को कम कर दिया लेकिन नकदी को कम नहीं किया।
क्योंकि यह एक गैर-परिचालन आय है।
क्योंकि यह एक नकदी प्रवाह (inflow) है।
कर देयता की गणना करने के लिए।
Explanation:
मूल्यह्रास एक लेखा प्रविष्टि है, न कि नकद बहिर्वाह। चूंकि शुद्ध लाभ तक पहुंचने के लिए इसे घटाया गया था, इसलिए वास्तविक "परिचालन से नकदी प्रवाह" खोजने के लिए इसे वापस जोड़ा जाना चाहिए।
125. जब शेयर जब्त (Forfeited) किए जाते हैं, तो शेयर पूंजी खाते को किससे डेबिट किया जाता है?
शेयरों का चुकता मूल्य (Paid-up Value)।
शेयरों का मांगा गया मूल्य (Called-up Value)।
शेयरों का अंकित मूल्य (Face Value)।
शेयरों का बाजार मूल्य।
Explanation:
शेयरधारक की देयता मांगी गई राशि तक सीमित है। जब्त करते समय, हम अब तक बनाई गई पूंजी को उलट देते हैं, जो कि मांगा गया मूल्य है (जरूरी नहीं कि पूरा अंकित मूल्य हो यदि अंतिम कॉल नहीं की गई है)।
126. CBS वातावरण में, अंतर-शाखा (Inter-Branch) लेनदेन का मिलान कैसे किया जाता है?
सिस्टम द्वारा रीयल-टाइम और स्वचालित रूप से।
अंतर-शाखा समाधान (IBR) विभाग के माध्यम से।
उन्हें मिलान की आवश्यकता नहीं है।
महीने के अंत में मैन्युअल रूप से।
Explanation:
विरासत प्रणालियों के विपरीत जहां IBR एक बड़ा मैनुअल कार्य था, CBS एक केंद्रीय डेटाबेस का उपयोग करता है। शाखा A में डेबिट और शाखा B में क्रेडिट केंद्रीय सर्वर में एक साथ होता है, जिससे स्वचालित रीयल-टाइम मिलान सुनिश्चित होता है।
127. बैंक की बैलेंस शीट में "स्वीकृतियां, पृष्ठांकन और अन्य दायित्व" कहां दिखाए जाते हैं?
"अन्य दायित्व और प्रावधान" (अनुसूची 5) के तहत।
केवल फुटनोट के रूप में।
"आकस्मिक दायित्व" (अनुसूची 12) के रूप में।
"अग्रिम" (अनुसूची 9) के तहत।
Explanation:
ये ऑफ-बैलेंस शीट आइटम हैं जहां बैंक के पास संभावित दायित्व (जैसे, क्रेडिट पत्र, गारंटी) है जो केवल तभी स्पष्ट होगा जब ग्राहक चूक करता है। उन्हें अनुसूची 12 में रिपोर्ट किया गया है।
128. एक कंपनी अपने स्वयं के शेयरों को वापस खरीद (Buy back) सकती है:
कार्यशील पूंजी ऋण।
उसी प्रकार के शेयरों के निर्गम की आय।
मुक्त भंडार, प्रतिभूति प्रीमियम, या शेयरों के नए निर्गम की आय (उसी प्रकार के अलावा)।
बैंकों से उधार।
Explanation:
कंपनी अधिनियम की धारा 68 *उसी प्रकार* के शेयरों के पहले के निर्गम की आय का उपयोग करके बायबैक को प्रतिबंधित करती है। यह मुक्त भंडार या प्रतिभूति प्रीमियम का उपयोग करने की अनुमति देता है।
129. यदि समायोजन (ट्रायल बैलेंस के बाहर) में "बैड डेट्स के लिए प्रावधान" दिया गया है, तो इसमें शामिल है:
केवल P&L खाते को डेबिट करना।
केवल देनदारों से घटाना।
P&L खाते को डेबिट करना और बैलेंस शीट में देनदारों से घटाना।
P&L खाते को डेबिट करना और देनदारों को क्रेडिट करना।
Explanation:
समायोजन का दोहरा प्रभाव होता है। 1. व्यय बनाएँ (डेबिट P&L)। 2. संपत्ति मूल्य कम करें (बैलेंस शीट में विविध देनदारों से घटाएं)।
130. निम्नलिखित में से कौन सा "वित्तपोषण गतिविधि से नकदी प्रवाह" है?
निवेश पर प्राप्त ब्याज।
मशीनरी की बिक्री।
आपूर्तिकर्ताओं को नकद भुगतान।
शेयरधारकों को भुगतान किया गया लाभांश।
Explanation:
वित्तपोषण गतिविधियां पूंजी और ऋण संरचना से संबंधित हैं। लाभांश का भुगतान मालिकों को पूंजी पर वापसी है, इसलिए वित्तपोषण। (प्राप्त ब्याज निवेश है; आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान परिचालन है)।
131. कंपनी द्वारा "बकाया कॉल" (Calls in Arrears) पर अधिकतम किस दर से ब्याज लिया जा सकता है?
10% प्रति वर्ष
5% प्रति वर्ष
12% प्रति वर्ष
6% प्रति वर्ष
Explanation:
कंपनी अधिनियम, 2013 की तालिका F के अनुसार, बकाया कॉल पर लिया जाने वाला अधिकतम ब्याज दर 10% प्रति वर्ष है। (अग्रिम कॉल के लिए, यह 12% प्रति वर्ष है)।
132. गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPAs) के लिए प्रावधान बैंक के लाभ और हानि खाते में किस आइटम में डेबिट किया जाता है?
परिचालन व्यय
प्रावधान और आकस्मिकताएं
अन्य आय
ब्याज व्यय
Explanation:
फॉर्म बी (बैंक का पी एंड एल खाता) में, "प्रावधान और आकस्मिकताएं" नामक एक विशिष्ट शीर्ष होता है जहां एनपीए, कर और निवेश में कमी के लिए प्रावधान दर्ज किए जाते हैं।
133. यदि "बकाया मजदूरी" (Wages Outstanding) ट्रायल बैलेंस के अंदर दी गई है, तो अंतिम खातों में इसका इलाज कैसे किया जाता है?
ट्रेडिंग ए/सी में मजदूरी में जोड़ा गया और देनदारियों में दिखाया गया।
बैलेंस शीट के केवल देनदारियों पक्ष में दिखाया गया।
अनदेखा किया गया।
केवल ट्रेडिंग खाते में दिखाया गया।
Explanation:
ट्रायल बैलेंस के अंदर की वस्तुओं को पहले ही जर्नलाइज किया जा चुका है। टीबी में बकाया मजदूरी का मतलब है कि प्रविष्टि (मजदूरी ए/सी डेबिट से बकाया मजदूरी ए/सी) पहले ही पारित हो चुकी है। इसलिए, इसे केवल बैलेंस शीट में दायित्व के रूप में जाने की आवश्यकता है।
134. कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार, एक कंपनी केवल किस मामले में छूट (Discount) पर शेयर जारी कर सकती है?
आईपीओ।
स्वेट इक्विटी शेयर।
राइट्स इश्यू।
निजी प्लेसमेंट।
Explanation:
धारा 53 छूट पर शेयर जारी करने पर रोक लगाती है, जिसका एकमात्र अपवाद "स्वेट इक्विटी शेयर" है जो कर्मचारियों/निदेशकों को तकनीकी जानकारी या आईपी अधिकारों (धारा 54) के लिए जारी किए जाते हैं।
135. किस लेखा मानक के तहत लेवल I उद्यमों के लिए कैश फ्लो स्टेटमेंट अनिवार्य है?
AS 1
AS 3
AS 10
AS 2
Explanation:
AS 3 कैश फ्लो स्टेटमेंट के लिए प्रारूप और आवश्यकताओं को निर्धारित करता है। (संबंधित Ind AS Ind AS 7 है)।
136. बैंक की बैलेंस शीट में, SLR आवश्यकताओं के हिस्से के रूप में रखे गए "सोने" को किसके तहत वर्गीकृत किया गया है?
निवेश (Investments)।
RBI के पास नकदी और शेष।
अचल संपत्ति।
अन्य संपत्ति।
Explanation:
अनुसूची 8 (निवेश) में सरकारी प्रतिभूतियों, शेयरों, डिबेंचर और सोने में निवेश शामिल हैं। इसे नकद नहीं माना जाता है।
137. जब शेयर आवेदन पेश किए गए शेयरों की संख्या से अधिक हो जाते हैं, और शेयरों को आवेदकों को आनुपातिक रूप से आवंटित किया जाता है, तो इसे क्या कहा जाता है?
छूट आवंटन
तरजीही आवंटन
प्रीमियम आवंटन
यथानुपात आवंटन (Pro-rata Allotment)
Explanation:
यथानुपात आवंटन में एक अनुपात (जैसे, लागू किए गए प्रत्येक 3 के लिए 2 शेयर) में शेयर आवंटित करना शामिल है जब ओवरसब्सक्रिप्शन होता है, यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक आवेदक को कुछ मिले।
138. बैलेंस शीट में संपत्ति और देनदारियों को एक विशिष्ट क्रम में व्यवस्थित करना क्या कहलाता है?
समूहन
पोस्टिंग
बैलेंसिंग
मार्शलिंग (Marshalling)
Explanation:
मार्शलिंग संपत्ति और देनदारियों की व्यवस्था है या तो तरलता के क्रम में (सबसे अधिक तरल पहले) या स्थायित्व (सबसे स्थायी पहले) के क्रम में।
139. CBS में, "डे एंड" प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि:
पुस्तकों को संतुलित करने के बाद सिस्टम की तारीख अगले कार्य दिवस में बदल जाती है।
कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किया जाता है।
सभी एटीएम बंद हैं।
कोई और ग्राहक शाखा में प्रवेश नहीं कर सकता है।
Explanation:
दिन का अंत (EOD) प्रक्रिया लेनदेन को मान्य करती है, GL बैलेंस की जांच करती है, यदि देय हो तो ब्याज की गणना करती है, और तार्किक रूप से सिस्टम तिथि को आगे बढ़ाती है।
140. जब जब्त किए गए शेयरों को फिर से जारी किया जाता है, तो फिर से जारी करने पर छूट किससे अधिक नहीं हो सकती है?
उन शेयरों पर पहले प्राप्त (जब्त) राशि।
मांगा गया मूल्य।
अंकित मूल्य का 10%।
अंकित मूल्य।
Explanation:
फिर से जारी करने पर नुकसान (छूट) उन विशिष्ट शेयरों के लिए पहले से एकत्र की गई राशि (जब्ती पर लाभ) से अधिक नहीं हो सकता है। यह सुनिश्चित करता है कि पूंजी बरकरार रहे।
141. बैंक की बैलेंस शीट में, "चांदी" बुलियन को किसके तहत वर्गीकृत किया गया है?
अचल संपत्ति।
RBI के पास नकदी और शेष।
निवेश।
अन्य संपत्ति।
Explanation:
सोने (जो एक निवेश है) के विपरीत, चांदी को आमतौर पर अनुसूची 11: बैंकिंग बैलेंस शीट प्रारूप में "अन्य संपत्ति" के तहत वर्गीकृत किया जाता है।
142. डिबेंचर का मोचन (Redemption) किसका परिणाम है?
परिचालन गतिविधि से नकदी प्रवाह।
निवेश गतिविधि से नकदी बहिर्वाह।
वित्तपोषण गतिविधि से नकदी प्रवाह।
वित्तपोषण गतिविधि से नकदी बहिर्वाह।
Explanation:
मोचन का मतलब है कर्ज चुकाना। इसमें नकदी का बाहर जाना (बहिर्वाह) शामिल है और यह पूंजी संरचना (वित्तपोषण) से संबंधित है।
143. समायोजन में दिखाई देने वाली "उपार्जित आय" (Accrued Income) को बैलेंस शीट में किस रूप में दिखाया जाता है?
पूंजी से कटौती।
इसे बैलेंस शीट में नहीं दिखाया गया है।
एक दायित्व।
एक संपत्ति।
Explanation:
उपार्जित आय वह आय है जो अर्जित की गई है लेकिन अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। यह एक प्राप्य है, इसलिए एक चालू संपत्ति है।
144. किस प्रकार के वरीयता शेयरों (Preference Shares) को चालू वर्ष में भुगतान न किए जाने पर भविष्य के मुनाफे से लाभांश का बकाया प्राप्त करने का अधिकार होता है?
भाग लेने वाले वरीयता शेयर
परिवर्तनीय वरीयता शेयर
संचयी वरीयता शेयर (Cumulative)
मोचन योग्य वरीयता शेयर
Explanation:
संचयी वरीयता शेयरों में, अवैतनिक लाभांश जमा होते हैं और इक्विटी शेयरधारकों को किसी भी लाभांश का भुगतान करने से पहले भुगतान किया जाना चाहिए।
145. पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) की गणना इस प्रकार की जाती है:
कुल पूंजी / कुल जमा
शुद्ध लाभ / कुल संपत्ति
(टियर I कैपिटल + टियर II कैपिटल) / जोखिम भारित संपत्ति
(टियर I कैपिटल + टियर II कैपिटल) / कुल संपत्ति
Explanation:
CRAR एक बैंक की पूंजी को उसके जोखिम के खिलाफ मापता है। हर (denominator) जोखिम भारित संपत्ति (RWA) है, कुल संपत्ति नहीं।
146. यदि कोई बैंक CBS में विशिष्ट ब्याज दर संरचना के साथ एक नया जमा उत्पाद पेश करना चाहता है, तो यह किसके माध्यम से किया जाता है?
प्रत्येक ग्राहक के लिए मैन्युअल रूप से ब्याज की गणना करना।
C++ में नया कोड लिखना।
नया हार्डवेयर खरीदना।
पैरामीटराइजेशन / मास्टर सेटअप।
Explanation:
CBS मापदंडों द्वारा संचालित होता है। कोर सॉफ्टवेयर कोड को बदले बिना, सिस्टम मास्टर में मापदंडों (नियमों) को परिभाषित करके नए उत्पाद बनाए जाते हैं।
147. निम्नलिखित में से किसे "नकद समतुल्य" (Cash Equivalent) माना जाता है?
शेयरों में निवेश।
इन्वेंट्री।
3 महीने या उससे कम की परिपक्वता वाले ट्रेजरी बिल।
मशीनरी।
Explanation:
नकद समतुल्य अल्पकालिक, अत्यधिक तरल निवेश हैं जो आसानी से नकदी की ज्ञात मात्रा में परिवर्तनीय हैं और मूल्य में परिवर्तन के महत्वपूर्ण जोखिम के अधीन नहीं हैं (आमतौर पर < 3 महीने की परिपक्वता)।
148. एक एकल स्वामित्व (sole proprietor) द्वारा भुगतान किए गए आयकर को किस रूप में माना जाता है?
आहरण/Drawings (पूंजी से कटौती)।
दायित्व।
व्यावसायिक व्यय (P&L में डेबिट)।
संपत्ति।
Explanation:
मालिक का आयकर एक व्यक्तिगत व्यय है, व्यावसायिक व्यय नहीं। इसलिए, इसे आहरण (Drawings) के रूप में माना जाता है और बैलेंस शीट में पूंजी से काटा जाता है।
149. किसी कंपनी की "अधिकृत पूंजी" (Authorized Capital) का तात्पर्य है:
आरक्षित पूंजी।
शेयरधारकों द्वारा वास्तव में भुगतान की गई पूंजी।
जनता को दी जाने वाली पूंजी।
शेयर पूंजी की अधिकतम राशि जिसे कंपनी अपने मेमोरेंडम द्वारा जारी करने के लिए अधिकृत है।
Explanation:
अधिकृत (पंजीकृत) पूंजी MOA में उल्लिखित अधिकतम सीमा है। कंपनी MOA में संशोधन किए बिना इससे अधिक शेयर जारी नहीं कर सकती है।
150. "संग्रह के लिए बिल" (Bills for Collection) बैंक की बैलेंस शीट में किस रूप में दिखाई देता है?
जमा का हिस्सा।
एक फुटनोट (ऑफ-बैलेंस शीट आइटम)।
एक दायित्व।
एक संपत्ति।
Explanation:
संग्रह के लिए बिल एक सेवा है जहां बैंक एजेंट के रूप में कार्य करता है। यह बैंक की न तो संपत्ति है और न ही दायित्व जब तक कि यह वसूल न हो जाए। इसे फुटनोट के रूप में दिखाया जाता है।
151. निम्नलिखित में से किस रिज़र्व का उपयोग पूर्ण चुकता बोनस शेयर जारी करने के लिए नहीं किया जा सकता है?
पुनर्मूल्यांकन रिजर्व (Revaluation Reserve)।
प्रतिभूति प्रीमियम खाता।
पूंजी मोचन रिजर्व (Capital Redemption Reserve)।
सामान्य रिजर्व।
Explanation:
बोनस शेयर मुक्त भंडार, प्रतिभूति प्रीमियम, या पूंजी मोचन रिजर्व से जारी किए जाने चाहिए। पुनर्मूल्यांकन रिजर्व संपत्ति (अवास्तविक लाभ) के पुनर्मूल्यांकन द्वारा बनाया जाता है और कंपनी अधिनियम के अनुसार बोनस शेयर जारी करने के लिए इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है।
152. बैंक की बैलेंस शीट में, "अंतर-कार्यालय समायोजन (शुद्ध)" यदि डेबिट है, तो किसके तहत दिखाया जाता है?
अनुसूची 7 - बैंकों के पास शेष राशि।
अनुसूची 5 - अन्य दायित्व और प्रावधान।
अनुसूची 11 - अन्य संपत्ति।
अनुसूची 9 - अग्रिम।
Explanation:
यदि अंतर-कार्यालय समायोजन का शुद्ध संतुलन डेबिट है, तो यह एक संपत्ति (प्राप्य) का प्रतिनिधित्व करता है और इसे अनुसूची 11 के तहत दिखाया जाता है। यदि यह क्रेडिट है, तो इसे अनुसूची 5 (दायित्व) के तहत दिखाया जाता है।
153. निम्नलिखित में से कौन सा लेनदेन कैश फ्लो स्टेटमेंट में शामिल नहीं है?
नकदी के लिए मशीनरी की खरीद।
इक्विटी शेयरों में डिबेंचर का रूपांतरण।
लाभांश का भुगतान।
नकदी के लिए डिबेंचर जारी करना।
Explanation:
यह एक महत्वपूर्ण गैर-नकद लेनदेन (निवेश/वित्तपोषण) है जहां कोई नकदी इकाई में प्रवेश नहीं करती है या छोड़ती नहीं है। इसका खुलासा नोट्स में किया जाना चाहिए लेकिन कैश फ्लो स्टेटमेंट के मुख्य भाग में नहीं।
154. CBS में, वह मॉड्यूल जो उत्पाद, ब्याज दर और सेवा शुल्क की परिभाषा को संभालता है, उसे आमतौर पर क्या कहा जाता है?
रिपोर्टिंग मॉड्यूल।
लेनदेन प्रसंस्करण मॉड्यूल।
उत्पाद सेटअप / मास्टर रखरखाव मॉड्यूल।
सामान्य खाता बही मॉड्यूल।
Explanation:
यह मॉड्यूल बैंक को नई योजनाओं को पैरामीटराइज करने की अनुमति देता है। यहां परिभाषित ब्याज दरें या शुल्क स्वचालित रूप से उस उत्पाद कोड से जुड़े सभी खातों पर लागू होते हैं।
155. SEBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि किसी कंपनी को इश्यू आकार का न्यूनतम ___ सब्सक्रिप्शन प्राप्त नहीं होता है, तो उसे आवेदन राशि वापस करनी होगी।
75%
90%
50%
100%
Explanation:
न्यूनतम सदस्यता खंड यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी अपनी परियोजना को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन जुटाए। यदि इश्यू का 90% सब्सक्राइब नहीं किया जाता है, तो एकत्र की गई पूरी राशि वापस कर दी जानी चाहिए।
156. साझेदारी फर्म के लिए, भुगतान किए गए आयकर को किस रूप में माना जाता है?
फर्म का व्यय (P&L में डेबिट)।
साझेदारों का आहरण (साझेदारों की पूंजी में डेबिट)।
लाभ का विनियोजन (P&L विनियोग में डेबिट)।
संपत्ति।
Explanation:
यह कंपनियों से अलग है। साझेदारी के लिए, कर फर्म/भागीदारों का व्यक्तिगत दायित्व है, जिसे अक्सर लेखांकन प्रश्नों में आहरण (Drawings) के रूप में माना जाता है।
157. CRR रखरखाव के लिए RBI के पास रखी गई शेष राशि को बैंक की बैलेंस शीट में किसके तहत वर्गीकृत किया गया है?
अनुसूची 8 - निवेश।
अनुसूची 6 - RBI के पास नकदी और शेष।
अनुसूची 7 - बैंकों के पास शेष राशि और कॉल पर पैसा।
अनुसूची 11 - अन्य संपत्ति।
Explanation:
अनुसूची 6 विशेष रूप से हाथ में नकदी और भारतीय रिज़र्व बैंक के पास शेष राशि को कवर करती है। अनुसूची 7 अन्य बैंकों के पास शेष राशि को कवर करती है।
158. भुगतान किए गए आयकर को आमतौर पर परिचालन गतिविधियों से नकदी प्रवाह के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। हालाँकि, यदि कर की विशेष रूप से वित्तपोषण गतिविधि के साथ पहचान की जा सकती है, तो इसे किस रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
वित्तपोषण गतिविधि।
निवेश गतिविधि।
असाधारण आइटम।
अभी भी परिचालन गतिविधि।
Explanation:
Ind AS 7 कहता है कि कर नकदी प्रवाह तब तक परिचालन होना चाहिए जब तक कि उन्हें विशेष रूप से वित्तपोषण या निवेश गतिविधियों के साथ पहचाना न जा सके (जैसे, संपत्ति बेचने से पूंजीगत लाभ पर कर निवेश है)।
159. कंपनियों को लाभांश के लिए उपलब्ध मुनाफे में से "डिबेंचर रिडेम्पशन रिजर्व" (DRR) बनाने की आवश्यकता होती है। RBI के साथ पंजीकृत NBFCs के लिए आवश्यक प्रतिशत क्या है?
किसी DRR की आवश्यकता नहीं है।
बकाया डिबेंचर का 25%।
बकाया डिबेंचर का 50%।
बकाया डिबेंचर का 10%।
Explanation:
MCA के हालिया संशोधनों के अनुसार, बैंकिंग कंपनियों, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों (AIFIs), और RBI के साथ पंजीकृत NBFCs को निजी तौर पर रखे गए डिबेंचर के लिए DRR बनाने से छूट दी गई है।
160. CBS में, यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक लेनदेन बैच के लिए डेबिट का योग क्रेडिट के योग के बराबर है, एक नियंत्रण है जिसे क्या कहा जाता है?
रन-टू-रन टोटल (Run-to-run totals)।
इनपुट सत्यापन।
प्राधिकरण जाँच।
अंक सत्यापन (Check Digit)।
Explanation:
रन-टू-रन टोटल में यह जांचना शामिल है कि नियंत्रण योग (जैसे कुल बैच मूल्य) एक प्रसंस्करण चरण से दूसरे चरण में मेल खाते हैं, डेटा की पूर्णता और सटीकता सुनिश्चित करते हैं।
161. "छूट वाले बिलों पर रिबेट" (Rebate on Bills Discounted) किसका प्रतिनिधित्व करता है?
चालू वर्ष में अर्जित आय।
आय उपार्जित लेकिन प्राप्त नहीं हुई।
अग्रिम प्राप्त आय (असमाप्त छूट)।
डिस्काउंटिंग पर नुकसान।
Explanation:
जब कोई बैंक किसी बिल पर छूट देता है, तो वह पूरी अवधि के लिए ब्याज को अग्रिम रूप से काट लेता है। यदि बिल *अगले* लेखा वर्ष में परिपक्व होता है, तो अगले वर्ष से संबंधित ब्याज का हिस्सा "अग्रिम प्राप्त आय" है और इसे दायित्व (छूट वाले बिलों पर रिबेट) के रूप में दिखाया जाता है।
162. साझेदारों की पूंजी पर ब्याज क्या है?
P&L खाते में डेबिट।
P&L खाते में क्रेडिट।
P&L विनियोग खाते (Appropriation Account) में डेबिट।
ट्रेडिंग खाते में क्रेडिट।
Explanation:
पूंजी पर ब्याज भागीदारों के बीच लाभ का विनियोग है, न कि लाभ के खिलाफ शुल्क। इसलिए, यह P&L विनियोग खाते में दिखाई देता है, मुख्य P&L खाते में नहीं।
163. शेयरों के निर्गम पर देय अंडरराइटिंग कमीशन किससे अधिक नहीं हो सकता है?
निर्गम मूल्य का 2.5%।
निर्गम मूल्य का 5%।
निर्गम मूल्य का 2%।
निर्गम मूल्य का 10%।
Explanation:
कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार, शेयरों पर अधिकतम अंडरराइटिंग कमीशन निर्गम मूल्य का 5% (या आर्टिकल्स द्वारा अधिकृत दर, जो भी कम हो) है। डिबेंचर के लिए, यह 2.5% है।
164. अचल संपत्ति प्राप्त करने के लिए नकद भुगतान को किस रूप में वर्गीकृत किया गया है?
परिचालन गतिविधियां।
असाधारण गतिविधियां।
वित्तपोषण गतिविधियां।
निवेश गतिविधियां।
Explanation:
निवेश गतिविधियों में दीर्घकालिक संपत्ति और नकद समकक्षों में शामिल नहीं किए गए अन्य निवेशों का अधिग्रहण और निपटान शामिल है।
165. "खातों के नोट्स" में, बैंकों को "संपत्ति वर्गीकरण और प्रावधान में विचलन" (Divergence) का खुलासा करना चाहिए यदि RBI द्वारा मूल्यांकन किया गया विचलन इससे अधिक है:
रिपोर्ट किए गए शुद्ध लाभ का 10%।
रिपोर्ट किए गए सकल NPA का 5%।
कोई भी राशि।
रिपोर्ट किए गए शुद्ध लाभ का 15%।
Explanation:
RBI विचलन के प्रकटीकरण को अनिवार्य करता है यदि आवश्यक अतिरिक्त प्रावधान रिपोर्ट किए गए शुद्ध लाभ के 10% से अधिक है या यदि अतिरिक्त सकल NPA रिपोर्ट किए गए सकल NPA के 10% (पहले 15% था) से अधिक है।
166. CBS में केंद्रीकृत प्रसंस्करण (Centralized Processing) का लाभ निम्नलिखित में से कौन सा है?
शाखा सर्वर पर निर्भरता।
धीमी लेनदेन गति।
सभी शाखाओं में ब्याज दरों और शुल्कों का एक समान आवेदन।
शाखाओं में मैनुअल काम में वृद्धि।
Explanation:
चूंकि नियम डेटा सेंटर में केंद्रीय रूप से परिभाषित होते हैं, इसलिए कोई भी परिवर्तन (जैसे दर में कटौती) सभी शाखाओं के सभी खातों पर तुरंत और समान रूप से लागू होता है, जिससे स्थानीय त्रुटियां समाप्त हो जाती हैं।
167. निदेशकों या कर्मचारियों को जारी किए गए स्वेट इक्विटी शेयर (Sweat Equity Shares) किस लॉक-इन अवधि के अधीन हैं?
1 साल
5 साल
कोई लॉक-इन नहीं
3 साल
Explanation:
स्वेट इक्विटी के रूप में जारी किए गए शेयर आवंटन की तारीख से 3 साल की अवधि के लिए गैर-हस्तांतरणीय हैं।
168. "प्रावधान" (Provision) और "रिजर्व" (Reserve) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
दोनों समान हैं।
प्रावधान लाभ के खिलाफ एक शुल्क है (दायित्व को पूरा करने के लिए); रिजर्व लाभ का विनियोग है (वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए)।
प्रावधान मुनाफे से बनाया जाता है; रिजर्व मुनाफे के खिलाफ एक शुल्क है।
रिजर्व ज्ञात दायित्व के लिए है; प्रावधान अज्ञात दायित्व के लिए है।
Explanation:
एक प्रावधान (जैसे, कर के लिए) बनाया जाना चाहिए भले ही नुकसान हो। एक रिजर्व (जैसे, सामान्य रिजर्व) केवल तभी बनाया जाता है जब लाभ हो।
169. एक बैंकिंग कंपनी के लिए, ऋण पर "प्राप्त ब्याज" को किस रूप में वर्गीकृत किया गया है?
असाधारण गतिविधि
वित्तपोषण गतिविधि
परिचालन गतिविधि
निवेश गतिविधि
Explanation:
एक वित्तीय उद्यम (बैंक) के लिए, पैसा उधार देना मुख्य व्यवसाय है। इसलिए, ऋण पर प्राप्त ब्याज एक परिचालन नकद प्रवाह है। (एक गैर-वित्तीय फर्म के लिए, यह निवेश होगा)।
170. अनुसूची 9 (अग्रिम) में, बैंकों को अग्रिमों को किसमें वर्गीकृत करना चाहिए?
खरीदे गए और भुनाए गए बिल, नकद क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट, और सावधि ऋण।
केवल मानक और एनपीए।
केवल अल्पकालिक और दीर्घकालिक।
केवल सुरक्षित और असुरक्षित।
Explanation:
वैधानिक प्रारूप के लिए सुविधा की प्रकृति के अनुसार वर्गीकरण की आवश्यकता होती है: A. खरीदे गए और भुनाए गए बिल, B. नकद क्रेडिट, ओवरड्राफ्ट और मांग पर चुकाने योग्य ऋण, C. सावधि ऋण।
171. कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना (ESOP) के तहत, "वेस्टिंग पीरियड" (Vesting Period) वह अवधि है:
जिसके दौरान शेयर नहीं बेचे जा सकते।
विकल्प के अनुदान और उस तारीख के बीच जब कर्मचारी विकल्प का प्रयोग करने का हकदार हो जाता है।
जिसके भीतर कर्मचारी को शेयर खरीदने होंगे।
कर्मचारी के कंपनी छोड़ने के बाद।
Explanation:
वेस्टिंग शेयरों का अधिकार अर्जित करने की प्रक्रिया है। शेयर खरीदने का अधिकार पाने के लिए कर्मचारी को इस अवधि के दौरान कंपनी की सेवा करनी चाहिए।
172. CBS आर्किटेक्चर में "डिजास्टर रिकवरी साइट" (DR Site) का उपयोग कब किया जाता है?
प्राथमिक डेटा सेंटर (PDC) किसी आपदा के कारण विफल हो जाता है।
शाखा सर्वर धीमा है।
कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
एटीएम नेटवर्क डाउन है।
Explanation:
DR साइट एक अलग भूकंपीय क्षेत्र में स्थित प्राथमिक डेटा सेंटर की प्रतिकृति है। यदि PDC नीचे चला जाता है तो यह व्यवसाय निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए परिचालन संभाल लेता है।
173. "कैपिटल वर्क इन प्रोग्रेस" (CWIP) का तात्पर्य है:
कार्यशील पूंजी ऋण।
कच्चे माल की इन्वेंट्री।
अचल संपत्तियां जो निर्माणाधीन हैं और अभी उपयोग के लिए तैयार नहीं हैं।
शेयरों में निवेश।
Explanation:
निर्माणाधीन भवन या स्थापित की जा रही मशीनरी जैसी संपत्तियों को बैलेंस शीट में CWIP के रूप में दिखाया जाता है जब तक कि उन्हें पूंजीकृत (उपयोग के लिए तैयार) नहीं किया जाता है। CWIP पर मूल्यह्रास नहीं लगाया जाता है।
174. कंपनियों को अपनी बैलेंस शीट किसमें निर्धारित प्रारूप में तैयार करने की आवश्यकता होती है?
कंपनी अधिनियम की अनुसूची I।
बैंकिंग विनियमन अधिनियम की अनुसूची VI।
कंपनी अधिनियम की तालिका A।
कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची III।
Explanation:
अनुसूची III कंपनियों के वित्तीय विवरण तैयार करने के लिए सामान्य निर्देश और प्रारूप (BS के लिए भाग I, P&L के लिए भाग II) प्रदान करती है।
175. बैंक की बैलेंस शीट की अनुसूची 1 किससे संबंधित है?
पूंजी
जमा
उधार
भंडार और अधिशेष
Explanation:
अनुसूचियां तय हैं: 1-पूंजी, 2-भंडार, 3-जमा, 4-उधार, 5-अन्य दायित्व। संपत्ति पक्ष पर: 6-नकद, 7-बैंकों के पास शेष राशि, 8-निवेश, 9-अग्रिम।
176. Ind AS 7 के तहत, मांग पर चुकाने योग्य बैंक ओवरड्राफ्ट को आमतौर पर किस रूप में माना जाता है?
परिचालन गतिविधि।
निवेश गतिविधि।
नकद और नकद समकक्षों का घटक।
वित्तपोषण गतिविधि।
Explanation:
बैंक ओवरड्राफ्ट जो मांग पर चुकाए जाने योग्य हैं और उद्यम के नकदी प्रबंधन का एक अभिन्न अंग हैं, उन्हें नकद और नकद समकक्षों (नकारात्मक नकदी) के घटक के रूप में शामिल किया गया है।
177. डिबेंचर ब्याज का भुगतान किया जाता है:
वरीयता लाभांश का भुगतान करने से पहले।
इक्विटी लाभांश का भुगतान करने के बाद।
भले ही नुकसान हो (लाभ के खिलाफ शुल्क)।
केवल तभी जब लाभ हो।
Explanation:
डिबेंचर पर ब्याज एक ऋण दायित्व है। यह "लाभ के खिलाफ शुल्क" है, जिसका अर्थ है कि इसका भुगतान किया जाना चाहिए चाहे कंपनी को लाभ हो या हानि।
178. पहले बट्टे खाते में डाले गए बैड डेट्स की वसूली को किसमें जमा (Credited) किया जाता है?
बैड डेट्स के लिए प्रावधान।
पूंजी खाता।
बैड डेट्स रिकवर्ड अकाउंट (आय)।
देनदार खाता।
Explanation:
एक बार बट्टे खाते में डालने के बाद, देनदार का खाता बंद कर दिया जाता है। कोई भी बाद की वसूली एक लाभ/आय है और इसे "बैड डेट्स रिकवर्ड ए/सी" में जमा किया जाता है, जो P&L के क्रेडिट पक्ष में जाता है।
179. 3-स्तरीय CBS आर्किटेक्चर में, "एप्लिकेशन सर्वर" किसे संभालता है?
डेटा स्टोरेज (डेटाबेस)।
प्रिंटिंग।
यूजर इंटरफेस (प्रस्तुति)।
व्यावसायिक तर्क और प्रसंस्करण (Business Logic and Processing)।
Explanation:
टियर 1 प्रेजेंटेशन (क्लाइंट) है, टियर 2 एप्लीकेशन (लॉजिक/गणना) है, और टियर 3 डेटाबेस (स्टोरेज) है। एप्लिकेशन सर्वर मुख्य बैंकिंग नियमों को निष्पादित करता है।
180. RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को खातों के अपने नोट्स में "प्रोविजन कवरेज रेशियो" (PCR) का खुलासा करना चाहिए। PCR किसका अनुपात है?
जोखिम संपत्ति के लिए पूंजी।
शुद्ध NPAs के लिए शुद्ध लाभ।
सकल NPAs के लिए रखे गए प्रावधान।
कुल संपत्ति के लिए कुल प्रावधान।
Explanation:
PCR उस कुशन को मापता है जो बैंक के पास अपने खराब ऋणों के खिलाफ है। इसकी गणना (NPAs के लिए रखे गए कुल प्रावधान / सकल NPAs) * 100 के रूप में की जाती है।
181. यदि किसी कंपनी का वर्तमान अनुपात (Current Ratio) वर्तमान में 1.5:1 है, तो निम्नलिखित में से कौन सा लेनदेन इसमें सुधार करेगा?
उधार पर स्टॉक की खरीद।
देनदारों से संग्रह।
नकद के लिए अचल संपत्ति की बिक्री।
चालू दायित्वों का भुगतान।
Explanation:
यदि CR > 1 है, तो चालू संपत्ति (नकद) और चालू दायित्वों (लेनदारों) दोनों को समान राशि से कम करने से अनुपात बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, (150-50)/(100-50) = 100/50 = 2:1 (1.5:1 से सुधरा)।
182. एक "संदिग्ध संपत्ति (D2)" (सुरक्षित हिस्सा) जो 1 वर्ष से अधिक लेकिन 3 वर्ष तक संदिग्ध श्रेणी में रहा है, उसके लिए प्रावधान आवश्यकता क्या है?
25%
15%
40%
100%
Explanation:
सुरक्षित संदिग्ध संपत्तियों के लिए प्रावधान मानदंड: D1 (1 वर्ष तक) = 25%; D2 (1-3 वर्ष) = 40%; D3 (>3 वर्ष) = 100%।
183. एक विनिर्माण कंपनी द्वारा प्राप्त ब्याज और लाभांश को कैश फ्लो स्टेटमेंट में किस रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
परिचालन नकदी प्रवाह
निवेश नकदी प्रवाह
वित्तपोषण नकदी प्रवाह
असाधारण आइटम
Explanation:
गैर-वित्तीय उद्यमों के लिए, प्राप्त ब्याज और लाभांश किए गए निवेश पर रिटर्न हैं, इसलिए उन्हें निवेश गतिविधियों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
184. एक कंपनी एक वर्ष में अपनी चुकता इक्विटी पूंजी के अधिकतम _____ तक स्वेट इक्विटी शेयर जारी कर सकती है।
15%
10%
25%
50%
Explanation:
धारा 54 के तहत, सीमा एक वर्ष में मौजूदा चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 15% या ₹5 करोड़ के निर्गम मूल्य के शेयर, जो भी अधिक हो, है।
185. एक उच्च "स्वामित्व अनुपात" (Proprietary Ratio) क्या दर्शाता है?
लेनदारों के लिए कम जोखिम और मजबूत वित्तीय स्थिति।
ओवर-ट्रेडिंग।
बाहरी ऋण पर उच्च निर्भरता।
लेनदारों के लिए उच्च जोखिम।
Explanation:
स्वामित्व अनुपात = शेयरधारकों की निधि / कुल संपत्ति। उच्च अनुपात का मतलब है कि संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा मालिकों की इक्विटी द्वारा वित्त पोषित है, जो लेनदारों के लिए अधिक सुरक्षा मार्जिन प्रदान करता है।
186. CBS में, "मेकर-चेकर" (Maker-Checker) की अवधारणा क्या है?
एक व्यक्ति सॉफ्टवेयर बनाता है, दूसरा उसका परीक्षण करता है।
ग्राहक अनुरोध करता है, और बैंक इसकी जाँच करता है।
एक व्यक्ति लेनदेन शुरू करता है, और दूसरा उसे अधिकृत करता है।
सिस्टम उपयोगकर्ता के पासवर्ड की स्वचालित रूप से जाँच करता है।
Explanation:
यह धोखाधड़ी और त्रुटि को रोकने के लिए एक मौलिक आंतरिक नियंत्रण तंत्र है। कोई भी एकल कर्मचारी शुरू से अंत तक महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन को पूरा करने में सक्षम नहीं होना चाहिए।
187. कंपनी के खिलाफ दावे जिन्हें ऋण के रूप में स्वीकार नहीं किया गया है, उन्हें किस रूप में दिखाया जाता है?
चालू दायित्व
भंडार
आकस्मिक दायित्व (Contingent Liabilities)
प्रावधान
Explanation:
ये संभावित दायित्व हैं जो भविष्य की घटना (जैसे, अदालती मामला) के परिणाम के आधार पर उत्पन्न हो सकते हैं। इनका खुलासा फुटनोट में किया जाता है।
188. "राइट्स शेयर्स" (Rights Shares) किसको दिए जाने वाले शेयर हैं?
छूट पर आम जनता।
केवल मौजूदा कर्मचारी।
कंपनी के निदेशक।
मौजूदा शेयरधारकों को उनकी हिस्सेदारी के अनुपात में।
Explanation:
कंपनी अधिनियम की धारा 62 के अनुसार, स्वामित्व के कमजोर पड़ने से बचाने के लिए मौजूदा शेयरधारकों को पहले नए शेयर पेश किए जाने चाहिए।
189. निम्नलिखित में से कौन बैंकों द्वारा SLR रखरखाव के लिए पात्र नहीं है?
अप्रभारित अनुमोदित प्रतिभूतियों में निवेश।
हाथ में नकदी।
बाजार मूल्य पर मूल्यवान सोना।
अन्य वाणिज्यिक बैंकों के पास शेष राशि।
Explanation:
SLR परिसंपत्तियों में नकद, सोना और अप्रभारित अनुमोदित प्रतिभूतियां शामिल हैं। अन्य बैंकों के पास शेष राशि SLR के लिए पात्र नहीं है (केवल RBI के पास अतिरिक्त शेष है)।
190. यदि किसी संपत्ति के अनुमानित उपयोगी जीवन को संशोधित किया जाता है, तो परिशोधित मूल्यह्रास योग्य राशि को राजस्व में कैसे चार्ज किया जाना चाहिए:
मूल जीवन पर।
खरीद की तारीख से पूर्वव्यापी रूप से।
चालू वर्ष में तुरंत।
शेष उपयोगी जीवन पर।
Explanation:
उपयोगी जीवन में परिवर्तन लेखांकन अनुमान में परिवर्तन (AS 10) है। प्रभाव संभावित है, शेष बुक वैल्यू को नए शेष जीवन पर फैलाना।
191. "त्वरित संपत्ति" (Quick Assets) की गणना करने के लिए चालू संपत्ति से निम्नलिखित में से किस संपत्ति को बाहर रखा गया है?
अल्पकालिक निवेश।
विविध देनदार।
नकद और बैंक शेष।
इन्वेंट्री (स्टॉक) और प्रीपेड व्यय।
Explanation:
त्वरित अनुपात = (चालू संपत्ति - इन्वेंट्री - प्रीपेड व्यय) / चालू दायित्व। इन्वेंट्री को कम तरल माना जाता है क्योंकि इसे बेचने में समय लगता है।
192. वर्ष के दौरान "व्यापार देय" (लेनदारों) में वृद्धि को कैश फ्लो स्टेटमेंट (अप्रत्यक्ष विधि) में किस रूप में माना जाता है?
निवेश से नकदी प्रवाह।
शुद्ध लाभ से कटौती।
शुद्ध लाभ में जोड़।
वित्तपोषण से नकदी प्रवाह।
Explanation:
चालू देनदारियों (लेनदारों) में वृद्धि का मतलब है कि नकदी बरकरार रखी गई है (भुगतान नहीं किया गया है)। यह कार्यशील पूंजी वित्तपोषण का एक स्रोत है, इसलिए इसे परिचालन से नकदी खोजने के लिए शुद्ध लाभ में वापस जोड़ा जाता है।
193. Ind AS 16 के तहत, PPE की एक वस्तु पर बाद के व्यय को केवल तभी पूंजीकृत किया जाता है यदि:
यह कानून द्वारा अनिवार्य है।
राशि महत्वपूर्ण है।
यह संपत्ति को उसकी मूल स्थिति में पुनर्स्थापित करता है।
यह संपत्ति से भविष्य के आर्थिक लाभों को उसके पहले से मूल्यांकित प्रदर्शन के मानक से परे बढ़ाता है।
Explanation:
मरम्मत जो केवल संपत्ति को बनाए रखती है, राजस्व व्यय हैं। केवल वे जो क्षमता, दक्षता या जीवन को बढ़ाते हैं, पूंजीकृत होते हैं।
194. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के वैधानिक केंद्रीय लेखा परीक्षकों (SCA) की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय।
RBI और C&AG के मार्गदर्शन में बैंक।
बैंक का निदेशक मंडल।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)।
Explanation:
जबकि वास्तविक नियुक्ति पत्र बैंक द्वारा जारी किया जाता है, चयन RBI और नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (C&AG) द्वारा निर्धारित मानदंडों द्वारा कड़ाई से विनियमित होता है।
195. "खरीदे गए और भुनाए गए बिल" बैंक की बैलेंस शीट में किसके तहत दिखाए जाते हैं?
अनुसूची 7 - बैंकों के पास शेष राशि।
अनुसूची 11 - अन्य संपत्ति।
अनुसूची 9 - अग्रिम।
अनुसूची 8 - निवेश।
Explanation:
बिल को डिस्काउंट करना प्रभावी रूप से बिल की सुरक्षा के बदले ग्राहक को पैसा उधार देना है। इसलिए, यह एक अग्रिम (ऋण) है।
196. लाभांश केवल किसमें से घोषित किया जा सकता है?
पुनर्मूल्यांकन रिजर्व।
प्रतिभूति प्रीमियम।
पूंजी मोचन रिजर्व।
चालू वर्ष के लाभ या संचित मुक्त भंडार।
Explanation:
लाभांश कमाई के वितरण का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका भुगतान पूंजी भंडार (जैसे प्रतिभूति प्रीमियम या CRR) या अवास्तविक लाभ (पुनर्मूल्यांकन रिजर्व) से नहीं किया जा सकता है।
197. "ऋण सेवा कवरेज अनुपात" (DSCR) गणना में शामिल हैं:
सकल लाभ / कुल ऋण।
शुद्ध लाभ / ब्याज।
(शुद्ध लाभ + मूल्यह्रास + ब्याज) / (ब्याज + मूलधन की किस्त)।
बिक्री / ऋण।
Explanation:
DSCR ऋण दायित्वों का भुगतान करने की क्षमता को मापता है। अंश (numerator) ऋण सेवा (लाभ + गैर-नकद व्यय + ब्याज) के लिए उपलब्ध परिचालन नकदी प्रवाह का प्रतिनिधित्व करता है, और हर (denominator) ऋण दायित्व है।
198. सेल्स रिटर्न बुक ₹100 से अधिक (Overcast) है। सुधार प्रविष्टि होगी:
डेबिट ग्राहक ए/सी ₹100, क्रेडिट सेल्स रिटर्न ए/सी ₹100।
डेबिट सेल्स रिटर्न ए/सी ₹100, क्रेडिट सस्पेंस ए/सी ₹100।
डेबिट बिक्री ए/सी ₹100, क्रेडिट सस्पेंस ए/सी ₹100।
डेबिट सस्पेंस ए/सी ₹100, क्रेडिट सेल्स रिटर्न ए/सी ₹100।
Explanation:
सेल्स रिटर्न में डेबिट बैलेंस होता है। ओवरकास्ट का मतलब है कि डेबिट टोटल बहुत ज्यादा है। इसे कम करने के लिए, हमें सेल्स रिटर्न को क्रेडिट करना होगा। संबंधित डेबिट सस्पेंस में जाता है।
199. निम्नलिखित में से कौन सा समीकरण गलत है?
दायित्व = संपत्ति - पूंजी
पूंजी = संपत्ति - दायित्व
संपत्ति = दायित्व + पूंजी
संपत्ति + दायित्व = पूंजी
Explanation:
मौलिक लेखांकन समीकरण संपत्ति = दायित्व + पूंजी है। इसलिए, A+L=C गणितीय रूप से गलत है।
200. CBS वातावरण में यूजर आईडी और पासवर्ड साझा करना किसका उल्लंघन करता है?
डेटा वेयरहाउसिंग
डेटा अतिरेक
डेटा माइनिंग
गैर-अस्वीकृति (Non-Repudiation)
Explanation:
गैर-अस्वीकृति सुनिश्चित करती है कि उपयोगकर्ता किसी कार्रवाई को करने से इनकार नहीं कर सकता है। यदि आईडी साझा की जाती है, तो जवाबदेही खो जाती है, और विशिष्ट उपयोगकर्ता को इंगित नहीं किया जा सकता है।
201. स्थायी निर्देशों के अनुसार बैंक द्वारा सीधे भुगतान किए गए बीमा प्रीमियम के परिणामस्वरूप क्या होगा?
पासबुक बैलेंस कैश बुक बैलेंस से कम होना।
कोई अंतर नहीं।
पासबुक क्रेडिट दिखा रहा है।
पासबुक बैलेंस कैश बुक बैलेंस से अधिक होना।
Explanation:
भुगतान बैंक बैलेंस को कम करता है। चूंकि इसे अभी तक कैश बुक में दर्ज नहीं किया गया है, इसलिए कैश बुक बैलेंस अधिक रहता है।
202. देनदारों पर छूट के लिए प्रावधान (Provision for Discount on Debtors) की गणना किस पर की जाती है?
कुल देनदार।
उधार बिक्री।
बैड डेट्स घटाने के बाद देनदार।
बैड डेट्स और बैड डेट्स के लिए प्रावधान घटाने के बाद देनदार।
Explanation:
छूट केवल अच्छे देनदारों को दी जाती है। इसलिए, हम छूट के लिए प्रावधान की गणना करने से पहले बैड डेट्स और संदिग्ध ऋण (प्रावधान) को हटा देते हैं।
203. धारा 52 के तहत प्रतिभूति प्रीमियम का वैध उपयोग निम्नलिखित में से कौन सा है?
बैड डेट्स को बट्टे खाते में डालना।
अपने शेयर वापस खरीदना (Buying back)।
मासिक वेतन का भुगतान।
लाभांश का भुगतान।
Explanation:
प्रतिभूति प्रीमियम का उपयोग इसके लिए किया जा सकता है: बोनस शेयर, प्रारंभिक व्यय को बट्टे खाते में डालना, जारी करने के खर्च/कमीशन को बट्टे खाते में डालना, मोचन पर प्रीमियम के लिए प्रावधान, और शेयरों की पुनर्खरीद।
204. बैंक बैलेंस शीट में, "कॉल और शॉर्ट नोटिस पर पैसा" (Money at Call and Short Notice) किसके तहत दिखाया जाता है?
अनुसूची 7
अनुसूची 9
अनुसूची 8
अनुसूची 6
Explanation:
अनुसूची 7 "बैंकों के पास शेष राशि और कॉल और शॉर्ट नोटिस पर पैसा" को कवर करती है।
205. ब्याज कवरेज अनुपात (Interest Coverage Ratio) की गणना इस प्रकार की जाती है:
शुद्ध लाभ / ब्याज
बिक्री / ब्याज
कुल संपत्ति / ब्याज
EBIT / ब्याज
Explanation:
ब्याज और कर से पहले की कमाई (EBIT) ऋण सेवा के लिए उपलब्ध लाभ का प्रतिनिधित्व करती है। इसे ब्याज व्यय से विभाजित करने पर पता चलता है कि कोई कंपनी कितनी आसानी से ब्याज का भुगतान कर सकती है।
206. आग से स्टॉक के नुकसान के लिए प्राप्त बीमा दावे से उत्पन्न नकदी प्रवाह को किस रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए?
निवेश गतिविधि।
यह दर्ज नहीं है।
वित्तपोषण गतिविधि।
परिचालन गतिविधि (असाधारण आइटम)।
Explanation:
चूंकि स्टॉक का नुकसान परिचालन से संबंधित है, इसलिए बीमा वसूली भी एक परिचालन नकद प्रवाह है, लेकिन इसे असाधारण आइटम के रूप में अलग से खुलासा किया जाना चाहिए।
207. "उत्पादन की इकाई" (Unit of Production) पद्धति के तहत, मूल्यह्रास किस पर आधारित है?
बीता हुआ समय।
प्रतिस्थापन लागत।
उपयोग या आउटपुट।
बाजार मूल्य।
Explanation:
मूल्यह्रास = (लागत - स्क्रैप) * (वर्ष में उत्पादित इकाइयां / कुल अनुमानित जीवन इकाइयां)। यह व्यय को वास्तविक उपयोग से जोड़ता है।
208. वैधानिक लेखा परीक्षक को लॉन्ग फॉर्म ऑडिट रिपोर्ट (LFAR) कब तक जमा करनी होगी?
30 सितंबर
30 जून
30 अप्रैल
31 मार्च
Explanation:
RBI अनिवार्य करता है कि 31 मार्च को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए हर साल 30 जून तक LFAR जमा किया जाना चाहिए।
209. प्रतिभूति प्रीमियम खाते को बैलेंस शीट में किसके तहत दिखाया जाता है?
निवेश
चालू दायित्व
भंडार और अधिशेष (Reserves and Surplus)
शेयर पूंजी
Explanation:
यह एक पूंजी रिजर्व है और इक्विटी और देनदारियों वाले हिस्से में "भंडार और अधिशेष" के तहत समूहीकृत किया जाता है।
210. "मानक संपत्ति" (Standard Assets) (कृषि और SME को प्रत्यक्ष अग्रिम) के लिए मानक प्रावधान दर क्या है?
0.25%
1.00%
0.75%
0.40%
Explanation:
RBI कृषि और SME क्षेत्रों में मानक संपत्तियों के लिए 0.25% प्रावधान अनिवार्य करता है। वाणिज्यिक अचल संपत्ति के लिए, यह अधिक (1% या 0.75%) है। सामान्य अग्रिमों के लिए, यह 0.40% है।
211. "ड्यूपॉन्ट विश्लेषण" (DuPont Analysis) मॉडल के अनुसार, इक्विटी पर रिटर्न (ROE) को तीन घटकों में विघटित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन सा उनमें से एक नहीं है?
चालू अनुपात
शुद्ध लाभ मार्जिन
वित्तीय उत्तोलन (इक्विटी गुणक)
एसेट टर्नओवर अनुपात
Explanation:
ड्यूपॉन्ट विश्लेषण ROE को इसमें तोड़ता है: 1. शुद्ध लाभ मार्जिन (लाभप्रदता), 2. एसेट टर्नओवर (दक्षता), और 3. वित्तीय उत्तोलन (इक्विटी गुणक)। चालू अनुपात एक तरलता अनुपात है, ड्यूपॉन्ट पहचान का हिस्सा नहीं है।
212. बैंक शाखाओं के लिए लॉन्ग फॉर्म ऑडिट रिपोर्ट (LFAR) निम्नलिखित में से किस क्षेत्र को कवर करती है?
केवल विदेशी मुद्रा लेनदेन।
केवल नकद और बैंक शेष।
केवल अग्रिम और NPAs।
संपत्ति की गुणवत्ता, प्रबंधन सूचना प्रणाली, आंतरिक नियंत्रण, और लाभप्रदता।
Explanation:
LFAR एक व्यापक रिपोर्ट है जो शाखा स्तर पर आंतरिक नियंत्रण, संपत्ति की गुणवत्ता, हाउसकीपिंग और MIS की प्रभावकारिता पर टिप्पणी करने के लिए वित्तीय संख्याओं से परे जाती है।
213. विदेशी विनिमय दरों में परिवर्तन से उत्पन्न होने वाले अवास्तविक लाभ और हानि (Unrealized gains and losses) को कैश फ्लो स्टेटमेंट में कैसे माना जाता है?
वे नकदी प्रवाह नहीं हैं लेकिन नकद शेष को समेटने के लिए अलग से दिखाए जाते हैं।
उन्हें परिचालन गतिविधियों के रूप में माना जाता है।
उन्हें निवेश गतिविधियों के रूप में माना जाता है।
उन्हें पूरी तरह से अनदेखा किया जाता है।
Explanation:
अवास्तविक विदेशी मुद्रा लाभ/हानि में वास्तविक नकद आवाजाही शामिल नहीं है। हालांकि, शुरुआती और समापन नकद समकक्षों (विदेशी मुद्रा में आयोजित) से मिलान करने के लिए, विनिमय दर परिवर्तनों के प्रभाव को विवरण के निचले भाग में अलग से रिपोर्ट किया जाता है।
214. वरीयता शेयरों (Preference Shares) को केवल किसमें से भुनाया (Redeemed) जा सकता है?
लाभांश के लिए उपलब्ध लाभ या शेयरों के नए निर्गम की आय।
डिबेंचर के नए निर्गम की आय।
अचल संपत्तियों की बिक्री।
केवल सुरक्षा प्रीमियम खाता।
Explanation:
कंपनी अधिनियम की धारा 55 में कहा गया है कि मोचन या तो वितरण योग्य मुनाफे (CRR बनाना) से या मोचन के उद्देश्य से किए गए शेयरों के नए निर्गम की आय से होना चाहिए।
215. सूचना सुरक्षा नीति का कौन सा घटक यह सुनिश्चित करता है कि डेटा केवल उन लोगों के लिए सुलभ है जो इसे एक्सेस करने के लिए अधिकृत हैं?
अखंडता (Integrity)
गैर-अस्वीकृति (Non-repudiation)
गोपनीयता (Confidentiality)
उपलब्धता (Availability)
Explanation:
सुरक्षा का CIA त्रय गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता के लिए है। गोपनीयता विशेष रूप से केवल अधिकृत कर्मियों तक पहुंच को प्रतिबंधित करने से संबंधित है।
216. यदि कोई संपत्ति बेची जाती है, तो बिक्री मूल्य की तुलना किसके साथ करके बिक्री पर लाभ या हानि की गणना की जाती है?
बाजार मूल्य।
स्क्रैप मूल्य।
बिक्री की तारीख पर बुक वैल्यू (लिखित मूल्य)।
मूल लागत।
Explanation:
लाभ/हानि = शुद्ध बिक्री आय - बिक्री की तारीख पर बुक वैल्यू। मूल लागत के साथ तुलना करना गलत है क्योंकि समय के साथ मूल्यह्रास ने संपत्ति के मूल्य को कम कर दिया है।
217. यदि अगले वित्तीय वर्ष में सिद्धांत की त्रुटि (जैसे, पूंजीगत व्यय को राजस्व माना गया) को सुधारा जाता है, तो लाभ प्रभाव को सही करने के लिए किस खाते का उपयोग किया जाता है?
पूंजी रिजर्व
पूर्व अवधि के आइटम / P&L समायोजन खाता
सस्पेंस खाता
सीधे संपत्ति खाता
Explanation:
चूंकि पिछले वर्ष के नाममात्र खाते बंद हैं, इसलिए लाभ को प्रभावित करने वाले किसी भी समायोजन को चालू वर्ष के परिचालन लाभ को विकृत करने से बचने के लिए लाभ और हानि समायोजन खाते (या पूर्व अवधि के आइटम के रूप में दिखाया जाना चाहिए) के माध्यम से रूट किया जाना चाहिए।
218. "छूट वाले बिलों पर रिबेट" को बैलेंस शीट में दायित्व के रूप में माना जाता है क्योंकि:
यह बैड डेट्स के लिए एक प्रावधान है।
यह बैंक के लिए नुकसान है।
यह RBI को देय राशि है।
यह प्राप्त ब्याज का प्रतिनिधित्व करता है लेकिन अभी तक अर्जित नहीं हुआ है (भविष्य की अवधि की आय)।
Explanation:
बैंक अग्रिम छूट वसूलते हैं। यदि कोई बिल अगले साल परिपक्व होता है, तो अगले साल से संबंधित छूट का हिस्सा "अग्रिम प्राप्त आय" है, जो उपार्जन अवधारणा के अनुसार एक दायित्व है।
219. एक कंपनी का ब्याज कवरेज अनुपात 8 गुना है। यह इंगित करता है:
कंपनी के पास ब्याज का भुगतान करने के लिए अपर्याप्त लाभ है।
कंपनी घाटे में चल रही है।
कंपनी पर उच्च कर्ज है।
कंपनी के पास अपने ब्याज दायित्वों को आराम से कवर करने के लिए पर्याप्त लाभ है।
Explanation:
ब्याज कवरेज अनुपात = EBIT / ब्याज। 8 के अनुपात का मतलब है कि कंपनी ब्याज का भुगतान करने के लिए आवश्यक राशि का 8 गुना कमाती है, जो उच्च शोधन क्षमता और सुरक्षा दिखाती है।
220. क्या प्रतिभूति प्रीमियम खाते का उपयोग "डिबेंचर जारी करने पर छूट" को बट्टे खाते में डालने के लिए किया जा सकता है?
नहीं, कभी नहीं।
हाँ, लेकिन केवल अदालत की अनुमति से।
हाँ।
नहीं, इसका उपयोग केवल बोनस शेयरों के लिए किया जा सकता है।
Explanation:
कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 52 विशेष रूप से "शेयरों या डिबेंचर के किसी भी मुद्दे पर किए गए खर्चों, या भुगतान किए गए कमीशन या दी गई छूट को बट्टे खाते में डालने" को प्रतिभूति प्रीमियम के अनुमत उपयोग के रूप में सूचीबद्ध करती है।
221. एक गैर-वित्तीय कंपनी के लिए, बैंक ऋण पर "भुगतान किया गया ब्याज" (Interest Paid) किस रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
परिचालन गतिविधि
वित्तपोषण गतिविधि
असाधारण गतिविधि
निवेश गतिविधि
Explanation:
ब्याज ऋण (पूंजी) की सर्विसिंग की लागत है। चूंकि ऋण वित्तपोषण गतिविधियां हैं, इसलिए उन पर भुगतान किया गया ब्याज भी एक वित्तपोषण बहिर्वाह है।
222. "समवर्ती ऑडिट" (Concurrent Audit) को "वैधानिक ऑडिट" (Statutory Audit) से क्या अलग करता है?
समवर्ती ऑडिट कानून द्वारा अनिवार्य है; वैधानिक वैकल्पिक है।
समवर्ती ऑडिट लेनदेन की जाँच करता है जैसे वे होते हैं; वैधानिक साल के अंत में एक पोस्ट-फैक्टो सत्यापन है।
समवर्ती ऑडिट प्रतिवर्ष किया जाता है; वैधानिक निरंतर है।
कोई अंतर नहीं है।
Explanation:
समवर्ती का अर्थ है "एक ही समय में होना"। यह रीयल-टाइम जाँच के लिए एक आंतरिक नियंत्रण प्रक्रिया है। वैधानिक ऑडिट वित्तीय विवरणों को प्रमाणित करने के लिए वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद आयोजित की जाने वाली एक कानूनी आवश्यकता है।
223. निम्नलिखित में से कौन बैंकों में "डेटा माइनिंग" का अनुप्रयोग है?
पासबुक प्रिंट करना।
एटीएम कनेक्ट करना।
ब्याज की गणना करना।
पिछले व्यवहार पैटर्न के आधार पर ऋण पर चूक करने की संभावना वाले ग्राहक खंडों की पहचान करना।
Explanation:
डेटा माइनिंग में पैटर्न और संबंधों को खोजने के लिए बड़े डेटासेट का विश्लेषण करना शामिल है। बैंक इसका उपयोग क्रेडिट स्कोरिंग, धोखाधड़ी का पता लगाने और लक्षित विपणन (CRM) के लिए करते हैं।
224. यदि ऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR) 1 से कम है, तो इसका तात्पर्य है:
फर्म अपने वर्तमान ऋण दायित्वों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नकदी उत्पन्न नहीं कर रही है।
फर्म कर्ज मुक्त है।
फर्म के पास अतिरिक्त नकदी है।
फर्म अपने ऋणों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त नकदी उत्पन्न कर रही है।
Explanation:
DSCR < 1 एक खतरे का संकेत है। इसका मतलब है कि परिचालन नकदी प्रवाह ब्याज + मूलधन पुनर्भुगतान को कवर करने के लिए अपर्याप्त है। फर्म डिफ़ॉल्ट हो सकती है जब तक कि वह अधिक उधार न ले या संपत्ति न बेच दे।
225. "वर्षों के अंकों का योग" (SYD) पद्धति का उपयोग करते हुए 5 वर्ष के जीवन के साथ ₹15,000 की लागत वाली संपत्ति के लिए पहले वर्ष के मूल्यह्रास की गणना करें। (स्क्रैप मूल्य = 0)।
₹5,000
₹4,000
₹3,000
₹1,000
Explanation:
अंकों का योग = 1+2+3+4+5 = 15। वर्ष 1 के लिए, शेष जीवन 5 है। भिन्न = 5/15 = 1/3। मूल्यह्रास = 15,000 * 1/3 = ₹5,000।
226. निम्नलिखित में से कौन सा बैंक के लिए "आकस्मिक दायित्व" (Contingent Liability) है?
ग्राहकों की ओर से दी गई गारंटी।
सावधि जमा स्वीकार किया गया।
जमा पर देय ब्याज।
बचत जमा।
Explanation:
जमा वास्तविक देनदारियां हैं (अनुसूची 3)। गारंटी केवल तभी देनदारियां बनती हैं जब ग्राहक चूक करता है। इसलिए, वे आकस्मिक दायित्व हैं (अनुसूची 12)।
227. किसी भी वित्तीय वर्ष में शेयरों की पुनर्खरीद की अधिकतम सीमा कंपनी की कुल चुकता पूंजी और मुक्त भंडार का _____ है।
10%
25%
75%
50%
Explanation:
धारा 68 बायबैक को चुकता पूंजी और मुक्त भंडार के कुल योग के 25% तक सीमित करती है।
228. CBS डिजास्टर रिकवरी के संदर्भ में "RPO" (रिकवरी पॉइंट ऑब्जेक्टिव) क्या है?
सिस्टम को पुनर्प्राप्त करने में लगने वाला समय।
समय में मापा गया डेटा हानि की अधिकतम स्वीकार्य मात्रा।
DR साइट का स्थान।
वसूली की लागत।
Explanation:
RPO परिभाषित करता है कि आप कितना डेटा खो सकते हैं। यदि RPO 15 मिनट है, तो बैकअप इतना बार-बार होना चाहिए कि क्रैश होने पर, आप 15 मिनट से अधिक का डेटा न खोएं। (RTO रिकवरी टाइम ऑब्जेक्टिव है - आप कितनी तेजी से वापस आते हैं)।
229. इन्वेंट्री टर्नओवर अनुपात की गणना इस प्रकार की जाती है:
बेचे गए माल की लागत / औसत इन्वेंट्री
बिक्री / क्लोजिंग स्टॉक
सकल लाभ / इन्वेंट्री
खरीद / ओपनिंग स्टॉक
Explanation:
यह अनुपात मापता है कि कोई कंपनी एक अवधि के दौरान कितनी बार अपने माल के स्टॉक को बेचती है और बदलती है। आदर्श रूप से, COGS का उपयोग किया जाता है; यदि अनुपलब्ध है, तो बिक्री का उपयोग किया जा सकता है।
230. संदिग्ध संपत्ति के "असुरक्षित" हिस्से के लिए प्रावधान आवश्यकता क्या है?
40%
100%
25%
50%
Explanation:
उस अवधि की परवाह किए बिना जिसके लिए संपत्ति संदिग्ध (D1, D2, या D3) रही है, असुरक्षित हिस्से (सुरक्षा के वसूली योग्य मूल्य द्वारा कवर नहीं) के लिए पूरी तरह से प्रावधान (100%) किया जाना चाहिए।
231. अचल संपत्ति की खरीद के लिए भुगतान की गई नकदी है:
नकदी का स्रोत (परिचालन)
नकदी का अनुप्रयोग (निवेश)
नकदी का स्रोत (वित्तपोषण)
कोई नकदी प्रवाह नहीं
Explanation:
संपत्ति खरीदना नकदी का बहिर्वाह (अनुप्रयोग) है और निवेश गतिविधियों के अंतर्गत आता है।
232. कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 53 छूट पर शेयरों के निर्गम को घोषित करती है:
वैध
शून्य (Void)
शून्यकरणीय (Voidable)
RBI की मंजूरी के साथ अनुमति
Explanation:
छूट पर शेयरों का कोई भी निर्गम (स्वेट इक्विटी को छोड़कर) शून्य है, और कंपनी/अधिकारी दंड के लिए उत्तरदायी हैं।
233. केंद्रीकृत बैंकिंग समाधान (CBS) के मुख्य लाभों में से एक "एनीवेयर बैंकिंग" (Anywhere Banking) है। इसका अर्थ है:
बैंकों की कोई शाखा नहीं है।
ग्राहक केवल अपनी गृह शाखा में बैंकिंग कर सकते हैं।
ग्राहक बैंक की किसी भी शाखा से अपने खाते संचालित कर सकते हैं।
ग्राहक केवल एटीएम से नकद निकाल सकते हैं।
Explanation:
चूंकि डेटा केंद्रीय है, इसलिए ग्राहक बैंक का है, न कि केवल शाखा का। वे किसी भी स्थान से सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।
234. परिचालन लाभ अनुपात (Operating Profit Ratio) की गणना इस प्रकार की जाती है:
(शुद्ध लाभ / बिक्री) * 100
(परिचालन लाभ / शुद्ध बिक्री) * 100
(बिक्री / परिचालन संपत्ति) * 100
(सकल लाभ / बिक्री) * 100
Explanation:
परिचालन लाभ (EBIT) ब्याज और कर जैसी गैर-परिचालन वस्तुओं को छोड़कर, मुख्य व्यावसायिक कार्यों से लाभ को मापता है। अनुपात इसे बिक्री के प्रतिशत के रूप में व्यक्त करता है।
235. बैंकों को संपत्ति वर्गीकरण में विचलन (Divergence) का खुलासा करना चाहिए यदि RBI द्वारा मूल्यांकन किया गया अतिरिक्त सकल NPA इससे अधिक है:
रिपोर्ट किए गए सकल NPA का 20%।
रिपोर्ट किए गए सकल NPA का 15%।
रिपोर्ट किए गए सकल NPA का 10%।
रिपोर्ट किए गए सकल NPA का 5%।
Explanation:
RBI ने मानदंडों को कड़ा कर दिया (पहले 15%, अब 10%) ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बैंक खराब ऋणों की सटीक रिपोर्ट करें। यदि RBI निरीक्षण में पाया जाता है कि NPAs > 10% कम रिपोर्ट किए गए हैं, तो प्रकटीकरण अनिवार्य है।
236. बैंक के लिए "ऑफ-बैलेंस शीट" आइटम निम्नलिखित में से कौन सा है?
स्वीकार की गई जमा।
कैश क्रेडिट सीमा स्वीकृत लेकिन निकाली नहीं गई।
दिए गए ऋण।
उपार्जित ब्याज।
Explanation:
अनड्रॉन सीमाएं प्रतिबद्धताएं हैं। वे तब तक संपत्ति या देनदारियों के रूप में BS पर दिखाई नहीं देती हैं जब तक कि ग्राहक वास्तव में पैसा नहीं निकाल लेता। हालांकि, वे एक संभावित तरलता मांग का प्रतिनिधित्व करते हैं।
237. अग्रिम कॉल पर ब्याज कंपनी द्वारा किस दर से अधिक देय नहीं है:
6%
15%
12%
10%
Explanation:
कंपनी अधिनियम 2013 की तालिका F के अनुसार, अग्रिम कॉल पर ब्याज अधिकतम 12% प्रति वर्ष है, जबकि बकाया कॉल पर ब्याज अधिकतम 10% प्रति वर्ष है।
238. आधुनिक CBS आर्किटेक्चर SOA पर आधारित है। SOA का अर्थ है:
सिस्टम ओरिएंटेड आर्किटेक्चर
स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग आर्किटेक्चर
सर्विस ओरिएंटेड आर्किटेक्चर (Service Oriented Architecture)
सिक्योर ओपन एप्लीकेशन
Explanation:
SOA विभिन्न अनुप्रयोगों (जैसे ऋण, जमा, भुगतान) को अलग-अलग सेवाओं के रूप में एक-दूसरे के साथ संवाद करने की अनुमति देता है, जिससे सिस्टम मॉड्यूलर और लचीला हो जाता है।
239. यदि चालू अनुपात 2:1 है और कार्यशील पूंजी ₹60,000 है, तो चालू संपत्ति की राशि क्या है?
₹60,000
₹1,80,000
₹1,20,000
₹30,000
Explanation:
CA/CL = 2/1. इसलिए CA = 2CL. कार्यशील पूंजी = CA - CL = 2CL - CL = CL. दी गई कार्यशील पूंजी = 60,000, इसलिए CL = 60,000. CA = 2 * CL = 1,20,000।
240. यद्यपि सोना एक निवेश है, चांदी को बैंक बैलेंस शीट में किसके तहत दिखाया जाता है?
नकद शेष
निवेश
अचल संपत्ति
अन्य संपत्ति
Explanation:
बैंकिंग विनियमन अधिनियम प्रारूप के अनुसार, चांदी को निवेश उद्देश्यों के लिए सोने के समान स्वीकृत सुरक्षा नहीं माना जाता है। इसे अनुसूची 11 (अन्य संपत्ति) के तहत वर्गीकृत किया गया है।
241. यदि ब्याज त्रैमासिक रूप से संयोजित (compounded) होता है, तो "प्रभावी वार्षिक दर" (EAR) होगी:
सांकेतिक दर से कम।
सांकेतिक दर से अधिक।
सांकेतिक दर का आधा।
सांकेतिक दर के बराबर।
Explanation:
जब एक वर्ष में एक से अधिक बार (जैसे, त्रैमासिक) चक्रवृद्धि होती है, तो ब्याज पर ब्याज अधिक बार अर्जित होता है, जिससे प्रभावी वार्षिक दर (EAR) घोषित सांकेतिक दर से अधिक हो जाती है।
242. "शुद्ध वर्तमान मूल्य" (NPV) विधि मानती है कि मध्यवर्ती नकदी प्रवाह (Intermediate cash flows) को किस पर पुनर्निवेशित किया जाता है?
पूंजी की लागत (छूट दर)।
ब्याज की बाजार दर।
जोखिम मुक्त दर।
आंतरिक प्रतिफल दर (IRR)।
Explanation:
NPV की एक प्रमुख धारणा यह है कि परियोजना जीवन के दौरान उत्पन्न नकदी प्रवाह को फर्म की पूंजी की लागत (रिटर्न की आवश्यक दर) पर पुनर्निवेशित किया जाता है, जिसे IRR धारणा से अधिक यथार्थवादी माना जाता है।
243. "ऋण की लागत" (Cost of Debt) आमतौर पर "इक्विटी की लागत" से कम क्यों होती है?
ऋण पर दिया गया ब्याज कर-कटौती योग्य है, जो एक टैक्स शील्ड बनाता है।
ऋण को चुकाने की आवश्यकता नहीं है।
संपत्ति पर इक्विटी धारकों का निश्चित दावा होता है।
ऋणदाता शेयरधारकों की तुलना में अधिक जोखिम लेते हैं।
Explanation:
ब्याज भुगतान कंपनी की कर योग्य आय को कम करता है, जिससे कर दर [Kd = I(1-t)] से ऋण की लागत प्रभावी रूप से कम हो जाती है। इक्विटी लाभांश का भुगतान कर-पश्चात लाभ से किया जाता है और कोई टैक्स शील्ड प्रदान नहीं करता है।
244. मोदिग्लियानी-मिलर (MM) परिकल्पना "प्रस्ताव I" (करों के बिना) के अनुसार, एक फर्म का मूल्य:
100% इक्विटी पर अधिकतम।
100% ऋण पर अधिकतम।
इसके ऋण-इक्विटी अनुपात पर निर्भर है।
इसकी पूंजी संरचना से स्वतंत्र है।
Explanation:
MM प्रस्ताव I (नो टैक्स) कहता है कि एक आदर्श बाजार में, एक फर्म अपने कार्यों (ऋण बनाम इक्विटी) को कैसे वित्तपोषित करती है, यह उसके कुल मूल्य के लिए अप्रासंगिक है। मूल्य इसकी कमाई की शक्ति और संपत्ति के जोखिम से निर्धारित होता है, न कि फंडिंग मिश्रण से।
245. एक विनिर्माण फर्म का "परिचालन चक्र" (Operating Cycle) किसके बीच के समय के अंतर को दर्शाता है?
कच्चे माल का ऑर्डर देना और कच्चा माल प्राप्त करना।
माल की बिक्री और नकदी का संग्रह।
संसाधनों (कच्चे माल) का अधिग्रहण और बिक्री से नकदी की वसूली।
उत्पादन की शुरुआत और उत्पादन की समाप्ति।
Explanation:
परिचालन चक्र = इन्वेंट्री अवधि + प्राप्य खाता अवधि। यह कच्चे माल को खरीदने से लेकर ग्राहकों से नकद एकत्र करने तक की अवधि है।
246. "72 के नियम" के अनुसार, यदि ब्याज दर 8% प्रति वर्ष है, तो निवेश लगभग कितने समय में दोगुना हो जाएगा?
10 साल
5 साल
8 साल
9 साल
Explanation:
72 का नियम सूत्र: दोगुना होने में वर्ष ≈ 72 / ब्याज दर। यहाँ, 72 / 8 = 9 वर्ष।
247. यदि किसी परियोजना का शुद्ध वर्तमान मूल्य (NPV) शून्य है, तो आंतरिक प्रतिफल दर (IRR) है:
पूंजी की लागत से कम।
पूंजी की लागत के बराबर।
शून्य।
पूंजी की लागत से अधिक।
Explanation:
IRR को उस छूट दर के रूप में परिभाषित किया गया है जिस पर NPV शून्य है। यदि पूंजी की लागत पर गणना की गई NPV शून्य है, तो IRR उस पूंजी की लागत के बिल्कुल बराबर होना चाहिए।
248. अधिकतम स्वीकार्य बैंक वित्त (MPBF) का आकलन करने के लिए टंडन समिति की विधि I के तहत, उधारकर्ता को कितना योगदान करने की आवश्यकता है?
कार्यशील पूंजी अंतर (Working Capital Gap) का 25%।
दीर्घकालिक ऋण का 25%।
कुल चालू संपत्ति का 25%।
कुल चालू संपत्ति का 10%।
Explanation:
विधि I में, MPBF = 0.75 * (कुल चालू संपत्ति - चालू देनदारियां)। इसका तात्पर्य है कि उधारकर्ता दीर्घकालिक स्रोतों से कार्यशील पूंजी अंतर (CA-CL) का 25% वित्तपोषित करता है।
249. गॉर्डन के लाभांश वृद्धि मॉडल के अनुसार, शेयर का बाजार मूल्य किस पर निर्भर करता है?
केवल प्रतिधारण अनुपात।
प्रति शेयर लाभांश, इक्विटी की लागत, और विकास दर।
केवल वर्तमान लाभांश।
संपत्ति का बुक वैल्यू।
Explanation:
गॉर्डन का सूत्र: P = D1 / (Ke - g)। यह अगले अपेक्षित लाभांश (D1), इक्विटी की लागत (Ke), और निरंतर विकास दर (g) के आधार पर स्टॉक का मूल्यांकन करता है।
250. वित्तीय उत्तोलन (Financial Leverage) केवल तभी "अनुकूल" (सकारात्मक) होता है जब:
कर की दर शून्य है।
निवेश पर वापसी (ROI) ऋण की लागत से अधिक है।
ऋण शून्य है।
निवेश पर वापसी (ROI) ऋण की लागत से कम है।
Explanation:
यदि ROI > ऋण की लागत, तो ऋण का उपयोग शेयरधारकों के लिए प्रति शेयर आय (EPS) को बढ़ाता है (इक्विटी पर ट्रेडिंग)। यदि ROI < ऋण की लागत, तो उत्तोलन मूल्य को नष्ट कर देता है।
251. एक "शाश्वतता" (Perpetuity) एक वार्षिकी है जो:
हमेशा के लिए जारी रहती है (अनंत जीवन)।
अवधि की शुरुआत में ब्याज का भुगतान करती है।
10 साल बाद समाप्त होती है।
जिसमें असमान नकदी प्रवाह है।
Explanation:
शाश्वतता निरंतर नकदी प्रवाह की एक धारा है जो अनिश्चित काल तक जारी रहती है। शाश्वतता का PV = वार्षिक नकदी प्रवाह / छूट दर।
252. "पेबैक अवधि" (Payback Period) पद्धति की एक बड़ी सीमा यह है कि यह:
पेबैक अवधि के बाद होने वाले नकदी प्रवाह की उपेक्षा करता है।
छोटी परियोजनाओं के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है।
प्रारंभिक लागत की उपेक्षा करता है।
गणना करना मुश्किल है।
Explanation:
पेबैक अवधि केवल इस बात पर ध्यान केंद्रित करती है कि प्रारंभिक निवेश कितनी जल्दी वसूल किया जाता है। यह लाभप्रदता (कुल नकदी प्रवाह) और पैसे के समय मूल्य की उपेक्षा करता है (जब तक कि रियायती पेबैक का उपयोग न किया जाए)।
253. CAPM (पूंजी संपत्ति मूल्य निर्धारण मॉडल) में, "बीटा" (Beta) क्या मापता है?
जोखिम मुक्त दर।
अव्यवस्थित जोखिम (कंपनी विशिष्ट)।
बाजार के सापेक्ष व्यवस्थित जोखिम (बाजार जोखिम)।
कुल जोखिम।
Explanation:
बीटा इंगित करता है कि समग्र बाजार की तुलना में स्टॉक कितना अस्थिर है। बीटा > 1 का अर्थ है बाजार से अधिक अस्थिरता; बीटा < 1 का अर्थ है कम अस्थिरता।
254. वित्तीय प्रबंधन में, "धन अधिकतमकरण" (Wealth Maximization) को "लाभ अधिकतमकरण" से बेहतर माना जाता है क्योंकि:
यह नकदी प्रवाह की उपेक्षा करता है।
यह शून्य ऋण सुनिश्चित करता है।
यह पैसे के समय मूल्य और जोखिम पर विचार करता है।
यह अल्पकालिक लक्ष्यों पर केंद्रित है।
Explanation:
लाभ अधिकतमकरण अस्पष्ट, अल्पकालिक है, और जोखिम/समय की उपेक्षा करता है। धन अधिकतमकरण (स्टॉक मूल्य/NPV को अधिकतम करना) समय, नकदी प्रवाह और जोखिम का हिसाब रखता है, जो शेयरधारकों के दीर्घकालिक हित की सेवा करता है।
255. "शुद्ध कार्यशील पूंजी" (Net Working Capital) का तात्पर्य है:
कुल चालू संपत्ति।
चालू संपत्ति माइनस चालू देनदारियां।
कुल चालू देनदारियां।
अचल संपत्ति माइनस दीर्घकालिक देनदारियां।
Explanation:
सकल कार्यशील पूंजी कुल चालू संपत्ति है। शुद्ध कार्यशील पूंजी चालू संपत्ति और चालू देनदारियों के बीच का अंतर है, जो तरलता कुशन का प्रतिनिधित्व करती है।
256. एक "एन्युटी ड्यू" (Annuity Due) "साधारण वार्षिकी" (Ordinary Annuity) से इस मायने में भिन्न है कि भुगतान किया जाता है:
अनियमित रूप से।
केवल एक बार।
प्रत्येक अवधि की शुरुआत में।
प्रत्येक अवधि के अंत में।
Explanation:
साधारण वार्षिकी में, नकदी प्रवाह अवधि के अंत में होता है (जैसे, बांड ब्याज)। एन्युटी ड्यू में, नकदी प्रवाह शुरुआत में होता है (जैसे, किराया, बीमा प्रीमियम)।
257. उसी परियोजना के लिए (सकारात्मक छूट दर मानते हुए) "रियायती पेबैक अवधि" (Discounted Payback Period) साधारण "पेबैक अवधि" की तुलना में हमेशा ______ होगी।
बराबर
असंबंधित
छोटी
लंबी
Explanation:
चूंकि भविष्य के नकदी प्रवाह में छूट (मूल्य में कमी) दी जाती है, इसलिए नाममात्र शर्तों की तुलना में वर्तमान मूल्य शर्तों में प्रारंभिक निवेश को वसूलने में अधिक समय (अधिक वर्ष) लगता है।
258. "परिचालन उत्तोलन की डिग्री" (DOL) किसकी संवेदनशीलता को मापती है?
ब्याज में बदलाव के लिए EBIT।
EBIT में बदलाव के लिए EPS।
ऋण में बदलाव के लिए बिक्री।
बिक्री में बदलाव के लिए EBIT।
Explanation:
DOL मापता है कि बिक्री में 1% परिवर्तन के लिए परिचालन लाभ (EBIT) कितना बदलता है। यह निश्चित परिचालन लागतों से उत्पन्न होने वाले व्यावसायिक जोखिम को दर्शाता है। (DFL EBIT के लिए EPS संवेदनशीलता को मापता है)।
259. वाल्टर के मॉडल के अनुसार, यदि फर्म का निवेश पर रिटर्न (r) उसकी पूंजी की लागत (k) से अधिक है, तो फर्म को:
100% आय बनाए रखनी चाहिए (0% लाभांश)।
100% लाभांश वितरित करना चाहिए।
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
50% लाभांश वितरित करना चाहिए।
Explanation:
यदि r > k, तो फर्म पैसे पर शेयरधारकों द्वारा कहीं और अर्जित करने की तुलना में अधिक कमा सकती है। इसलिए, मूल्य को अधिकतम करने के लिए, फर्म को सभी आय बनाए रखनी चाहिए और उन्हें पुनर्निवेशित करना चाहिए।
260. "प्रतिधारित कमाई की लागत" (Cost of Retained Earnings) का अनुमान आमतौर पर क्या होता है?
शून्य।
ऋण की लागत के बराबर।
नई इक्विटी की लागत से अधिक।
इक्विटी की लागत (Ke) के बराबर।
Explanation:
प्रतिधारित कमाई में एक अवसर लागत शामिल होती है। शेयरधारक फर्म को पुनर्निवेश करने देने के लिए लाभांश छोड़ देते हैं। वे इक्विटी शेयरों (Ke) पर मांग के बराबर रिटर्न की उम्मीद करते हैं।
261. निम्नलिखित में से कौन कार्यशील पूंजी वित्तपोषण का "सहज स्रोत" (Spontaneous Source) है?
व्यापार क्रेडिट (लेनदार)।
बैंक ओवरड्राफ्ट।
डिबेंचर।
सार्वजनिक जमा।
Explanation:
सहज स्रोत दिन-प्रतिदिन के व्यावसायिक कार्यों से स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होते हैं (जैसे क्रेडिट पर माल खरीदने से देय खाते बनते हैं)। बिक्री बढ़ने पर वे अपने आप विस्तारित हो जाते हैं।
262. बांड की "परिपक्वता पर उपज" (YTM) वह दर है जो किसे बराबर करती है?
अंकित मूल्य के साथ वर्तमान मूल्य।
वर्तमान बाजार मूल्य के साथ भविष्य के नकदी प्रवाह (ब्याज + मूलधन) का वर्तमान मूल्य।
मुद्रास्फीति के साथ कूपन दर।
मोचन मूल्य के साथ जारी मूल्य।
Explanation:
YTM बांड की आंतरिक प्रतिफल दर (IRR) है। यह भविष्य के सभी कूपन भुगतानों और मूलधन के पुनर्भुगतान को बांड के वर्तमान बाजार मूल्य पर छूट देता है।
263. "उदासीनता बिंदु" (EBIT-EPS Analysis) EBIT के उस स्तर को संदर्भित करता है जहां:
वित्तीय उत्तोलन शून्य है।
दो अलग-अलग वित्तपोषण योजनाओं के लिए प्रति शेयर आय (EPS) समान है।
EPS शून्य है।
कंपनी न तो लाभ कमाती है और न ही हानि।
Explanation:
उदासीनता बिंदु पर, फर्म ऋण योजना या इक्विटी योजना चुनने के बीच उदासीन है क्योंकि EPS समान रहता है। इस EBIT स्तर से नीचे, इक्विटी बेहतर है; इसके ऊपर, ऋण बेहतर है।
264. "लाभप्रदता सूचकांक" (PI) पद्धति के आधार पर एक परियोजना स्वीकार्य है यदि:
PI > 0
PI > 1
PI = 0
PI < 1
Explanation:
PI = नकदी अंतर्वाह का PV / प्रारंभिक निवेश। यदि PI > 1, तो इसका मतलब है कि परियोजना लागत से अधिक मूल्य उत्पन्न करती है (NPV सकारात्मक है), इसलिए इसे स्वीकार किया जाना चाहिए।
265. संयुक्त उत्तोलन (Combined Leverage) फर्म के कुल जोखिम को मापता है और इसकी गणना इस प्रकार की जाती है:
DOL + DFL
DOL / DFL
DOL - DFL
DOL × DFL
Explanation:
संयुक्त उत्तोलन = परिचालन उत्तोलन की डिग्री × वित्तीय उत्तोलन की डिग्री। यह बिक्री में परिवर्तन के लिए EPS की संवेदनशीलता को मापता है।
266. यदि चालू संपत्ति = ₹200 लाख और चालू देनदारियां = ₹200 लाख, तो:
फर्म दिवालिया है।
शुद्ध कार्यशील पूंजी शून्य है।
सकल कार्यशील पूंजी शून्य है।
शुद्ध कार्यशील पूंजी ₹400 लाख है।
Explanation:
शुद्ध कार्यशील पूंजी = CA - CL। यदि CA = CL, शुद्ध कार्यशील पूंजी शून्य है। इसका तात्पर्य है कि चालू परिसंपत्तियों को वित्तपोषित करने के लिए किसी दीर्घकालिक धन का उपयोग नहीं किया जाता है।
267. "लाभांश के अवशिष्ट सिद्धांत" (Residual Theory of Dividends) के अनुसार, एक फर्म को लाभांश का भुगतान तभी करना चाहिए जब:
शेयरधारक इसकी मांग करते हैं।
सभी स्वीकार्य निवेश अवसरों के वित्तपोषण के बाद कमाई बची रहती है।
मुनाफा अधिक है।
प्रतियोगी लाभांश का भुगतान कर रहे हैं।
Explanation:
यह सिद्धांत लाभांश को एक निष्क्रिय अवशेष के रूप में देखता है। लाभदायक परियोजनाओं में पुनर्निवेश को प्राथमिकता दी जाती है। केवल अगर धन बचता है, तो लाभांश का भुगतान किया जाता है।
268. पूंजी का एक *अतिरिक्त* रुपया जुटाने की लागत को क्या कहा जाता है?
डूबत लागत।
पूंजी की सीमांत लागत (Marginal Cost of Capital)।
निश्चित लागत।
पूंजी की औसत लागत।
Explanation:
सीमांत लागत नई पूंजी की वृद्धिमान लागत है। यह नए निवेश प्रस्तावों के मूल्यांकन के लिए प्रासंगिक दर है।
269. सिंकिंग फंड फैक्टर (Sinking Fund Factor) का उपयोग किसकी गणना के लिए किया जाता है?
चक्रवृद्धि ब्याज।
शाश्वतता का वर्तमान मूल्य।
एक विशिष्ट भविष्य की राशि जमा करने के लिए आवश्यक वार्षिकी की राशि।
एकल राशि का भविष्य मूल्य।
Explanation:
यदि आपको बांड चुकाने के लिए 5 साल बाद ₹10 लाख की आवश्यकता है, तो सिंकिंग फंड फैक्टर आपको यह गणना करने में मदद करता है कि उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आपको सालाना कितना बचाने की आवश्यकता है।
270. "मैकाले अवधि" (Macaulay Duration) क्या मापती है?
बांड का कुल जीवन।
नकदी प्रवाह प्राप्त होने तक का भारित औसत समय।
बांड से लाभ।
कूपन दर।
Explanation:
मैकाले अवधि बांड की ब्याज दर संवेदनशीलता का एक उपाय है। यह बांड के नकदी प्रवाह को प्राप्त करने के लिए भारित औसत समय का प्रतिनिधित्व करता है।
271. "पेकिंग ऑर्डर सिद्धांत" सुझाव देता है कि फर्में वित्तपोषण स्रोतों को किस क्रम में प्राथमिकता देती हैं?
ऋण -> इक्विटी -> प्रतिधारित कमाई
प्रतिधारित कमाई -> इक्विटी -> ऋण
प्रतिधारित कमाई -> ऋण -> इक्विटी
इक्विटी -> ऋण -> प्रतिधारित कमाई
Explanation:
फर्में पहले आंतरिक निधियों (प्रतिधारित कमाई) को पसंद करती हैं क्योंकि वे सबसे सस्ती और सुरक्षित हैं। अगला ऋण है। उच्च लागत और कमजोर पड़ने के कारण बाहरी इक्विटी अंतिम उपाय है।
272. पूंजी बजटिंग में "संवेदनशीलता विश्लेषण" (Sensitivity Analysis) में शामिल हैं:
केवल पेबैक विधि का उपयोग करना।
मान्यताओं के एक निश्चित सेट का उपयोग करके NPV की गणना करना।
जोखिम को पूरी तरह से अनदेखा करना।
NPV पर इसके प्रभाव को देखने के लिए एक समय में एक प्रमुख चर (जैसे, बिक्री, लागत) को बदलना।
Explanation:
संवेदनशीलता विश्लेषण यह पहचानने में मदद करता है कि परियोजना किन चर (जैसे बिक्री मूल्य या कच्चे माल की लागत) के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील है, यह दर्शाता है कि जोखिम कहाँ है।
273. वाणिज्यिक पत्र (CP) एक असुरक्षित मुद्रा बाजार उपकरण है जो कॉरपोरेट्स द्वारा क्या जुटाने के लिए जारी किया जाता है?
सुरक्षित ऋण।
अल्पकालिक कार्यशील पूंजी।
विदेशी इक्विटी।
दीर्घकालिक पूंजी।
Explanation:
CPs का उपयोग उच्च श्रेणी के कॉरपोरेट्स द्वारा बैंक ब्याज दरों से कम दरों पर अल्पकालिक कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है।
274. एक शेयर बायबैक (Share Buyback) आर्थिक रूप से किसके बराबर है?
बोनस शेयर जारी करना।
राइट्स इश्यू।
नकद लाभांश का भुगतान करना।
स्टॉक विभाजन।
Explanation:
बायबैक शेयरधारकों को अतिरिक्त नकदी लौटाता है, लाभांश के समान। हालांकि, यह कर लाभ (पूंजीगत लाभ कर बनाम लाभांश कर) प्रदान करता है और प्रबंधन के विश्वास का संकेत देता है।
275. दी गई सांकेतिक ब्याज दर और समय अवधि के लिए, भविष्य का मूल्य (Future Value) सबसे अधिक होगा यदि चक्रवृद्धि (compounding) की जाती है:
वार्षिक रूप से।
अर्ध-वार्षिक रूप से।
त्रैमासिक रूप से।
दैनिक रूप से।
Explanation:
अधिक बार चक्रवृद्धि होने से ब्याज पर ब्याज जल्दी अर्जित होता है, जिससे अंतिम राशि अधिक हो जाती है। दैनिक > त्रैमासिक > वार्षिक।
276. परस्पर अनन्य परियोजनाओं का मूल्यांकन करते समय, यदि NPV और IRR परस्पर विरोधी रैंकिंग देते हैं, तो किस पद्धति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए?
पेबैक अवधि
IRR
NPV
लेखांकन प्रतिफल दर
Explanation:
NPV को प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि यह शेयरधारक धन में पूर्ण वृद्धि को मापता है और एक यथार्थवादी पुनर्निवेश दर (पूंजी की लागत) का उपयोग करता है, जबकि IRR खुद IRR पर पुनर्निवेश मानता है, जो अवास्तविक हो सकता है।
277. WACC (पूंजी की भारित औसत लागत) की गणना के लिए सैद्धांतिक रूप से कौन से भार (Weights) बेहतर हैं?
बुक वैल्यू वेट्स।
सीमांत वेट्स।
मार्केट वैल्यू वेट्स।
ऐतिहासिक वेट्स।
Explanation:
बाजार मूल्य नियोजित पूंजी के वर्तमान आर्थिक मूल्य को दर्शाते हैं। बाजार मूल्य भार का उपयोग करना WACC को आज बाजार में नई पूंजी जुटाने की वास्तविक लागत के साथ संरेखित करता है।
278. "इष्टतम पूंजी संरचना" (Optimal Capital Structure) ऋण और इक्विटी का मिश्रण है जो:
पूंजी की भारित औसत लागत (WACC) को अधिकतम करता है।
सभी ऋण को समाप्त करता है।
WACC को कम करता है और फर्म के मूल्य को अधिकतम करता है।
फर्म के मूल्य को कम करता है।
Explanation:
लक्ष्य धन का सबसे सस्ता मिश्रण खोजना है। कम WACC का मतलब भविष्य के नकदी प्रवाह का उच्च शुद्ध वर्तमान मूल्य है, इस प्रकार फर्म मूल्य को अधिकतम करना है।
279. MPBF के लिए टंडन समिति विधि II के लिए न्यूनतम चालू अनुपात की आवश्यकता होती है:
2:1
1.5:1
1:1
1.33:1
Explanation:
विधि II यह सुनिश्चित करती है कि उधारकर्ता दीर्घकालिक स्रोतों से कुल चालू संपत्ति का 25% वित्तपोषित करता है, जिसके परिणामस्वरूप 1.33:1 का चालू अनुपात होता है।
280. यदि किसी बांड की कूपन दर उसकी परिपक्वता पर उपज (YTM) से कम है, तो बांड किस पर व्यापार करेगा?
छूट (Discount)
प्रीमियम
सममूल्य
अंकित मूल्य
Explanation:
यदि बांड बाजार की अपेक्षा (YTM) से कम ब्याज (कूपन) देता है, तो निवेशक को प्रतिस्पर्धी उपज प्रदान करने के लिए इसकी कीमत अंकित मूल्य से नीचे गिरनी चाहिए।
281. भविष्य के नकदी प्रवाह के वर्तमान मूल्य की गणना करने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
कंपाउंडिंग
परिशोधन
डिस्काउंटिंग
मुद्रास्फीति समायोजन
Explanation:
डिस्काउंटिंग कंपाउंडिंग का उल्टा है। यह निर्धारित करता है कि एक विशिष्ट ब्याज दर को देखते हुए, भविष्य की राशि आज कितनी है।
282. पूंजी संरचना का शुद्ध परिचालन आय (NOI) सिद्धांत मानता है कि:
इक्विटी की लागत स्थिर रहती है।
ऋण के साथ फर्म का मूल्य बदलता है।
उत्तोलन के साथ ऋण की लागत बढ़ जाती है।
उत्तोलन की परवाह किए बिना पूंजी की समग्र लागत (Ko) स्थिर रहती है।
Explanation:
NOI सिद्धांत बताता है कि सस्ते ऋण के लाभ इक्विटी की बढ़ती लागत (उच्च जोखिम) से बिल्कुल संतुलित हो जाते हैं, जिससे समग्र WACC (Ko) और फर्म मूल्य अपरिवर्तित रहता है।
283. बोनस शेयर जारी करने का परिणाम है:
कंपनी से नकदी बहिर्वाह।
नेट वर्थ में वृद्धि।
नेट वर्थ को प्रभावित किए बिना भंडार का पूंजीकरण।
शेयर पूंजी में कमी।
Explanation:
बोनस शेयर मुक्त भंडार को शेयर पूंजी में परिवर्तित करते हैं। कुल नेट वर्थ (पूंजी + भंडार) समान रहता है; केवल संरचना बदलती है।
284. जैसे-जैसे छूट दर (ब्याज दर) बढ़ती है, भविष्य की राशि का वर्तमान मूल्य (Present Value):
नकारात्मक हो जाएगा।
घटेगा।
समान रहेगा।
बढ़ेगा।
Explanation:
एक विपरीत संबंध है। उच्च छूट दर का मतलब है कि पैसा समय के साथ तेजी से मूल्य खो देता है, इसलिए भविष्य की राशि का वर्तमान मूल्य कम होता है।
285. परिचालन चक्र की गणना करें यदि: इन्वेंट्री होल्डिंग अवधि = 60 दिन, प्राप्य संग्रह अवधि = 45 दिन, लेनदार भुगतान अवधि = 30 दिन।
15 दिन
105 दिन
75 दिन
135 दिन
Explanation:
सकल परिचालन चक्र = इन्वेंट्री अवधि + प्राप्य अवधि = 60 + 45 = 105 दिन। (नोट: शुद्ध परिचालन चक्र 105 - 30 = 75 दिन होगा। आमतौर पर "परिचालन चक्र" का अर्थ सकल होता है जब तक कि निर्दिष्ट न हो)।
286. पूंजी संरचना का "ट्रेड-ऑफ सिद्धांत" (Trade-off Theory) तर्क देता है कि एक फर्म किसको संतुलित करती है:
इक्विटी जारी करने की लागत बनाम ऋण जारी करने की लागत।
ऋण के कर लाभ बनाम ऋण की वित्तीय संकट लागत।
अल्पकालिक बनाम दीर्घकालिक ऋण।
लाभ और हानि।
Explanation:
फर्में टैक्स शील्ड (लाभ) प्राप्त करने के लिए ऋण लेती हैं, लेकिन केवल उस बिंदु तक जहां दिवालियेपन का जोखिम (वित्तीय संकट लागत) कर लाभ से अधिक होने लगता है।
287. CAPM के तहत इक्विटी की लागत (Ke) का सूत्र है:
Rm + Beta(Rf)
Rf - Beta(Rm - Rf)
Rf + Beta(Rm - Rf)
(D1 / P0) + g
Explanation:
Ke = जोखिम मुक्त दर + [बीटा * (बाजार रिटर्न - जोखिम मुक्त दर)]। यह स्टॉक की अस्थिरता के आधार पर सुरक्षित दर में जोखिम प्रीमियम जोड़ता है।
288. "लेखांकन प्रतिफल दर" (ARR) पद्धति किसका उपयोग करती है?
बिक्री राजस्व।
नकदी प्रवाह।
लेखांकन लाभ (कर के बाद शुद्ध लाभ)।
सकल लाभ।
Explanation:
अन्य तरीकों (NPV, IRR, Payback) के विपरीत जो नकदी प्रवाह का उपयोग करते हैं, ARR P&L खाते से लेखांकन लाभ का उपयोग करता है।
289. शून्य कूपन बांड के लिए, अवधि (Duration) है:
इसकी परिपक्वता से कम।
शून्य।
इसकी परिपक्वता के बराबर।
इसकी परिपक्वता से अधिक।
Explanation:
चूंकि कोई अंतरिम कूपन भुगतान नहीं है, पूरा नकदी प्रवाह परिपक्वता पर होता है। इस प्रकार, नकदी प्रवाह प्राप्त करने का भारित औसत समय बिल्कुल परिपक्वता अवधि है।
290. "स्थिर लाभांश" (Stable Dividend) की नीति का आमतौर पर मतलब होता है:
कमाई का एक निश्चित प्रतिशत (निरंतर भुगतान) या प्रति शेयर एक निश्चित राशि का भुगतान करना।
दैनिक लाभ के आधार पर उतार-चढ़ाव वाला लाभांश।
कोई लाभांश नहीं देना।
लाभांश के रूप में 100% लाभ का भुगतान करना।
Explanation:
कंपनियां निवेशकों को निरंतरता और विश्वसनीयता का संकेत देने के लिए स्थिर लाभांश बनाए रखती हैं, भले ही मुनाफा अस्थायी रूप से गिर जाए, तेज गिरावट से बचती हैं।
291. उच्च परिचालन उत्तोलन और उच्च वित्तीय उत्तोलन वाली फर्म को क्या माना जाता है?
बहुत उच्च जोखिम।
मध्यम जोखिम।
कम जोखिम।
जोखिम मुक्त।
Explanation:
उच्च परिचालन उत्तोलन का मतलब है उच्च निश्चित लागत। उच्च वित्तीय उत्तोलन का मतलब है उच्च ऋण/ब्याज। बिक्री में थोड़ी सी गिरावट से भारी नुकसान या दिवालियापन हो सकता है।
292. एक "कैश बजट" प्रबंधन को किसमें मदद करता है?
शुद्ध लाभ की गणना करें।
उधार या निवेश की योजना बनाने के लिए नकदी की कमी और अधिशेष का अनुमान लगाएं।
कर देयता निर्धारित करें।
मूल्यह्रास की गणना करें।
Explanation:
यह एक पूर्वानुमान उपकरण है जो नकदी प्रवाह और बहिर्वाह का अनुमान लगाता है, यह सुनिश्चित करता है कि फर्म के पास दायित्वों को पूरा करने के लिए पर्याप्त तरलता है।
293. यदि सांकेतिक दर 12% मासिक चक्रवृद्धि है, तो प्रभावी वार्षिक दर (EAR) की गणना करें।
13%
12%
12.36%
12.68%
Explanation:
सूत्र: EAR = (1 + r/n)^n - 1. यहाँ r=0.12, n=12। EAR = (1 + 0.01)^12 - 1 = 1.1268 - 1 = 0.1268 या 12.68%।
294. कौन सी विधि विभिन्न निवेश परिव्यय वाली परियोजनाओं की रैंकिंग की अनुमति देती है?
लाभप्रदता सूचकांक (PI)
ARR
NPV
पेबैक अवधि
Explanation:
NPV एक पूर्ण मूल्य देता है जो बड़ी परियोजनाओं का पक्षधर है। PI (लाभ-लागत अनुपात) एक सापेक्ष माप (प्रति रुपया निवेशित मूल्य) देता है, जो इसे विभिन्न आकारों की परियोजनाओं की रैंकिंग के लिए बेहतर बनाता है।
295. "वरीयता शेयर पूंजी की लागत" (Cost of Preference Share Capital) की गणना इस प्रकार की जाती है:
वरीयता लाभांश * (1 - कर दर) / शुद्ध आय
वरीयता लाभांश / शुद्ध आय
ब्याज / शुद्ध आय
वरीयता लाभांश / बाजार मूल्य
Explanation:
वरीयता लाभांश कर-कटौती योग्य नहीं हैं, इसलिए कोई कर समायोजन नहीं किया जाता है। लागत = Dp / NP।
296. एक बांड "प्रीमियम" पर बिकेगा जब:
कूपन दर < वापसी की आवश्यक दर (YTM)।
कूपन दर = वापसी की आवश्यक दर (YTM)।
यह एक शून्य-कूपन बांड है।
कूपन दर > वापसी की आवश्यक दर (YTM)।
Explanation:
यदि बांड बाजार की मांग से अधिक ब्याज देता है, तो निवेशक इसे प्राप्त करने के लिए अंकित मूल्य से अधिक भुगतान करेंगे।
297. दिवालियेपन या वित्तीय संकट (जैसे कानूनी शुल्क, ग्राहकों की हानि) से जुड़ी लागतों को क्या कहा जाता है?
फ्लोटेशन लागत।
वित्तीय संकट लागत।
डूबत लागत।
एजेंसी लागत।
Explanation:
ये लागतें ट्रेड-ऑफ सिद्धांत में ऋण के कर लाभों को संतुलित करती हैं, यह सुझाव देती हैं कि ऋण का एक इष्टतम स्तर मौजूद है।
298. "मोदिग्लियानी-मिलर (MM) लाभांश अप्रासंगिकता सिद्धांत" मानता है:
लाभांश पर उच्च कर।
उच्च लेनदेन लागत।
निवेशक पूंजीगत लाभ पर लाभांश पसंद करते हैं।
पूर्ण पूंजी बाजार और कोई कर नहीं।
Explanation:
MM का तर्क है कि करों या लेनदेन लागतों के बिना एक आदर्श दुनिया में, लाभांश नीति शेयर की कीमत को प्रभावित नहीं करती है; निवेशक शेयर बेचकर अपना लाभांश बना सकते हैं।
299. बहुत अधिक चालू अनुपात (Current Ratio) क्या संकेत दे सकता है?
कम तरलता।
निष्क्रिय धन या अत्यधिक इन्वेंट्री (भंडारण)।
उच्च दक्षता।
दिवालियापन।
Explanation:
जबकि उच्च अनुपात सुरक्षा दिखाता है, बहुत अधिक का मतलब है कि नकदी का निवेश नहीं किया जा रहा है या इन्वेंट्री नहीं बेची जा रही है, जो खराब संपत्ति प्रबंधन का संकेत देती है।
300. कौन सा सूत्र एकल भविष्य की राशि के वर्तमान मूल्य (PV) का प्रतिनिधित्व करता है?
PV = FV / r
PV = FV / (1+r)^n
PV = FV * (1+r)^n
PV = FV * n * r
Explanation:
वर्तमान मूल्य ज्ञात करने के लिए, हम भविष्य के मूल्य को चक्रवृद्धि कारक (1+r)^n से विभाजित करते हैं।
301. मोदिग्लियानी-मिलर प्रस्ताव II (करों के साथ) कहता है कि इक्विटी की लागत (Ke) तब बढ़ती है जब:
कॉर्पोरेट कर की दर बढ़ती है।
लाभांश भुगतान अनुपात बढ़ता है।
ऋण-इक्विटी अनुपात बढ़ता है।
ऋण-इक्विटी अनुपात घटता है।
Explanation:
जैसे-जैसे कोई फर्म अधिक ऋण लेती है (उच्च D/E अनुपात), शेयरधारकों के लिए वित्तीय जोखिम बढ़ जाता है। शेयरधारक इस अतिरिक्त जोखिम की भरपाई के लिए उच्च रिटर्न (Ke) की मांग करते हैं।
302. "संशोधित आंतरिक प्रतिफल दर" (MIRR) मानक IRR पद्धति की किस प्रमुख खामी को दूर करती है?
यह पैसे के समय मूल्य की उपेक्षा करता है।
इसकी गणना लंबी परियोजनाओं के लिए नहीं की जा सकती।
यह परियोजना के IRR पर नकदी प्रवाह के पुनर्निवेश को मानता है।
यह प्रारंभिक निवेश की उपेक्षा करता है।
Explanation:
मानक IRR मानता है कि नकदी प्रवाह को IRR दर पर पुनर्निवेशित किया जाता है (अक्सर अवास्तविक)। MIRR पूंजी की लागत (WACC) पर पुनर्निवेश मानता है, जो लाभप्रदता की अधिक सटीक तस्वीर प्रदान करता है।
303. "69 के नियम" का उपयोग करते हुए, यदि ब्याज दर 10% है, तो दोहरीकरण अवधि लगभग है:
7.25 वर्ष
10 वर्ष
6.9 वर्ष
6.9 वर्ष + 0.35
Explanation:
69 का नियम सूत्र: दोहरीकरण अवधि = 0.35 + (69 / ब्याज दर)। यहाँ, 0.35 + (69/10) = 0.35 + 6.9 = 7.25 वर्ष। यह निरंतर चक्रवृद्धि के लिए अधिक सटीक है।
304. चore समिति (Chore Committee) की सिफारिशों के तहत, MPBF की गणना इस प्रकार की जाती है:
सकल कार्यशील पूंजी का 75%।
टंडन विधि I के समान।
टंडन विधि II के समान।
कुल चालू संपत्ति - कुल चालू देनदारियां।
Explanation:
चore समिति ने टंडन विधि II को अपनाने पर जोर दिया: MPBF = (कुल चालू संपत्ति * 0.75) - चालू देनदारियां (बैंक उधार को छोड़कर)। यह उच्च चालू अनुपात सुनिश्चित करता है।
305. स्टॉक स्प्लिट (जैसे, ₹10 का 1 शेयर ₹5 के 2 शेयर बन जाता है) का परिणाम है:
कंपनी के लिए नकदी बहिर्वाह।
प्रति शेयर अंकित मूल्य में कमी, लेकिन कुल शेयर पूंजी समान रहती है।
भंडार में वृद्धि।
चुकता पूंजी में वृद्धि।
Explanation:
स्टॉक स्प्लिट शेयरों की संख्या बढ़ाता है और आनुपातिक रूप से प्रति शेयर अंकित मूल्य कम करता है। यह कुल पूंजी या भंडार को नहीं बदलता है, बोनस इश्यू के विपरीत जो भंडार को पूंजीकृत करता है।
306. "फ्लोटेशन लागत" (Floatation Costs) नई इक्विटी की लागत को कैसे प्रभावित करती है?
उनका कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
वे इक्विटी की लागत को बढ़ाते हैं।
वे लाभांश भुगतान को कम करते हैं।
वे इक्विटी की लागत को कम करते हैं।
Explanation:
फ्लोटेशन लागत (जारी करने के खर्च) "शुद्ध आय" को कम करती है जो कंपनी को निर्गम से प्राप्त होती है। चूंकि हर (शुद्ध आय) घटता है, परिकलित पूंजी की लागत बढ़ जाती है।
307. बांड मूल्य और बाजार ब्याज दर (Yield) के बीच संबंध है:
विपरीत (नकारात्मक)।
प्रत्यक्ष (सकारात्मक)।
असंबंधित।
रैखिक।
Explanation:
जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो कम कूपन दरों वाले मौजूदा बांड कम आकर्षक हो जाते हैं, इसलिए उनकी कीमत गिर जाती है। इसके विपरीत, जब दरें गिरती हैं, तो बांड की कीमतें बढ़ती हैं।
308. "जोखिम-समायोजित छूट दर" (RADR) विधि जोखिम का हिसाब कैसे रखती है?
प्रारंभिक निवेश को कम करके।
नकदी प्रवाह को कम करके।
जोखिम भरी परियोजनाओं के लिए छूट दर बढ़ाकर।
परियोजना के जीवन को बढ़ाकर।
Explanation:
RADR के तहत, जोखिम भरी परियोजनाओं के लिए उच्च छूट दर (जोखिम मुक्त दर + जोखिम प्रीमियम) का उपयोग किया जाता है, जो भविष्य के अंतर्वाह के वर्तमान मूल्य को कम करता है, जिससे स्वीकृति मानदंड सख्त हो जाते हैं।
309. नकारात्मक शुद्ध कार्यशील पूंजी कब होती है?
बिक्री घट रही है।
चालू देनदारियां > चालू संपत्ति।
अचल संपत्ति > दीर्घकालिक देनदारियां।
चालू संपत्ति > चालू देनदारियां।
Explanation:
यह तरलता संकट को इंगित करता है जहां अल्पकालिक दायित्व अल्पकालिक संपत्तियों से अधिक होते हैं। हालांकि, खुदरा (सुपरमार्केट) जैसे कुछ क्षेत्रों में, यह एक रणनीति (इन्वेंट्री को निधि देने के लिए आपूर्तिकर्ता क्रेडिट का उपयोग करना) हो सकती है।
310. "वित्तीय सम-विच्छेद बिंदु" (Financial Break-even Point) पर, प्रति शेयर आय (EPS) है:
अधिकतम।
नकारात्मक।
शून्य।
लाभांश के बराबर।
Explanation:
वित्तीय सम-विच्छेद बिंदु EBIT का वह स्तर है जिस पर EPS शून्य होता है। यह वह बिंदु है जहां परिचालन लाभ निश्चित वित्तीय शुल्क (ब्याज + वरीयता लाभांश) को कवर करने के लिए पर्याप्त है।
311. आवास ऋण के लिए मासिक ईएमआई की गणना करने के लिए आप किस कारक का उपयोग करेंगे?
एकमुश्त राशि का वर्तमान मूल्य ब्याज कारक (PVIF)।
वार्षिकी का वर्तमान मूल्य ब्याज कारक (PVIFA)।
एकमुश्त राशि का भविष्य मूल्य ब्याज कारक (FVIF)।
वार्षिकी का भविष्य मूल्य ब्याज कारक (FVIFA)।
Explanation:
ऋण आज प्राप्त एकमुश्त राशि (PV) है, जिसे किस्तों (वार्षिकी) में चुकाया जाता है। ऋण राशि को ईएमआई की धारा के बराबर करने के लिए, हम PVIFA का उपयोग करते हैं।
312. जैसे-जैसे ऋण-इक्विटी अनुपात इष्टतम बिंदु से आगे बढ़ता है, "ऋण की लागत" बढ़ने लगती है क्योंकि:
कर की दर बढ़ जाती है।
सरकार जुर्माना लगाती है।
ऋणदाता उच्च डिफ़ॉल्ट जोखिम महसूस करते हैं और उच्च जोखिम प्रीमियम की मांग करते हैं।
इक्विटी धारक कम रिटर्न की मांग करते हैं।
Explanation:
अत्यधिक ऋण दिवालियेपन की संभावना को बढ़ाता है। ऋणदाता उच्च ब्याज दरें लगाकर इस बढ़े हुए क्रेडिट जोखिम की भरपाई करते हैं।
313. फैक्टरिंग (Factoring) उधार बिक्री को किसमें परिवर्तित करती है?
दीर्घकालिक ऋण।
इन्वेंट्री।
तत्काल नकद।
बैड डेट्स।
Explanation:
फैक्टरिंग एक फर्म को तत्काल नकदी (80-90% तक) के लिए फैक्टर को अपने प्राप्य खाते (चालान) बेचने की अनुमति देती है, जिससे तरलता में सुधार होता है।
314. बांड की "वर्तमान उपज" (Current Yield) की गणना इस प्रकार की जाती है:
वार्षिक कूपन ब्याज / वर्तमान बाजार मूल्य
कुल ब्याज / परिपक्वता अवधि
YTM / कूपन दर
वार्षिक कूपन ब्याज / अंकित मूल्य
Explanation:
वर्तमान उपज परिपक्वता पर पूंजीगत लाभ/हानि की अनदेखी करते हुए, वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर रिटर्न को मापती है।
315. उच्च लाभ के वर्षों में प्रति शेयर कम निरंतर लाभांश और अतिरिक्त लाभांश का भुगतान करने की नीति को क्या कहा जाता है?
अवशिष्ट लाभांश नीति।
कम नियमित लाभांश प्लस अतिरिक्त लाभांश नीति।
स्थिर लाभांश नीति।
निरंतर भुगतान अनुपात।
Explanation:
यह नीति शेयरधारकों को एक विश्वसनीय स्थिर आय देती है, साथ ही फर्म को स्थायी रूप से उच्च लाभांश के लिए प्रतिबद्ध किए बिना बूम के वर्षों में समृद्धि साझा करने की अनुमति देती है।
316. पूंजी बजटिंग में, "वास्तविक विकल्प" (Real Options) का तात्पर्य है:
स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार किए गए विकल्प।
निश्चित दायित्व।
अनिश्चितता सामने आने पर किसी परियोजना के संबंध में निर्णयों (विस्तार, परित्याग, विलंब) को बदलने के लिए प्रबंधकीय लचीलापन।
शेयर खरीदने का विकल्प।
Explanation:
पारंपरिक NPV भविष्य के लचीलेपन की उपेक्षा करता है। वास्तविक विकल्प दृष्टिकोण पाठ्यक्रम को बदलने की क्षमता (जैसे, असफल परियोजना को जल्दी छोड़ना) को महत्व देता है, निवेश में मूल्य जोड़ता है।
317. निम्नलिखित में से कौन पूंजी संपत्ति मूल्य निर्धारण मॉडल (CAPM) की धारणा नहीं है?
बाजार परिपूर्ण हैं (कोई कर नहीं, कोई लेनदेन लागत नहीं)।
निवेशक तर्कसंगत और जोखिम-प्रतिकूल हैं।
भविष्य के रिटर्न के बारे में सभी निवेशकों की अलग-अलग उम्मीदें हैं।
निवेशक विविध पोर्टफोलियो रखते हैं।
Explanation:
CAPM "सजातीय अपेक्षाओं" को मानता है - कि सभी निवेशकों के पास अपेक्षित रिटर्न, भिन्नता और सहसंबंधों के बारे में समान अपेक्षाएं हैं।
318. नकद प्रबंधन का "बौमोल मॉडल" (Baumol Model) किस इन्वेंट्री प्रबंधन मॉडल के समान है?
एबीसी विश्लेषण।
EOQ (आर्थिक आदेश मात्रा)।
एफएसएन विश्लेषण।
JIT (जस्ट इन टाइम)।
Explanation:
बौमोल मॉडल इष्टतम नकद शेष खोजने के लिए "ऑर्डरिंग लागत" (प्रतिभूतियों को बेचने की लेनदेन लागत) को "वहन लागत" (नकद रखने की अवसर लागत) के खिलाफ संतुलित करता है, ठीक EOQ की तरह।
319. यदि EBIT उदासीनता बिंदु (Indifference Point) स्तर के बराबर है:
ब्याज शून्य होगा।
बाजार मूल्य अधिकतम होगा।
EPS शून्य होगा।
EPS लीवरेज्ड और अनलीवरेज्ड प्लान के लिए समान होगा।
Explanation:
उदासीनता बिंदु विशेष रूप से उस EBIT स्तर को खोजने के लिए गणना की जाती है जहां चुने गए वित्तपोषण विकल्प की परवाह किए बिना EPS परिणाम समान होता है।
320. स्थिर EMI वाले ऋण परिशोधन अनुसूची (amortization schedule) में, जैसे-जैसे समय बीतता है:
ब्याज घटक बढ़ता है, और मूल घटक घटता है।
दोनों घटक स्थिर रहते हैं।
ब्याज घटक घटता है, और मूल घटक बढ़ता है।
ईएमआई राशि बढ़ जाती है।
Explanation:
शुरुआती वर्षों में, बकाया मूलधन अधिक होता है, इसलिए ब्याज अधिक होता है। जैसे-जैसे मूलधन चुकाया जाता है, ब्याज कम होता जाता है, जिससे निश्चित ईएमआई का एक बड़ा हिस्सा मूलधन के पुनर्भुगतान की ओर जाता है।
321. जोखिम विश्लेषण की "निश्चितता समतुल्य" (CE) पद्धति में:
पेबैक अवधि बढ़ा दी जाती है।
नकदी प्रवाह को जोखिम-मुक्त समकक्षों में समायोजित किया जाता है और जोखिम-मुक्त दर पर छूट दी जाती है।
जोखिम के लिए छूट दर समायोजित की जाती है।
नकदी प्रवाह को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
Explanation:
दर (RADR) को समायोजित करने के बजाय, CE निश्चित प्रवाह प्राप्त करने के लिए अनिश्चित प्रवाह को CE गुणांक (0 से 1) के साथ गुणा करके अंश (नकदी प्रवाह) को समायोजित करता है, फिर उन्हें जोखिम-मुक्त दर पर छूट देता है।
322. इन्वेंट्री रखने से कौन सी लागत जुड़ी है?
आदेश लागत।
सेटअप लागत।
स्टॉकआउट लागत।
वहन लागत (भंडारण, बीमा, अप्रचलन)।
Explanation:
वहन लागत गोदाम में इन्वेंट्री रखने की लागत है। आदेश लागत ऑर्डर देने से जुड़ी हैं। स्टॉकआउट लागत तब उत्पन्न होती है जब इन्वेंट्री समाप्त हो जाती है।
323. "कर वरीयता सिद्धांत" (Tax Preference Theory) के अनुसार, निवेशक कम लाभांश और उच्च प्रतिधारित कमाई पसंद कर सकते हैं यदि:
कंपनी घाटा कर रही है।
लाभांश कर-मुक्त हैं।
कोई कर नहीं है।
पूंजीगत लाभ कर लाभांश आय कर से कम है।
Explanation:
प्रतिधारित कमाई से शेयर की कीमत में वृद्धि (पूंजीगत लाभ) होती है। यदि पूंजीगत लाभ पर लाभांश आय (या आस्थगित) की तुलना में कम दर पर कर लगाया जाता है, तो निवेशक भुगतान पर प्रतिधारण पसंद करते हैं।
324. वार्षिक ब्याज 'I' का भुगतान करने वाले एक सतत बांड (Perpetual Bond/Console) के मूल्य की गणना इस प्रकार की जाती है:
I + परिपक्वता मूल्य
I * आवश्यक प्रतिफल दर
I / (1 + kd)^n
I / आवश्यक प्रतिफल दर (kd)
Explanation:
एक सतत बांड की कोई परिपक्वता नहीं होती है। इसका मूल्य केवल उपज (छूट दर) से विभाजित वार्षिक ब्याज है, जो शाश्वतता सूत्र पर आधारित है।
325. MM प्रस्ताव II (करों के बिना) कहता है कि जैसे-जैसे उत्तोलन बढ़ता है, इक्विटी की लागत (Ke):
शून्य हो जाती है।
स्थिर रहती है।
घटती है।
सस्ते ऋण के लाभ को ऑफसेट करने के लिए रैखिक रूप से बढ़ती है।
Explanation:
सस्ता ऋण WACC को कम करता है, लेकिन बढ़ा हुआ वित्तीय जोखिम Ke को बढ़ाता है। MM II का तर्क है कि ये बिल्कुल रद्द हो जाते हैं, जिससे समग्र WACC स्थिर रहता है।
326. "जस्ट-इन-टाइम" (JIT) इन्वेंट्री सिस्टम का उद्देश्य है:
उत्पादन में देरी करना।
आवश्यकता होने पर ही सामान प्राप्त करके इन्वेंट्री वहन लागत को शून्य के करीब कम करना।
गोदाम का आकार बढ़ाना।
इन्वेंट्री स्तरों को अधिकतम करना।
Explanation:
JIT एक लीन मैन्युफैक्चरिंग रणनीति है। निष्क्रिय स्टॉक को समाप्त करके, यह भंडारण, बीमा और अप्रचलन लागत को कम करता है, हालांकि यह स्टॉकआउट के जोखिम को बढ़ाता है।
327. प्रतिधारित कमाई (Retained Earnings) की "निहित लागत" (Implicit Cost) होती है क्योंकि:
यह किताबों में दर्ज है।
यह मुफ़्त पैसा है।
शेयरधारक लाभांश को कहीं और निवेश करने के अवसर को छोड़ देते हैं।
कंपनी इस पर ब्याज देती है।
Explanation:
स्पष्ट लागतों में नकद बहिर्वाह (ब्याज) शामिल है। निहित लागतें अवसर लागतें हैं। प्रतिधारित कमाई की लागत वह रिटर्न है जो शेयरधारक कमा सकते थे यदि पैसा वितरित किया गया होता।
328. कार्यकाल के अंत में एक व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) के संचित मूल्य की गणना करने के लिए, आप किसके सूत्र का उपयोग करेंगे?
शाश्वतता।
वार्षिकी का वर्तमान मूल्य।
वार्षिकी का भविष्य मूल्य (Future Value of an Annuity)।
एकल राशि का भविष्य मूल्य।
Explanation:
SIP में नियमित अंतराल पर समान भुगतान की एक श्रृंखला शामिल है। हम अंत में कुल मूल्य (भविष्य) जानना चाहते हैं, इसलिए वार्षिकी का FV उपयोग किया जाता है।
329. "प्रतिस्थापन निर्णय" (पुरानी मशीन को नई से बदलना) में, प्रासंगिक नकदी प्रवाह हैं:
पुरानी मशीन की डूबत लागत।
पुरानी मशीन का कुल नकदी प्रवाह।
नई मशीन का कुल नकदी प्रवाह।
नई और पुरानी मशीन के बीच वृद्धिशील (विभेदक) नकदी प्रवाह।
Explanation:
निर्णय लेना "क्या बदलता है" पर केंद्रित है। पुरानी मशीन की तुलना में नई मशीन द्वारा उत्पन्न केवल अतिरिक्त नकद अंतर्वाह या लागत बचत ही प्रासंगिक है।
330. वित्तीय उत्तोलन की डिग्री (DFL) की गणना इस प्रकार की जाती है:
बिक्री / निश्चित लागत
EBT / EBIT
योगदान / EBIT
EBIT / EBT
Explanation:
DFL ब्याज (निश्चित वित्तीय लागत) के प्रभाव को मापता है। यह परिचालन लाभ (EBIT) है जो कर पूर्व लाभ (EBT) से विभाजित होता है। DFL = EBIT / (EBIT - ब्याज)।
331. पूंजी संरचना का "पारंपरिक दृष्टिकोण" (Traditional View) सुझाव देता है कि:
ऋण की परवाह किए बिना पूंजी की लागत स्थिर है।
फर्म का मूल्य केवल उसकी संपत्ति पर निर्भर करता है, वित्तपोषण पर नहीं।
ऋण हमेशा इक्विटी से सस्ता होता है, इसलिए 100% ऋण सबसे अच्छा है।
एक इष्टतम पूंजी संरचना मौजूद है जहां पूंजी की समग्र लागत (Ko) न्यूनतम है और फर्म का मूल्य अधिकतम है।
Explanation:
MM सिद्धांत के विपरीत, पारंपरिक दृष्टिकोण का तर्क है कि ऋण का विवेकपूर्ण उपयोग शुरू में WACC (Ko) को एक बिंदु तक कम करता है। इस बिंदु से परे, बढ़ता वित्तीय जोखिम Ke और Kd को बढ़ाता है, जिससे WACC बढ़ता है। यू-आकार के WACC वक्र का सबसे निचला बिंदु इष्टतम संरचना है।
332. पूंजी बजटिंग में "निर्णय वृक्ष विश्लेषण" (Decision Tree Analysis) सबसे अधिक उपयोगी होता है जब:
निर्णय अनुक्रमिक होते हैं, और भविष्य के निर्णय वर्तमान निर्णयों के परिणाम पर निर्भर करते हैं।
परियोजना में एकल नकदी प्रवाह है।
छूट दर अज्ञात है।
इसमें कोई जोखिम शामिल नहीं है।
Explanation:
निर्णय वृक्ष अनुक्रमिक निर्णयों और अनिश्चित परिणामों (संभावनाओं के साथ) को मैप करते हैं, जिससे प्रबंधकों को जटिल, बहु-चरण निवेश प्रस्तावों का मूल्यांकन करने की अनुमति मिलती है।
333. जबकि "अवधि" (Duration) बांड मूल्य और उपज के बीच रैखिक संबंध का अनुमान लगाती है, "उत्तलता" (Convexity) किसका हिसाब रखती है?
मूल्य-उपज संबंध में वक्रता, बड़े उपज परिवर्तनों के लिए अधिक सटीक मूल्य परिवर्तन अनुमान प्रदान करती है।
बांड ब्याज पर कर प्रभाव।
जारीकर्ता का क्रेडिट जोखिम।
तरलता जोखिम।
Explanation:
अवधि एक सीधी रेखा संबंध मानती है, जो बड़ी दर परिवर्तनों के लिए गलत है। उत्तलता वक्रता को मापती है, यह दर्शाती है कि दरें गिरने पर बांड की कीमतें उतनी नहीं गिरतीं जितनी दरें बढ़ने पर गिरती हैं।
334. नायक समिति ने सिफारिश की कि ₹5 करोड़ तक की कार्यशील पूंजी सीमा वाली SSI इकाइयों के लिए, बैंक को न्यूनतम कितना वित्तपोषित करना चाहिए?
अनुमानित वार्षिक टर्नओवर का 25%।
अनुमानित टर्नओवर का 10%।
अनुमानित वार्षिक टर्नओवर का 20%।
सकल कार्यशील पूंजी का 80%।
Explanation:
3 महीने (वर्ष का 25%) के कार्यशील पूंजी चक्र के आधार पर, आवश्यकता टर्नओवर का 25% है। प्रमोटर 5% लाता है, और बैंक न्यूनतम सीमा के रूप में 20% प्रदान करता है।
335. "मोचन योग्य ऋण की लागत" (Cost of Redeemable Debt) की गणना करते समय, किस कारक पर विचार नहीं किया जाता है?
लाभांश भुगतान अनुपात।
मोचन मूल्य और परिपक्वता अवधि।
ब्याज दर।
कर दर।
Explanation:
ऋण की लागत ब्याज, टैक्स शील्ड और मोचन शर्तों (छूट/प्रीमियम) पर निर्भर करती है। लाभांश भुगतान अनुपात इक्विटी की लागत के लिए प्रासंगिक है, ऋण के लिए नहीं।
336. सांकेतिक दर (r), वास्तविक दर (R) और मुद्रास्फीति (i) से संबंधित सटीक फिशर समीकरण है:
r = R * i
r = R + i
(1 + r) = (1 + R) * (1 + i)
R = r - i
Explanation:
जबकि r = R + i एक सामान्य सन्निकटन है, सटीक संबंध वास्तविक दर और मुद्रास्फीति के क्रॉस-उत्पाद का हिसाब रखता है: r = R + i + (R*i)। इस प्रकार, (1+r) (1+R) और (1+i) का गुणनफल है।
337. लाभांश नीति का "बर्ड-इन-द-हैंड" (Bird-in-the-Hand) सिद्धांत क्या दर्शाता है?
निवेशक लाभांश और पूंजीगत लाभ के बीच उदासीन हैं।
निवेशक भविष्य के पूंजीगत लाभ (अनिश्चित) की तुलना में वर्तमान लाभांश (निश्चित) पसंद करते हैं।
निवेशक कर कारणों से पूंजीगत लाभ पसंद करते हैं।
लाभांश फर्म के मूल्य को कम करते हैं।
Explanation:
गॉर्डन और लिंटनर द्वारा प्रस्तावित, यह सिद्धांत तर्क देता है कि लाभांश भविष्य की पूंजी प्रशंसा की तुलना में कम जोखिम वाले होते हैं। इसलिए, उच्च लाभांश भुगतान इक्विटी की लागत को कम करता है और शेयर की कीमत बढ़ाता है।
338. यदि EBIT ₹1,00,000 है, ब्याज ₹20,000 है, और कर की दर 30% है, तो वित्तीय उत्तोलन की डिग्री (DFL) की गणना करें।
5.0
1.25
0.8
1.5
Explanation:
DFL = EBIT / (EBIT - ब्याज)। DFL = 1,00,000 / (1,00,000 - 20,000) = 1,00,000 / 80,000 = 1.25। DFL गणना के लिए कर की दर अप्रासंगिक है (जब तक कि वरीयता लाभांश मौजूद न हो)।
339. एक परियोजना में "एकाधिक आंतरिक प्रतिफल दरें" (Multiple IRRs) हो सकती हैं यदि:
छूट दर शून्य है।
इसके नकदी प्रवाह पारंपरिक हैं (केवल प्रारंभिक बहिर्वाह, फिर अंतर्वाह)।
इसका जीवन बहुत लंबा है।
इसके नकदी प्रवाह गैर-पारंपरिक हैं (संकेत एक से अधिक बार बदलते हैं, जैसे, बहिर्वाह-अंतर्वाह-बहिर्वाह)।
Explanation:
जब नकदी प्रवाह की दिशा एक से अधिक बार बदलती है (जैसे, वर्ष 5 में भारी रखरखाव लागत के कारण शुद्ध बहिर्वाह), तो IRR समीकरण में कई गणितीय समाधान हो सकते हैं, जिससे IRR अविश्वसनीय हो जाता है।
340. कच्चे माल की खरीद के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) खोलना उधारकर्ता की कार्यशील पूंजी को कैसे प्रभावित करता है?
यह नकदी बहिर्वाह को टाल देता है, प्रभावी रूप से कार्यशील पूंजी वित्त का एक स्रोत प्रदान करता है।
इसे सावधि ऋण माना जाता है।
यह तत्काल नकदी बहिर्वाह को बढ़ाता है।
यह तुरंत चालू अनुपात को कम करता है।
Explanation:
एक LC (विशेष रूप से यूance LC) खरीदार को अभी माल प्राप्त करने और बाद में भुगतान करने की अनुमति देता है। यह "विविध लेनदार" बनाता है, जो सहज कार्यशील पूंजी वित्तपोषण का एक स्रोत है।
341. मूल्य-आय (P/E) अनुपात की गणना इस प्रकार की जाती है:
प्रति शेयर बाजार मूल्य / प्रति शेयर आय (EPS)
बुक वैल्यू / EPS
प्रति शेयर बाजार मूल्य / प्रति शेयर लाभांश
EPS / प्रति शेयर बाजार मूल्य
Explanation:
P/E अनुपात इंगित करता है कि बाजार कंपनी द्वारा उत्पन्न आय के प्रत्येक रुपये के लिए कितना भुगतान करने को तैयार है। उच्च P/E उच्च विकास अपेक्षाओं का सुझाव देता है।
342. पूंजी संरचना में "एजेंसी लागत" (Agency Costs) किसके बीच हितों के टकराव के कारण उत्पन्न होती है?
सरकार और कंपनी।
शेयरधारक (प्रधान) और प्रबंधक (एजेंट), या शेयरधारक और ऋण धारक।
अल्पकालिक और दीर्घकालिक निवेशक।
ग्राहक और आपूर्तिकर्ता।
Explanation:
प्रबंधक शेयरधारक धन (इक्विटी की एजेंसी लागत) पर व्यक्तिगत लक्ष्यों (जैसे महंगे जेट) का पीछा कर सकते हैं। शेयरधारक ऋण-धारकों (ऋण की एजेंसी लागत) को नुकसान स्थानांतरित करने के लिए उच्च जोखिम उठा सकते हैं।
343. "पूंजी की सीमांत लागत" (MCC) अनुसूची ऊपर की ओर कूदती (टूटती) है जब:
कर की दरें गिरती हैं।
फर्म के पास अतिरिक्त नकदी है।
जुटाए गए नई पूंजी की मात्रा एक सस्ते स्रोत (जैसे प्रतिधारित कमाई) को समाप्त कर देती है और एक अधिक महंगे स्रोत (जैसे नई इक्विटी) की आवश्यकता होती है।
ब्याज दरें गिरती हैं।
Explanation:
इस बिंदु को "ब्रेक पॉइंट" कहा जाता है। एक बार जब प्रतिधारित कमाई का उपयोग हो जाता है, तो फर्म को नए शेयर जारी करने होंगे (फ्लोटेशन लागत वहन करना), जिससे WACC बढ़ जाता है।
344. एक "आस्थगित वार्षिकी" (Deferred Annuity) वह है जहां:
भुगतान प्रत्येक अवधि की शुरुआत में किए जाते हैं।
भुगतान तुरंत शुरू होते हैं।
पहला भुगतान निश्चित अवधि के लिए विलंबित होता है।
भुगतान हमेशा के लिए जारी रहते हैं।
Explanation:
उदाहरण: एक पेंशन योजना जहां आप अभी निवेश करते हैं, लेकिन वार्षिकी भुगतान (पेंशन) केवल आपके सेवानिवृत्त होने के बाद (मान लीजिए, 10 साल बाद) शुरू होता है।
345. "क्लाइंटेल इफेक्ट" (Clientele Effect) सुझाव देता है कि:
निवेशकों के विभिन्न समूह अलग-अलग लाभांश नीतियां पसंद करते हैं (जैसे, सेवानिवृत्त लोग उच्च लाभांश पसंद करते हैं, युवा निवेशक विकास/पूंजीगत लाभ पसंद करते हैं)।
सभी निवेशक उच्च लाभांश चाहते हैं।
कंपनियों को अपनी लाभांश नीति को बार-बार बदलना चाहिए।
लाभांश अप्रासंगिकता हैं।
Explanation:
फर्में अपनी भुगतान नीति के आधार पर एक विशिष्ट ग्राहकों को आकर्षित करती हैं। नीति बदलने से मौजूदा शेयरधारक आधार अलग-थलग हो सकता है और शेयर की कीमत प्रभावित हो सकती है।
346. वह स्थिति जहां एक फर्म के पास निवेश करने के लिए उपलब्ध धन की तुलना में अधिक स्वीकार्य परियोजनाएं (सकारात्मक NPV) हैं, कहलाती है:
पूंजी राशनिंग (Capital Rationing)।
पूंजी गियरिंग।
पूंजी बजटिंग।
पूंजी संरचना।
Explanation:
पूंजी राशनिंग के तहत, फर्म को उन परियोजनाओं के संयोजन का चयन करना होगा जो बजट बाधा के भीतर कुल NPV को अधिकतम करते हैं (अक्सर लाभप्रदता सूचकांक का उपयोग करते हुए)।
347. "नकद रूपांतरण चक्र" (CCC) की गणना इस प्रकार की जाती है:
इन्वेंट्री अवधि + प्राप्य अवधि - देय अवधि।
बिक्री - बेचे गए माल की लागत।
इन्वेंट्री अवधि - प्राप्य अवधि + देय अवधि।
इन्वेंट्री अवधि + प्राप्य अवधि + देय अवधि।
Explanation:
CCC कच्चे माल के भुगतान और बिक्री से नकद प्राप्त करने के बीच के समय को मापता है। तरलता के लिए एक छोटा चक्र बेहतर है।
348. वित्तीय उत्तोलन को "प्रतिकूल" (Unfavorable) माना जाता है जब:
EBIT उच्च है
ऋण = इक्विटी
ROI > ऋण की लागत
ROI < ऋण की लागत
Explanation:
यदि फर्म अपनी संपत्ति (ROI) पर ऋण पर दिए जाने वाले ब्याज से कम कमाती है, तो ऋण का उपयोग करने से शेयरधारकों को मिलने वाला रिटर्न कम हो जाता है (नकारात्मक उत्तोलन)।
349. "प्रति शेयर बुक वैल्यू" की गणना इस प्रकार की जाती है:
कुल संपत्ति / शेयरों की संख्या।
बाजार पूंजीकरण / शेयरों की संख्या।
EPS * P/E अनुपात।
(शेयर पूंजी + भंडार - संचित हानि) / इक्विटी शेयरों की संख्या।
Explanation:
बुक वैल्यू ऐतिहासिक लेखांकन आंकड़ों के आधार पर इक्विटी शेयरधारकों के लिए जिम्मेदार निवल मूल्य का प्रतिनिधित्व करता है, न कि बाजार मूल्य।
350. कॉर्पोरेट करों के साथ MM सिद्धांत के अनुसार, एक लीवरेज्ड फर्म (Vl) का मूल्य किसके बराबर है?
Vu - दिवालियापन लागत।
अनलीवरेज्ड फर्म का मूल्य (Vu)।
Vu + (ऋण * कर दर)।
Vu / पूंजी की लागत।
Explanation:
करों के साथ, ऋण एक टैक्स शील्ड प्रदान करता है। फर्म का मूल्य टैक्स शील्ड के वर्तमान मूल्य से बढ़ जाता है, जो ऋण * कर दर (Dt) है। इसलिए Vl = Vu + Dt।
351. सिक्योरिटी मार्केट लाइन (SML) ग्राफ में, यदि कोई स्टॉक SML लाइन के ऊपर स्थित है, तो उसे माना जाता है:
ओवरवैल्यूड (अधिक मूल्यवान)।
अंडरवैल्यूड (कम मूल्यवान)।
उच्च जोखिम।
सही मूल्यवान।
Explanation:
यदि कोई स्टॉक SML से ऊपर है, तो वह अपने जोखिम के स्तर के लिए CAPM की भविष्यवाणी से अधिक अपेक्षित रिटर्न दे रहा है। इसलिए, यह आकर्षक/कम मूल्यवान है और इसे खरीदा जाना चाहिए।
352. किसी नई परियोजना का मूल्यांकन करते समय, निम्नलिखित में से किस लागत को अनदेखा (अप्रासंगिक माना) किया जाना चाहिए?
अवसर लागत।
डूबत लागत (Sunk Cost)।
टर्मिनल नकदी प्रवाह।
वृद्धिशील कार्यशील पूंजी।
Explanation:
डूबत लागत पिछली लागतें हैं जो पहले ही हो चुकी हैं और वसूल नहीं की जा सकती हैं (जैसे, पिछले साल बाजार अनुसंधान पर खर्च किया गया पैसा)। उन्हें आज किसी परियोजना को स्वीकार/अस्वीकार करने के निर्णय को प्रभावित नहीं करना चाहिए।
353. ट्रेजरी बिल मुद्रा बाजार के उपकरण हैं जो किसके द्वारा जारी किए जाते हैं?
भारत सरकार।
कॉर्पोरेट्स।
वाणिज्यिक बैंक।
राज्य सरकारें।
Explanation:
टी-बिल केंद्र सरकार (RBI के माध्यम से) द्वारा अल्पकालिक तरलता बेमेल को पूरा करने के लिए जारी किए गए अल्पकालिक संप्रभु ऋण उपकरण हैं। वे जोखिम मुक्त हैं।
354. यदि किसी कंपनी को चालू वर्ष में घाटा हुआ है, तो क्या वह लाभांश घोषित कर सकती है?
हाँ, बैंक ऋण लेकर।
हाँ, संचित मुक्त भंडार में से, कुछ शर्तों के अधीन।
हाँ, पूंजी में से।
नहीं, सख्त मनाही है।
Explanation:
कंपनी अधिनियम यदि मौजूदा मुनाफा अपर्याप्त है, तो भंडार से लाभांश घोषित करने की अनुमति देता है, बशर्ते लाभांश की दर और निकासी राशि से संबंधित शर्तें पूरी हों।
355. एक निरंतर दर 'g' पर बढ़ने वाली शाश्वतता (Perpetuity) के वर्तमान मूल्य की गणना इस प्रकार की जाती है:
नकदी प्रवाह / (छूट दर - विकास दर)
नकदी प्रवाह / छूट दर
नकदी प्रवाह * विकास दर
नकदी प्रवाह / (छूट दर + विकास दर)
Explanation:
सूत्र: PV = CF1 / (k - g)। इसका उपयोग तब किया जाता है जब नकदी प्रवाह निरंतर दर पर हमेशा के लिए बढ़ता है (जैसे, निरंतर लाभांश वृद्धि वाले स्टॉक का मूल्यांकन)।
356. कौन सा बांड ब्याज दर में बदलाव के प्रति अधिक अस्थिर (संवेदनशील) है?
छोटी परिपक्वता वाला बांड।
फ्लोटिंग रेट बांड।
कम कूपन दर (या शून्य कूपन) वाला बांड।
उच्च कूपन दर वाला बांड।
Explanation:
कम कूपन बांड की अवधि (Duration) अधिक होती है (उनका अधिक मूल्य दूरस्थ मूलधन पुनर्भुगतान से आता है)। उच्च अवधि का अर्थ है दरें बदलने पर उच्च मूल्य अस्थिरता।
357. यदि किसी फर्म की परिचालन लागत (fixed operating costs) शून्य है, तो उसका परिचालन उत्तोलन (DOL) कितना होगा?
शून्य
नकारात्मक
अनंत
एक (1)
Explanation:
DOL = योगदान / EBIT। यदि निश्चित लागत 0 है, तो योगदान = EBIT। तो, DOL = योगदान / योगदान = 1। इसका तात्पर्य है कि कोई परिचालन उत्तोलन नहीं है (बिक्री में 1% परिवर्तन = EBIT में 1% परिवर्तन)।
358. एक कंपनी को "अति-पूंजीकृत" (Over-capitalized) कहा जाता है जब:
इस पर बहुत अधिक कर्ज है।
इसकी वास्तविक कमाई इसके पूंजी निवेश पर उचित रिटर्न का भुगतान करने के लिए अपर्याप्त है।
इसके पास अतिरिक्त नकद अधिशेष है।
यह अत्यधिक लाभदायक है।
Explanation:
अति-पूंजीकरण का मतलब बहुत अधिक पैसा नहीं है। इसका मतलब है कि कमाई के सापेक्ष पूंजी आधार बहुत बड़ा है, जिससे लाभांश दरें कम हो जाती हैं और शेयर की कीमतें गिर जाती हैं।
359. एक "रूढ़िवादी" (Conservative) कार्यशील पूंजी वित्तपोषण नीति में शामिल है:
दीर्घकालिक निधियों के साथ सभी अचल संपत्तियों और सभी चालू संपत्तियों (स्थायी + उतार-चढ़ाव) को वित्तपोषित करना।
शून्य कार्यशील पूंजी।
सभी अचल संपत्तियों और स्थायी चालू संपत्तियों के एक हिस्से को दीर्घकालिक निधियों के साथ वित्तपोषित करना।
सभी चालू संपत्तियों को अल्पकालिक ऋण के साथ वित्तपोषित करना।
Explanation:
एक रूढ़िवादी नीति अस्थायी जरूरतों के लिए भी सुरक्षित दीर्घकालिक निधियों का उपयोग करके जोखिम को कम करती है। यह सुरक्षा (उच्च तरलता) को बढ़ाता है लेकिन लाभप्रदता (दीर्घकालिक निधियों की उच्च लागत) को कम करता है।
360. पूंजी बजटिंग में "पोस्ट-ऑडिट" (Post-Audit) का उद्देश्य क्या है?
परियोजना के कार्यान्वयन के बाद अनुमानित परिणामों के साथ वास्तविक परिणामों की तुलना करना।
विफलता के लिए प्रबंधकों को दंडित करना।
बैंक से ऋण प्राप्त करना।
कर की गणना करना।
Explanation:
पोस्ट-ऑडिट प्रतिक्रिया प्रदान करता है, यह पहचानने में मदद करता है कि पूर्वानुमान गलत क्यों हुए, और भविष्य के निर्णय लेने में सुधार करता है। यह एक नियंत्रण तंत्र है।
361. एक भारतीय नागरिक 25 सितंबर 2023 को विदेश में रोजगार के लिए भारत छोड़ देता है। उसने पहले कभी भारत नहीं छोड़ा। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए, उसकी आवासीय स्थिति क्या होगी?
निवासी और सामान्य निवासी (ROR)।
अनिवासी (NR)।
डीम्ड निवासी।
निवासी लेकिन सामान्य निवासी नहीं (RNOR)।
Explanation:
वह 1 अप्रैल से 25 सितंबर (लगभग 178 दिन) तक भारत में रहता है। चूंकि वह रोजगार के लिए जाता है, इसलिए 60-दिवसीय नियम को 182 दिनों से बदल दिया जाता है। चूंकि 178 < 182, वह एक अनिवासी है।
362. GST के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा किसके लिए नहीं किया जा सकता है?
खोया हुआ, चोरी हुआ, नष्ट हुआ या बट्टे खाते में डाला गया सामान।
व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उपयोग किए जाने वाले सामान।
कारखाने में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत सामान।
कार्यालय स्थापित करने के लिए उपयोग की जाने वाली सेवाएं।
Explanation:
CGST अधिनियम की धारा 17(5) उन वस्तुओं के लिए ITC को अवरुद्ध करती है जो खो गई हैं, चोरी हो गई हैं, नष्ट हो गई हैं, बट्टे खाते में डाल दी गई हैं, या उपहार या मुफ्त नमूनों के माध्यम से निपटा दी गई हैं।
363. "प्राइम कॉस्ट" (Prime Cost) किसका कुल योग है?
प्रत्यक्ष सामग्री + कारखाना ओवरहेड्स।
बेचे गए माल की लागत + बिक्री व्यय।
प्रत्यक्ष सामग्री + प्रत्यक्ष श्रम + प्रत्यक्ष व्यय।
प्रत्यक्ष श्रम + प्रशासनिक ओवरहेड्स।
Explanation:
प्राइम कॉस्ट किसी भी ओवरहेड को जोड़ने से पहले उत्पादन की कुल प्रत्यक्ष लागत (सामग्री, श्रम और व्यय) का प्रतिनिधित्व करती है।
364. धारा 194A के तहत, बैंकों द्वारा निवासी व्यक्तियों को भुगतान किए गए ब्याज (प्रतिभूतियों के अलावा) पर TDS काटा जाता है यदि राशि वित्तीय वर्ष में _____ से अधिक है (वरिष्ठ नागरिकों के लिए)।
₹1,00,000
₹50,000
₹10,000
₹40,000
Explanation:
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर TDS की सीमा ₹50,000 है। दूसरों के लिए, यह ₹40,000 है।
365. यदि निश्चित लागत ₹40,000 है और प्रति इकाई योगदान ₹10 है, तो सम-विच्छेद बिंदु (इकाइयों में) है:
40,000 इकाइयां
4,000 इकाइयां
10,000 इकाइयां
400 इकाइयां
Explanation:
BEP (इकाइयां) = निश्चित लागत / प्रति इकाई योगदान = 40,000 / 10 = 4,000 इकाइयां।
366. भारत "डुअल जीएसटी" (Dual GST) मॉडल का पालन करता है। इसका अर्थ है:
GST हर उत्पाद पर दो बार लगाया जाता है।
GST एक ही लेनदेन पर केंद्र और राज्य सरकारों दोनों द्वारा एक साथ लगाया जाता है।
GST केवल दो क्षेत्रों पर लागू होता है।
केवल दो कर दरें हैं।
Explanation:
अंतर-राज्य आपूर्ति के लिए, CGST (केंद्र) और SGST (राज्य) दोनों समवर्ती रूप से लगाए जाते हैं। यह समवर्ती कराधान शक्ति डुअल जीएसटी मॉडल को परिभाषित करती है।
367. यदि वास्तविक लागत मानक लागत से कम है, तो विचरण (Variance) को क्या कहा जाता है?
तटस्थ
असामान्य
अनुकूल (Favorable)
प्रतिकूल (Adverse)
Explanation:
मानक (बजट) राशि से कम खर्च करने से लाभ बढ़ता है, इसलिए यह एक अनुकूल विचरण है।
368. अग्रिम कर (Advance Tax) के भुगतान का दायित्व तब उत्पन्न होता है यदि वर्ष के लिए निर्धारिती की अनुमानित कर देयता है:
₹5,000 या अधिक।
₹10,000 या अधिक।
₹20,000 या अधिक।
₹1,00,000 या अधिक।
Explanation:
धारा 208 के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति जिसकी वर्ष के लिए अनुमानित कर देयता ₹10,000 या उससे अधिक है, वह अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है।
369. "शून्य-आधारित बजट" (ZBB) में, बजट प्रक्रिया कहां से शुरू होती है?
मुद्रास्फीति के लिए समायोजित पिछले वर्ष के आंकड़े।
शीर्ष प्रबंधन का विवेक।
शुरुआत (शून्य) से, हर खर्च के लिए औचित्य की आवश्यकता होती है।
पिछले 3 वर्षों का औसत।
Explanation:
ZBB पिछले साल के बजट को आधार नहीं मानता। हर गतिविधि/खर्च को शुरू से ही उचित ठहराया जाना चाहिए जैसे कि वह नया हो।
370. GST "कंपोजिशन स्कीम" (Composition Scheme) चुनने वाला डीलर क्या नहीं कर सकता है?
त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करना।
राज्य के भीतर माल बेचना।
कम निश्चित दर पर कर का भुगतान करना।
टैक्स चालान जारी करना और ग्राहकों से GST एकत्र करना।
Explanation:
कंपोजिशन डीलर ग्राहकों से कर एकत्र नहीं कर सकते हैं या इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं कर सकते हैं। उन्हें अपनी जेब से टर्नओवर का एक छोटा प्रतिशत भुगतान करना होगा और टैक्स चालान के बजाय "बिल ऑफ सप्लाई" जारी करना होगा।
371. लाभ मात्रा (PV) अनुपात की गणना इस प्रकार की जाती है:
लाभ / बिक्री
निश्चित लागत / बिक्री
योगदान / बिक्री * 100
बिक्री / योगदान
Explanation:
PV अनुपात उस दर को इंगित करता है जिस पर लाभ अर्जित किया जाता है। योगदान = बिक्री - परिवर्तनीय लागत।
372. आस्थगित कर संपत्ति (Deferred Tax Assets - DTA) तब उत्पन्न होती है जब:
समय के अंतर के कारण कर योग्य आय लेखांकन आय से अधिक है।
कर की दर बढ़ जाती है।
समय के अंतर के कारण लेखांकन आय कर योग्य आय से अधिक है।
स्थायी अंतर के कारण लेखांकन आय कर योग्य आय से अधिक है।
Explanation:
यदि कर योग्य आय > लेखांकन आय, तो आप अभी अधिक कर का भुगतान करते हैं लेकिन बाद में कम भुगतान करेंगे। यह पूर्व भुगतान एक संपत्ति (DTA) बनाता है। उदाहरण: कर में खर्चों की अस्वीकृति जो पुस्तकों में अनुमत हैं।
373. प्रोसेस कॉस्टिंग (Process Costing) उन उद्योगों के लिए सबसे उपयुक्त है जहां:
सजातीय उत्पादों का निरंतर उत्पादन होता है (जैसे, तेल शोधन, रसायन)।
प्रत्येक कार्य अलग और अनुकूलित है (जैसे, इंटीरियर डिजाइन)।
निर्माण अनुबंध किए जाते हैं।
सेवा प्रदान की जाती है।
Explanation:
प्रोसेस कॉस्टिंग में, प्रत्येक प्रक्रिया/चरण के लिए लागत जमा की जाती है क्योंकि उत्पाद लगातार एक प्रक्रिया से दूसरी प्रक्रिया में जाता है।
374. IGST (एकीकृत GST) किस पर लगाया जाता है?
शराब की बिक्री।
केवल माल का निर्यात।
माल और आयात की अंतर-राज्यीय (Inter-state) आपूर्ति।
माल की अंतर-राज्य (Intra-state) आपूर्ति।
Explanation:
IGST केंद्र द्वारा अंतर-राज्यीय लेनदेन और आयात पर एकत्र किया जाता है। यह प्रभावी रूप से CGST और SGST के योग को प्रतिस्थापित करता है।
375. सामग्री उपयोग विचरण (Material Usage Variance) की गणना इस प्रकार की जाती है:
(मानक मात्रा - वास्तविक मात्रा) * मानक मूल्य
(मानक मूल्य - वास्तविक मूल्य) * वास्तविक मात्रा
(मानक मात्रा - वास्तविक मात्रा) * वास्तविक मूल्य
(मानक लागत - वास्तविक लागत)
Explanation:
उपयोग विचरण सामग्री के उपयोग की दक्षता को अलग करता है। यह मानक मूल्य पर मूल्यवान अनुमत मात्रा (मानक) बनाम प्रयुक्त (वास्तविक) की तुलना करता है।
376. सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों की बिक्री (जहां STT का भुगतान किया जाता है) पर अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (STCG) पर किस दर से कर लगाया जाता है?
30%
10%
15%
20%
Explanation:
धारा 111A के तहत, सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों पर STCG पर 15% (प्लस अधिभार/उपकर) की रियायती दर से कर लगाया जाता है।
377. एक "मास्टर बजट" (Master Budget) अनिवार्य रूप से है:
सभी कार्यात्मक बजटों (बिक्री, उत्पादन, नकद, आदि) का सारांश उन्हें अनुमानित वित्तीय विवरणों में एकीकृत करता है।
सरकार द्वारा तैयार एक बजट।
केवल पूंजीगत व्यय के लिए एक बजट।
केवल उत्पादन विभाग के लिए एक बजट।
Explanation:
मास्टर बजट संगठन की समग्र योजना को प्रस्तुत करने के लिए सभी उप-बजटों को एकत्रित करता है, जो आमतौर पर एक बजट P&L और बैलेंस शीट में समाप्त होता है।
378. खातों की पुस्तकों में कौन सी लागत दर्ज नहीं की जाती है लेकिन निर्णय लेने के लिए प्रासंगिक है?
डूबत लागत
निश्चित लागत
परिवर्तनीय लागत
अवसर लागत (Opportunity Cost)
Explanation:
अवसर लागत अगले सर्वोत्तम विकल्प से छोड़ा गया लाभ है। यह निर्णय लेने में उपयोग की जाने वाली एक निहित लागत है लेकिन पुस्तकों में दर्ज नकद बहिर्वाह नहीं है।
379. "सुरक्षा का मार्जिन" (Margin of Safety) किसके बीच का अंतर है?
वास्तविक बिक्री और सम-विच्छेद बिक्री।
कुल बिक्री और परिवर्तनीय लागत।
बजट बिक्री और वास्तविक बिक्री।
निश्चित लागत और परिवर्तनीय लागत।
Explanation:
सुरक्षा का मार्जिन इंगित करता है कि कंपनी को नुकसान होने से पहले बिक्री कितनी गिर सकती है। उच्च MoS का मतलब कम जोखिम है।
380. GST में "रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म" (RCM) के तहत, कर का भुगतान करने का दायित्व किसके पास है?
ट्रांसपोर्टर।
माल/सेवाओं का प्राप्तकर्ता।
सरकार।
माल/सेवाओं का आपूर्तिकर्ता।
Explanation:
आम तौर पर, आपूर्तिकर्ता कर का भुगतान करता है। RCM के तहत, दायित्व प्राप्तकर्ता (जैसे, एक पंजीकृत डीलर एक अपंजीकृत डीलर से खरीद रहा है, या GTA जैसी विशिष्ट सेवाएं) पर स्थानांतरित हो जाता है।
381. आयकर अधिनियम की धारा 80C (80CCC और 80CCD(1) सहित) के तहत उपलब्ध अधिकतम कटौती है:
₹1,50,000
₹1,00,000
₹50,000
₹2,00,000
Explanation:
धारा 80C, 80CCC, और 80CCD(1) के तहत कटौती की कुल सीमा वर्तमान में प्रति वित्तीय वर्ष ₹1.5 लाख है।
382. जॉब कॉस्टिंग (Job Costing) किसके लिए सबसे उपयुक्त है?
एक चीनी का कारखाना।
एक कोयला खदान।
एक पेपर मिल।
विशिष्ट ग्राहक आदेशों को निष्पादित करने वाला एक प्रिंटिंग प्रेस।
Explanation:
जॉब कॉस्टिंग का उपयोग तब किया जाता है जब उत्पादन निरंतर नहीं होता है और प्रत्येक उत्पाद/कार्य ग्राहक के विनिर्देशों के अनुसार अद्वितीय होता है (जैसे, प्रिंटिंग, मरम्मत की दुकानें)।
383. श्रम दक्षता विचरण (Labor Efficiency Variance) किसके बीच अंतर के कारण उत्पन्न होता है?
वास्तविक उत्पादन और काम किए गए वास्तविक घंटों के लिए निर्दिष्ट मानक घंटे।
मानक सामग्री और वास्तविक सामग्री।
मानक दर और वास्तविक दर।
बजट लाभ और वास्तविक लाभ।
Explanation:
दक्षता विचरण उत्पादकता को मापता है। यदि श्रमिक उत्पादन के लिए अनुमत (मानक घंटे) से अधिक समय (वास्तविक घंटे) लेते हैं, तो विचरण प्रतिकूल होता है।
384. धारा 139A के तहत, एक वित्तीय वर्ष में _____ या उससे अधिक की कुल नकद जमा के लिए बैंक खाते में पैन (PAN) उद्धृत करना अनिवार्य है।
₹10 लाख
₹50,000
₹20 लाख
₹2.5 लाख
Explanation:
हाल ही में एक नियम परिवर्तन में एक वित्तीय वर्ष में ₹20 लाख या उससे अधिक की नकद जमा या निकासी के लिए, या चालू खाता खोलने के लिए पैन/आधार अनिवार्य है।
385. अधिकांश राज्यों (विशेष श्रेणी को छोड़कर) में माल आपूर्तिकर्ताओं के लिए अनिवार्य GST पंजीकरण के लिए कुल टर्नओवर सीमा सीमा है:
₹1.5 करोड़
₹20 लाख
₹10 लाख
₹40 लाख
Explanation:
माल के अनन्य आपूर्तिकर्ताओं के लिए, सीमा ₹40 लाख है। सेवा प्रदाताओं (और कुछ माल आपूर्तिकर्ताओं) के लिए, यह ₹20 लाख बनी हुई है।
386. जब कच्चे माल की कमी जैसे "सीमित कारक" (Limiting Factor/Key Factor) होता है, तो उत्पाद मिश्रण निर्णय किस पर आधारित होना चाहिए?
सीमित कारक की प्रति इकाई अधिकतम योगदान।
प्रति इकाई अधिकतम लाभ।
प्रति इकाई अधिकतम योगदान।
अधिकतम बिक्री मात्रा।
Explanation:
दुर्लभ संसाधनों के साथ लाभ को अधिकतम करने के लिए, एक फर्म को उन उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो दुर्लभ संसाधन की प्रति इकाई (जैसे, सामग्री के प्रति किलो योगदान) उच्चतम योगदान देते हैं।
387. निम्नलिखित में से कौन सा आइटम कैश बजट में शामिल नहीं है?
नकद बिक्री।
लेनदारों को भुगतान।
पूंजीगत व्यय।
मूल्यह्रास।
Explanation:
कैश बजट केवल वास्तविक नकद अंतर्वाह और बहिर्वाह को रिकॉर्ड करता है। मूल्यह्रास एक गैर-नकद व्यय है और इसे बाहर रखा गया है।
388. "यूनिट कॉस्टिंग" या "सिंगल आउटपुट कॉस्टिंग" किसके लिए उपयुक्त है?
कार की मरम्मत।
ईंट बनाना, कोयला खनन, सीमेंट निर्माण।
फर्नीचर बनाना।
जहाज निर्माण।
Explanation:
यूनिट कॉस्टिंग का उपयोग वहां किया जाता है जहां एकल मानक उत्पाद का निरंतर उत्पादन होता है (समान इकाइयां)। उदाहरण: ईंटें, कोयला, सीमेंट।
389. नाबालिग बच्चे की आय को माता-पिता की आय के साथ क्लब (Clubbed) किया जाता है:
यह क्लब नहीं है; अलग से दाखिल किया गया।
जो माँ है।
जिसकी कुल आय (नाबालिग की आय को छोड़कर) अधिक है।
जो पिता है।
Explanation:
धारा 64(1A) के तहत, नाबालिग की आय को उच्च आय वाले माता-पिता के साथ क्लब किया जाता है। अपवाद: नाबालिग के शारीरिक कार्य या कौशल/प्रतिभा के माध्यम से अर्जित आय।
390. निम्नलिखित में से किसे GST के तहत "आपूर्ति" (Supply) माना जाता है, भले ही वह बिना प्रतिफल (consideration) के किया गया हो?
व्यावसायिक संपत्तियों का स्थायी हस्तांतरण जिस पर ITC का लाभ उठाया गया था।
₹5000 तक के उपहार।
पुरानी कार की बिक्री।
कर्मचारी द्वारा नियोक्ता को सेवाएं।
Explanation:
CGST अधिनियम की अनुसूची I उन गतिविधियों को निर्दिष्ट करती है जिन्हें बिना प्रतिफल के भी आपूर्ति माना जाता है। इसमें व्यावसायिक संपत्तियों का निपटान शामिल है जहां इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया गया है।
391. एक फर्म को अल्पावधि में अपना परिचालन बंद कर देना चाहिए यदि विक्रय मूल्य इसे भी कवर नहीं कर सकता:
कुल निश्चित लागत।
प्रशासनिक लागत।
परिवर्तनीय लागत।
कुल लागत।
Explanation:
अल्पावधि में, एक फर्म निश्चित लागत (डूबत) को अनदेखा कर सकती है। लेकिन अगर राजस्व < परिवर्तनीय लागत, तो बेची गई प्रत्येक इकाई नुकसान को बढ़ाती है। इसलिए, शटडाउन पॉइंट वह है जहां मूल्य = औसत परिवर्तनीय लागत।
392. निश्चित ओवरहेड वॉल्यूम विचरण (Fixed Overhead Volume Variance) किसके बीच अंतर के कारण उत्पन्न होता है?
बजट आउटपुट और वास्तविक आउटपुट।
वास्तविक आउटपुट और बजट घंटों के लिए अनुमत मानक घंटे।
वास्तविक निश्चित ओवरहेड और बजट निश्चित ओवरहेड।
मानक निश्चित ओवरहेड दर और वास्तविक दर।
Explanation:
वॉल्यूम विचरण तब उत्पन्न होता है जब वास्तविक उत्पादन मात्रा बजट मात्रा से भिन्न होती है। यदि वास्तविक उत्पादन अधिक है, तो निश्चित लागत अति-अवशोषित (अनुकूल) होती है।
393. ब्याज भुगतान (वेतन के अलावा) के लिए बैंकों द्वारा दाखिल किया जाने वाला त्रैमासिक TDS रिटर्न है:
फॉर्म 26Q
फॉर्म 24Q
फॉर्म 16A
फॉर्म 27Q
Explanation:
फॉर्म 26Q निवासियों को वेतन के अलावा अन्य भुगतानों पर TDS के लिए है। 24Q वेतन के लिए है। 27Q अनिवासियों के लिए है।
394. GST में प्रयुक्त HSN कोड का पूर्ण रूप क्या है?
हाई सिक्योरिटी नंबर
होम स्टेट नंबर
हार्मनाइज्ड सिस्टम ऑफ नोमेनक्लेचर
नंबरिंग का हाइब्रिड सिस्टम
Explanation:
HSN एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत उत्पाद कोडिंग प्रणाली है जिसका उपयोग माल के वर्गीकरण में एकरूपता बनाए रखने के लिए किया जाता है।
395. लागत के पहचान योग्य मदों को लागत केंद्रों या लागत इकाइयों में चार्ज करने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
अवशोषण
परिशोधन
आवंटन (Allocation)
प्रभाजन (Apportionment)
Explanation:
आवंटन एक इकाई को लागत का प्रत्यक्ष असाइनमेंट है (जैसे, विभाग A के प्रबंधक का वेतन विभाग A को)। प्रभाजन सामान्य लागतों का वितरण है।
396. एक "लचीला बजट" (Flexible Budget) किसके साथ बदलने के लिए डिज़ाइन किया गया है?
कर की दरें।
प्रबंधन टीम।
मुद्रास्फीति की दर।
गतिविधि का स्तर या आउटपुट की मात्रा।
Explanation:
एक लचीला बजट गतिविधि के विभिन्न स्तरों के लिए बजट लागत को समायोजित करता है, यह पहचानते हुए कि परिवर्तनीय लागत मात्रा के साथ बदलती है जबकि निश्चित लागत स्थिर रहती है।
397. वित्तीय वर्ष 2023-24 में अर्जित आय पर किस निर्धारण वर्ष (Assessment Year) में कर लगाया जाता है?
2024-25
2023-24
2025-26
2022-23
Explanation:
जिस वर्ष आय अर्जित की जाती है वह पिछला वर्ष (FY 2023-24) है। जिस वर्ष इसका मूल्यांकन और कर लगाया जाता है वह निर्धारण वर्ष (AY 2024-25) है।
398. निम्नलिखित में से कौन सा समीकरण "योगदान" (Contribution) का प्रतिनिधित्व करता है?
बिक्री - कुल लागत
निश्चित लागत + लाभ
बिक्री - निश्चित लागत
परिवर्तनीय लागत + लाभ
Explanation:
योगदान = बिक्री - परिवर्तनीय लागत। वैकल्पिक रूप से, योगदान = निश्चित लागत + लाभ (चूंकि बिक्री - VC - FC = लाभ)।
399. किससे अधिक मूल्य के माल की आवाजाही के लिए "ई-वे बिल" की आवश्यकता होती है?
₹10,000
₹50,000
₹1 लाख
₹25,000
Explanation:
GST के तहत, ₹50,000 से अधिक मूल्य के माल की आवाजाही के लिए आमतौर पर GST पोर्टल से उत्पन्न ई-वे बिल की आवश्यकता होती है।
400. अनुबंध लागत (Contract Costing) में, "प्रतिधारण धन" (Retention Money) है?
स्रोत पर कर कटौती।
दोषपूर्ण कार्य के खिलाफ सुरक्षा के रूप में अनुबंद्धकर्ता (contractee) द्वारा रोके गए प्रगति भुगतान का एक हिस्सा।
ठेकेदार द्वारा रोका गया लाभ।
ठेकेदार को दिया गया अग्रिम भुगतान।
Explanation:
प्रतिधारण धन यह सुनिश्चित करता है कि ठेकेदार काम को संतोषजनक ढंग से पूरा करे। इसे दोष दायित्व अवधि के बाद जारी किया जाता है।
401. फॉर्म 15H बैंक को किसके द्वारा जमा किया जाता है?
वरिष्ठ नागरिक (60+ वर्ष) ब्याज पर शून्य TDS का दावा करने के लिए यदि कर देयता शून्य है।
TDS से बचने के लिए कंपनियां।
कम TDS का दावा करने के लिए NRIs।
TDS से बचने के लिए कोई भी व्यक्ति।
Explanation:
फॉर्म 15G 60 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों के लिए है, और फॉर्म 15H विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष और उससे अधिक) के लिए है।
402. यदि वास्तविक मूल्य ₹12 है, मानक मूल्य ₹10 है, और वास्तविक मात्रा 1000 इकाइयाँ है, तो सामग्री मूल्य विचरण (Material Price Variance) है:
₹2000 अनुकूल
₹1000 प्रतिकूल
₹2000 प्रतिकूल
₹200 प्रतिकूल
Explanation:
सूत्र: (मानक मूल्य - वास्तविक मूल्य) * वास्तविक मात्रा। (10 - 12) * 1000 = -2 * 1000 = -2000। चूंकि वास्तविक कीमत अधिक है, इसलिए यह प्रतिकूल है।
403. GST के तहत "इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर" (ISD) एक कार्यालय है जो:
ग्राहकों से कर एकत्र करता है।
इनपुट सेवाओं के लिए कर चालान प्राप्त करता है और अन्य शाखाओं को क्रेडिट वितरित करता है।
रसद सेवाएं प्रदान करता है।
शाखाओं को माल वितरित करता है।
Explanation:
ISD (जैसे प्रधान कार्यालय) शाखाओं द्वारा उपयोग की जाने वाली सेवाओं के लिए चालान प्राप्त करता है और उन्हें आनुपातिक रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वितरित करता है।
404. निष्पादन बजट (Performance Budgeting) मुख्य रूप से किस पर केंद्रित है?
कर्मचारियों को कम करना।
खर्च किए गए पैसे की राशि।
ऐतिहासिक डेटा।
खर्च किए गए पैसे के लिए प्राप्त परिणाम या नतीजा।
Explanation:
पारंपरिक बजट के विपरीत जो इनपुट (व्यय आइटम) पर केंद्रित है, निष्पादन बजट वित्त पोषण को अपेक्षित परिणामों और आउटपुट (नतीजों) से जोड़ता है।
405. धारा 80E के तहत कटौती किसके लिए उपलब्ध है?
उच्च शिक्षा के लिए लिए गए ऋण पर भुगतान किया गया ब्याज।
दान के लिए दान।
किराया भुगतान किया गया।
चिकित्सा बीमा प्रीमियम।
Explanation:
धारा 80E स्वयं, जीवनसाथी या बच्चों के लिए शिक्षा ऋण पर भुगतान की गई पूरी ब्याज राशि की कटौती की अनुमति देती है, अधिकतम 8 वर्षों के लिए।
406. "बनाएं या खरीदें" (Make or Buy) निर्णय में, बाहरी खरीद मूल्य के साथ तुलना के लिए कौन सी लागत प्रासंगिक है?
डूबत लागत।
केवल परिवर्तनीय (सीमांत) लागत।
कुल लागत (निश्चित + परिवर्तनीय)।
केवल निश्चित लागत।
Explanation:
निर्णय की परवाह किए बिना निश्चित लागतें वहन की जाएंगी। इसलिए, निर्माण के लिए प्रासंगिक लागत केवल सीमांत/परिवर्तनीय लागत है।
407. UTGST (केंद्र शासित प्रदेश GST) कहाँ लागू है?
सभी केंद्र शासित प्रदेश।
विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेश (जैसे, दिल्ली, पुडुचेरी)।
राज्य विधानमंडल के बिना केंद्र शासित प्रदेश (जैसे, लद्दाख, चंडीगढ़)।
सभी राज्य।
Explanation:
विधानमंडल वाले UTs (दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी) का अपना SGST अधिनियम है। विधानमंडल के बिना UTs (अंडमान, लक्षद्वीप, आदि) UTGST अधिनियम द्वारा शासित होते हैं।
408. कारखाने की मशीनों के लिए "स्नेहक" (Lubricants) की लागत को किस रूप में वर्गीकृत किया गया है?
अप्रत्यक्ष सामग्री (फैक्टरी ओवरहेड)।
प्रत्यक्ष सामग्री।
प्रशासनिक ओवरहेड।
प्रत्यक्ष व्यय।
Explanation:
स्नेहक उपभोग्य वस्तुएं हैं जो तैयार उत्पाद का हिस्सा नहीं हैं लेकिन उत्पादन के लिए आवश्यक हैं। इसलिए, अप्रत्यक्ष सामग्री।
409. भारत में कृषि आय है:
पूरी तरह से कर योग्य।
आंशिक रूप से कर योग्य।
विशेष दर पर कर लगाया जाता है।
धारा 10(1) के तहत छूट।
Explanation:
कृषि आय केंद्रीय आयकर से मुक्त है। हालांकि, अन्य आय (आंशिक एकीकरण) के लिए कर स्लैब निर्धारित करने के लिए इसे दर उद्देश्यों के लिए शामिल किया गया है।
410. बजटीय नियंत्रण में "अपवाद द्वारा प्रबंधन" (MBE) का अर्थ है:
हर महीने बजट बदलना।
केवल उन महत्वपूर्ण विचलनों (प्रतिकूल या अनुकूल) पर ध्यान केंद्रित करना जो एक निश्चित सीमा से अधिक हैं।
सभी विचलनों को अनदेखा करना।
हर एक विचरण की जाँच करना।
Explanation:
MBE केवल तभी उन्हें सचेत करके प्रबंधन समय बचाता है जब वास्तविक प्रदर्शन योजना से काफी भटक जाता है।
411. "आपूर्ति का समय" (Time of Supply) उस बिंदु को तय करता है जब:
माल ग्राहक तक पहुंचता है।
भुगतान प्राप्त होता है।
माल का निर्माण होता है।
कर देयता उत्पन्न होती है।
Explanation:
आपूर्ति का समय कर के भुगतान की नियत तारीख निर्धारित करता है। माल के लिए, यह आमतौर पर चालान तिथि या चालान जारी करने की अंतिम तिथि में से जो भी पहले हो, वह होता है।
412. एक "लागत केंद्र" (Cost Center) है:
उत्पाद की एक इकाई।
कुल बिक्री।
कंपनी का लाभ।
एक स्थान, व्यक्ति, या उपकरण की वस्तु जिसके लिए लागत का पता लगाया जा सकता है और नियंत्रण उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है।
Explanation:
लागत केंद्र लागत आवंटित करने और नियंत्रित करने में मदद करते हैं। उदाहरण: रखरखाव विभाग, असेंबली लाइन, या बिक्री प्रबंधक।
413. आयकर "पिछले वर्ष" (Previous Year) की आय पर लगाया जाता है। पिछले वर्ष को किस रूप में परिभाषित किया गया है?
निर्धारण वर्ष से ठीक पहले का वित्तीय वर्ष।
वह वर्ष जिसमें कर का भुगतान किया जाता है।
करदाता द्वारा चुनी गई 12 महीने की कोई भी अवधि।
कर वर्ष से पहले का कैलेंडर वर्ष।
Explanation:
भारत में, पिछला वर्ष हमेशा निर्धारण वर्ष से ठीक पहले 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है।
414. सम-विच्छेद चार्ट में, "घटना का कोण" (Angle of Incidence) क्या इंगित करता है?
वह दर जिस पर BEP पार होने के बाद लाभ अर्जित किया जाता है।
सुरक्षा का मार्जिन।
निश्चित लागत।
परिवर्तनीय लागत।
Explanation:
घटना का व्यापक कोण का अर्थ है उच्च लाभप्रदता (बिक्री बढ़ने पर लाभ तेजी से बढ़ता है)। एक संकीर्ण कोण कम लाभप्रदता का सुझाव देता है।
415. इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करने के लिए, निम्नलिखित में से कौन सी शर्त अनिवार्य है?
आपूर्तिकर्ता द्वारा सरकार को कर का भुगतान किया गया है।
माल/सेवाओं की प्राप्ति।
उपरोक्त सभी।
टैक्स चालान का कब्ज़ा।
Explanation:
CGST अधिनियम की धारा 16 4 शर्तें निर्धारित करती है: 1. चालान का कब्ज़ा 2. माल की प्राप्ति 3. सरकार को कर का भुगतान 4. रिटर्न प्रस्तुत करना।
416. यदि वास्तविक बिक्री ₹1,20,000 है और बजट बिक्री ₹1,00,000 है, तो बिक्री मूल्य विचरण (Sales Value Variance) है:
शून्य
₹10,000 अनुकूल
₹20,000 प्रतिकूल
₹20,000 अनुकूल
Explanation:
बिक्री विचरण = वास्तविक बिक्री - बजट बिक्री। चूंकि वास्तविक राजस्व बजट से अधिक है, इसलिए यह अनुकूल है।
417. कैश बजट में निम्नलिखित में से किसे नकद अंतर्वाह (INFLOW) के रूप में अनुमानित किया जाता है?
मूल्यह्रास
देनदारों से संग्रह
उधार बिक्री
बैड डेट्स
Explanation:
उधार बिक्री तत्काल नकदी नहीं लाती है। केवल जब देनदार भुगतान करते हैं (संग्रह) तो नकद प्रवाह होता है। मूल्यह्रास और बैड डेट्स गैर-नकद आइटम हैं।
418. घर की संपत्ति को उप-किराए (subletting) पर देने से होने वाली आय किस शीर्ष के तहत कर योग्य है?
अन्य स्रोतों से आय
व्यवसाय या पेशे से लाभ और लाभ
पूंजीगत लाभ
घर की संपत्ति से आय
Explanation:
घर की संपत्ति से आय केवल मालिक पर लागू होती है। घर को उप-किराए पर देने वाला किरायेदार मालिक नहीं है, इसलिए प्राप्त किराए पर "अन्य स्रोतों" या व्यवसाय (यदि यह उनका व्यवसाय है) के तहत कर लगाया जाता है।
419. प्रति इकाई निश्चित लागत (Fixed Cost per unit):
शून्य है।
उत्पादन बढ़ने पर स्थिर रहती है।
उत्पादन बढ़ने पर बढ़ती है।
उत्पादन बढ़ने पर घटती है।
Explanation:
कुल निश्चित लागत स्थिर रहती है, लेकिन जैसे-जैसे उत्पादन की मात्रा बढ़ती है, निश्चित लागत अधिक इकाइयों में फैल जाती है, जिससे प्रति इकाई लागत कम हो जाती है।
420. भारत में GST के तहत निम्नलिखित में से कौन सा मानक कर स्लैब नहीं है?
12%
25%
5%
18%
Explanation:
मानक GST स्लैब 5%, 12%, 18%, और 28% हैं। कोई 25% स्लैब नहीं है।
421. बिक्री मात्रा विचरण (Sales Volume Variance) कब अनुकूल होता है?
बजट मात्रा वास्तविक मात्रा से अधिक है।
बेची गई वास्तविक मात्रा बजट मात्रा से अधिक है।
वास्तविक लागत मानक लागत से कम है।
वास्तविक विक्रय मूल्य मानक विक्रय मूल्य से अधिक है।
Explanation:
बिक्री मात्रा विचरण बेची गई वास्तविक मात्रा और बजट मात्रा के बीच अंतर के प्रभाव को मापता है। यदि कोई फर्म योजना से अधिक इकाइयाँ बेचती है (वास्तविक मात्रा > बजट मात्रा), तो यह अधिक राजस्व/लाभ उत्पन्न करती है, जिसके परिणामस्वरूप मूल्य अंतर (जो मूल्य विचरण है) की परवाह किए बिना अनुकूल विचरण होता है।
422. धारा 54EC के तहत, दीर्घकालिक पूंजीगत संपत्तियों के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभ को छूट दी जाती है यदि इसे निर्दिष्ट बांडों (जैसे NHAI/REC) में कितने समय के भीतर निवेश किया जाता है?
हस्तांतरण की तारीख से 6 महीने।
रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख से पहले।
हस्तांतरण की तारीख से 1 वर्ष।
हस्तांतरण की तारीख से 3 महीने।
Explanation:
दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर छूट का दावा करने के लिए, निर्धारिती को संपत्ति हस्तांतरण की तारीख से 6 महीने की सख्त समय सीमा के भीतर NHAI, REC, आदि के निर्दिष्ट बांडों में लाभ का निवेश करना होगा। वित्तीय वर्ष में निवेश की अधिकतम सीमा ₹50 लाख है।
423. "समग्र आपूर्ति" (Composite Supply) के मामले में (जैसे, चार्जर के साथ मोबाइल फोन), लागू GST दर है:
"मूल आपूर्ति" (Principal Supply) पर लागू दर।
सहायक आपूर्ति पर लागू दर।
सभी वस्तुओं की औसत दर।
वस्तुओं के बीच उच्चतम दर।
Explanation:
समग्र आपूर्ति में दो या दो से अधिक स्वाभाविक रूप से बंडल की गई आपूर्ति होती है जहां एक मूल आपूर्ति होती है। CGST अधिनियम की धारा 8 में कहा गया है कि कर देयता मूल आपूर्ति पर लागू दर होगी (उदाहरण के लिए, मोबाइल फोन दर पूरे पैकेज पर लागू होती है)।
424. "लागत उदासीनता बिंदु" (Cost Indifference Point) आउटपुट का वह स्तर है जहां:
कुल बिक्री कुल लागत के बराबर है।
दो विकल्पों की कुल लागत बराबर है।
लाभ अधिकतम है।
कुल लागत न्यूनतम है।
Explanation:
लागत उदासीनता बिंदु उत्पादन की वह मात्रा है जिस पर दो अलग-अलग विधियों (जैसे, मशीन A बनाम मशीन B) के तहत कुल लागत समान होती है। इस बिंदु से नीचे, कम निश्चित लागत वाला विकल्प पसंद किया जाता है; इसके ऊपर, कम परिवर्तनीय लागत वाला विकल्प पसंद किया जाता है।
425. निम्नलिखित में से कौन "शून्य आधारित बजट" (ZBB) की एक विशिष्ट विशेषता है?
यह पिछले वर्ष के बजट को अस्तित्वहीन मानते हुए, हर खर्च को शुरू से ही उचित ठहराता है।
यह केवल बिक्री बढ़ाने पर केंद्रित है।
इसका उपयोग केवल पूंजीगत व्यय के लिए किया जाता है।
यह मानता है कि चालू वर्ष का बजट अगले वर्ष के लिए सबसे अच्छा अनुमान है।
Explanation:
ZBB पारंपरिक वृद्धिशील बजट दृष्टिकोण को उलट देता है। प्रबंधकों को प्रत्येक नई अवधि के लिए सभी खर्चों को "शून्य आधार" से शुरू करते हुए उचित ठहराना चाहिए, जिससे अक्षमताओं को खत्म करने के लिए प्रत्येक गतिविधि के लागत-लाभ की समीक्षा मजबूर हो जाती है।
426. धारा 194C के तहत, यदि पैन (PAN) प्रदान किया जाता है, तो व्यक्तिगत/HUF ठेकेदारों को किए गए भुगतान के लिए TDS दर क्या है?
5%
1%
10%
2%
Explanation:
निवासी ठेकेदारों को भुगतान के लिए: यदि आदाता एक व्यक्ति या HUF है, तो TDS 1% है। दूसरों के लिए (जैसे कंपनियों/फर्मों), यह 2% है। यदि पैन प्रदान नहीं किया जाता है, तो दर बढ़कर 20% हो जाती है।
427. "मिश्रित आपूर्ति" (Mixed Supply) के मामले में (जैसे, चॉकलेट, जूस और खिलौनों का एक गिफ्ट हैम्पर एक ही कीमत पर बेचा जाता है), कर देयता किसके द्वारा निर्धारित की जाती है?
सबसे अधिक कर दर वाली वस्तु।
औसत कर दर।
मूल आपूर्ति।
सबसे कम कर दर वाली वस्तु।
Explanation:
मिश्रित आपूर्ति दो या दो से अधिक व्यक्तिगत आपूर्ति को संदर्भित करती है जो एक ही कीमत पर बेची जाती हैं जो स्वाभाविक रूप से बंडल नहीं होती हैं। GST कानून अनिवार्य करता है कि कर चोरी को रोकने के लिए ऐसी आपूर्ति पर उस वस्तु की दर से कर लगाया जाना चाहिए जो उच्चतम कर दर को आकर्षित करती है।
428. लागत पत्रक (Cost Sheet) में, "उत्पादन की लागत" (Cost of Production) किस पर "वर्क्स कॉस्ट" (फैक्ट्री लागत) को समायोजित करके प्राप्त की जाती है?
कच्चे माल का ओपनिंग और क्लोजिंग स्टॉक।
बिक्री और वितरण ओवरहेड्स।
आयकर।
प्रशासनिक ओवरहेड्स और वर्क-इन-प्रोग्रेस (WIP) का ओपनिंग/क्लोजिंग स्टॉक।
Explanation:
फैक्ट्री लागत + उत्पादन से संबंधित प्रशासनिक ओवरहेड्स + ओपनिंग WIP - क्लोजिंग WIP = उत्पादन की लागत। बिक्री की लागत खोजने के लिए बिक्री व्यय बाद में जोड़े जाते हैं।
429. "सट्टा व्यवसाय" (Speculation Business) से होने वाले नुकसान को किसके विरुद्ध सेट ऑफ (समायोजित) किया जा सकता है?
वेतन से आय।
किसी अन्य व्यवसाय से आय।
केवल दूसरे सट्टा व्यवसाय के मुनाफे के विरुद्ध।
घर की संपत्ति से आय।
Explanation:
धारा 73 के तहत, सट्टा व्यवसाय से होने वाले नुकसान को अलग माना जाता है। उन्हें सामान्य व्यावसायिक मुनाफे या अन्य शीर्षों के खिलाफ सेट ऑफ नहीं किया जा सकता है। उन्हें केवल सट्टा मुनाफे के खिलाफ सेट ऑफ किया जा सकता है और 4 साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
430. एक्टिविटी बेस्ड कॉस्टिंग (ABC) में, "लागत चालक" (Cost Driver) को किस रूप में परिभाषित किया गया है?
लागत नियंत्रण के लिए जिम्मेदार व्यक्ति।
एक कारक जो किसी गतिविधि की लागत में परिवर्तन का कारण बनता है।
एक उत्पाद की कुल लागत।
लाभ मार्जिन।
Explanation:
ABC गतिविधियों के आधार पर ओवरहेड्स प्रदान करता है। एक लागत चालक (जैसे, मशीन सेटअप की संख्या, निरीक्षणों की संख्या) वह कारक है जो उस गतिविधि की मात्रा/लागत को प्रभावित करता है, जो पारंपरिक मात्रा-आधारित अवशोषण की तुलना में अधिक सटीक लागत प्रदान करता है।
431. यदि कोई पंजीकृत व्यक्ति चालान की तारीख से 180 दिनों के भीतर आपूर्तिकर्ता को भुगतान करने में विफल रहता है, तो लाभ उठाए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का क्या होता है?
आपूर्तिकर्ता इसे वापस भुगतान करता है।
इसे ऋण में बदल दिया जाता है।
इसे ब्याज के साथ उलट दिया जाना चाहिए (आउटपुट दायित्व में जोड़ा जाना चाहिए)।
यह मान्य रहता है।
Explanation:
प्राप्तकर्ताओं को आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान किए बिना टैक्स क्रेडिट का आनंद लेने से रोकने के लिए, GST कानून अनिवार्य करता है कि यदि 180 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है तो ITC को उलट दिया जाए। भुगतान किए जाने पर क्रेडिट का फिर से लाभ उठाया जा सकता है।
432. निम्नलिखित में से कौन लाभ मात्रा (P/V) अनुपात को बढ़ाएगा?
प्रति इकाई परिवर्तनीय लागत में कमी।
निश्चित लागत में वृद्धि।
प्रति इकाई परिवर्तनीय लागत में वृद्धि।
प्रति इकाई विक्रय मूल्य में कमी।
Explanation:
P/V अनुपात = (बिक्री - परिवर्तनीय लागत) / बिक्री। परिवर्तनीय लागत को कम करने से योगदान मार्जिन बढ़ जाता है, जिससे P/V अनुपात बढ़ जाता है। निश्चित लागत P/V अनुपात को प्रभावित नहीं करती है।
433. वरिष्ठ नागरिक माता-पिता के लिए भुगतान किए गए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए धारा 80D के तहत उपलब्ध अधिकतम कटौती है:
₹50,000
₹1,00,000
₹30,000
₹25,000
Explanation:
सामान्य सीमा ₹25,000 है। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक आयु) के लिए, सीमा को बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया गया है। यह स्वयं/परिवार की सीमा से अलग है।
434. यदि श्रमिकों को मानक दर से अधिक दर पर भुगतान किया जाता है, तो श्रम दर विचरण (Labor Rate Variance) होगा:
गणना योग्य नहीं
अनुकूल
प्रतिकूल (Adverse)
शून्य
Explanation:
नियोजित (मानक) दर से अधिक भुगतान करने से लागत बढ़ती है, जिससे लाभ कम हो जाता है। इसलिए, यह एक प्रतिकूल विचरण है। सूत्र: (मानक दर - वास्तविक दर) * वास्तविक घंटे।
435. कैश बजट में, यदि क्लोजिंग कैश बैलेंस नकारात्मक (घाटा) है, तो प्रबंधन को किसके लिए योजना बनानी चाहिए?
मूल्यह्रास बढ़ाना।
अल्पकालिक उधार (ओवरड्राफ्ट) की व्यवस्था करना।
उच्च लाभांश का भुगतान।
अधिशेष धन का निवेश।
Explanation:
अनुमानित नकदी घाटा इंगित करता है कि बहिर्वाह अंतर्वाह से अधिक है। प्रबंधन को तरलता बनाए रखने के लिए ओवरड्राफ्ट या अल्पकालिक ऋण जैसे अस्थायी वित्तपोषण की व्यवस्था करनी चाहिए।
436. खाता धारक को प्रदान की जाने वाली बैंकिंग सेवाओं के लिए, GST के तहत "आपूर्ति का स्थान" (Place of Supply) है:
RBI का स्थान।
बैंक का स्थान।
रिकॉर्ड पर प्राप्तकर्ता का स्थान।
भारत में कहीं भी।
Explanation:
IGST अधिनियम के अनुसार, पंजीकृत व्यक्ति या खाता धारक को सेवाओं के लिए, आपूर्ति का स्थान प्राप्तकर्ता का स्थान है। यदि प्राप्तकर्ता खाता धारक नहीं है और स्थान अज्ञात है, तो यह बैंक का स्थान है।
437. एक "डूबत लागत" (Sunk Cost) को किस रूप में परिभाषित किया गया है?
भविष्य की लागत जो निर्णय के आधार पर बदल जाएगी।
एक लागत जो पहले ही हो चुकी है और वसूल नहीं की जा सकती है।
एक अवसर लागत।
एक लागत जो उत्पादन के साथ बदलती है।
Explanation:
डूबत लागत (जैसे, विफल उत्पाद पर खर्च किया गया R&D) भविष्य के निर्णय लेने के लिए अप्रासंगिक हैं क्योंकि की गई कार्रवाई की परवाह किए बिना उन्हें बदला नहीं जा सकता है।
438. धारा 144 के तहत "सर्वोत्तम निर्णय मूल्यांकन" (Best Judgment Assessment) निर्धारण अधिकारी द्वारा कब किया जाता है?
रिफंड का दावा है।
निर्धारिती रिटर्न दाखिल करने में विफल रहता है या नोटिस का पालन करने में विफल रहता है।
निर्धारिती इसके लिए अनुरोध करता है।
निर्धारिती ने सही रिटर्न दाखिल किया है।
Explanation:
यदि करदाता गैर-अनुपालनकर्ता है (रिटर्न दाखिल नहीं करता है, दस्तावेज पेश नहीं करता है), तो अधिकारी अपने निर्णय के अनुसार आय का अनुमान लगाता है और कर देयता निर्धारित करता है।
439. "लक्षित लाभ" (Target Profit) प्राप्त करने के लिए आवश्यक बिक्री मात्रा की गणना करने के लिए, सूत्र है:
निश्चित लागत / PV अनुपात
लक्षित लाभ / PV अनुपात
(निश्चित लागत - लक्षित लाभ) / PV अनुपात
(निश्चित लागत + लक्षित लाभ) / PV अनुपात
Explanation:
योगदान को निश्चित लागत और वांछित लक्षित लाभ दोनों को कवर करना चाहिए। कुल आवश्यक योगदान (FC + लाभ) को PV अनुपात से विभाजित करने पर आवश्यक बिक्री मात्रा प्राप्त होती है।
440. यदि व्यवसाय के लिए खरीदा गया माल मालिक द्वारा व्यक्तिगत उपभोग के लिए उपयोग किया जाता है, तो उन पर लिया गया इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC):
बरकरार रखा जा सकता है।
अनदेखा किया जाता है।
दोगुना हो जाता है।
उलट दिया जाना चाहिए (वापस भुगतान किया जाना चाहिए)।
Explanation:
ITC केवल व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुओं/सेवाओं के लिए उपलब्ध है। व्यक्तिगत उपभोग एक गैर-व्यावसायिक उपयोग है, इसलिए आनुपातिक क्रेडिट को उलट दिया जाना चाहिए।
441. जॉब कॉस्टिंग और प्रोसेस कॉस्टिंग के बीच प्राथमिक अंतर है:
जॉब कॉस्टिंग मानकीकृत उत्पादों के लिए है; प्रोसेस कॉस्टिंग अनुकूलित उत्पादों के लिए है।
जॉब कॉस्टिंग विशिष्ट आदेश द्वारा लागत जमा करती है; प्रोसेस कॉस्टिंग एक अवधि के दौरान उत्पादन विभाग/प्रक्रिया द्वारा लागत जमा करती है।
जॉब कॉस्टिंग सस्ती है।
प्रोसेस कॉस्टिंग केवल सेवाओं के लिए है।
Explanation:
जॉब कॉस्टिंग प्रत्येक अद्वितीय कार्य को अलग-अलग ट्रैक करती है (विषम)। प्रोसेस कॉस्टिंग निरंतर प्रवाह (सजातीय) में उत्पादित बड़ी संख्या में समान इकाइयों पर लागत का औसत निकालती है।
442. धारा 194N के तहत, बैंक खाते से नकद निकासी पर TDS काटा जाता है यदि कुल राशि एक वर्ष में _____ से अधिक है (उस व्यक्ति के लिए जिसने रिटर्न दाखिल किया है)।
₹20 लाख
₹1 करोड़
₹2 करोड़
₹50 लाख
Explanation:
अनुपालन करने वाले करदाताओं (जिन्होंने रिटर्न दाखिल किया) के लिए, ₹1 करोड़ से अधिक की नकद निकासी पर 2% की दर से TDS लागू होता है। गैर-फाइलर्स के लिए, सीमा कम (₹20 लाख) है।
443. कौन सा बजट आमतौर पर सबसे पहले तैयार किया जाता है और अन्य बजटों के लिए आधार के रूप में कार्य करता है?
उत्पादन बजट
बिक्री बजट (Sales Budget)
खरीद बजट
कैश बजट
Explanation:
बिक्री बजट राजस्व और मांग का अनुमान लगाता है। चूंकि उत्पादन, खरीद और नकदी की जरूरतें इस बात पर निर्भर करती हैं कि कंपनी कितना बेचने की उम्मीद करती है, बिक्री बजट शुरुआती बिंदु (मुख्य कारक) है।
444. निश्चित ओवरहेड लागत विचरण (Fixed Overhead Cost Variance) किसके बीच का अंतर है?
मानक दर और वास्तविक दर।
वास्तविक उत्पादन और वास्तविक निश्चित ओवरहेड के लिए मानक निश्चित ओवरहेड।
मानक घंटे और वास्तविक घंटे।
बजट निश्चित ओवरहेड और वास्तविक निश्चित ओवरहेड।
Explanation:
यह विचरण वास्तव में खर्च किए गए बनाम प्राप्त वास्तविक उत्पादन के आधार पर निश्चित ओवरहेड्स के अति या कम अवशोषण को मापता है।
445. माल की आपूर्ति जहां आपूर्तिकर्ता का स्थान और आपूर्ति का स्थान दो अलग-अलग राज्यों में है, क्या कहलाता है?
स्थानीय आपूर्ति
अंतर-राज्यीय (Inter-State) आपूर्ति
अंतर-राज्य (Intra-State) आपूर्ति
छूट प्राप्त आपूर्ति
Explanation:
राज्यों के बीच सीमा पार लेनदेन अंतर-राज्यीय आपूर्ति हैं और IGST को आकर्षित करते हैं।
446. P/V अनुपात और परिवर्तनीय लागत अनुपात का योग हमेशा किसके बराबर होता है?
1 (या 100%)
निश्चित लागत
0
लाभ
Explanation:
बिक्री = परिवर्तनीय लागत + योगदान। बिक्री से विभाजित करने पर: 1 = (VC/बिक्री) + (योगदान/बिक्री)। इस प्रकार, VC अनुपात + P/V अनुपात = 1।
447. बचत खातों पर ब्याज के संबंध में धारा 80TTA के तहत कटौती कहाँ तक उपलब्ध है?
₹50,000
₹10,000
कोई सीमा नहीं
₹5,000
Explanation:
व्यक्तियों (वरिष्ठ नागरिकों के अलावा) और HUF के लिए, बचत खातों (बैंक/डाकघर) पर ₹10,000 तक का ब्याज कटौती योग्य है। (वरिष्ठ नागरिकों के लिए, धारा 80TTB FD ब्याज सहित ₹50,000 की सीमा देती है)।
448. परिवहन उद्योग के लिए "लागत इकाई" (Cost Unit) आमतौर पर है:
प्रति यात्री-किलोमीटर या प्रति टन-किलोमीटर
प्रति किलोग्राम
प्रति लीटर
प्रति मशीन घंटा
Explanation:
लागत इकाई उत्पाद या सेवा की एक इकाई है जिसके संबंध में लागत का पता लगाया जाता है। परिवहन के लिए, यह मात्रा (यात्री/टन) और दूरी (किमी) को जोड़ती है।
449. GST के तहत "कर योग्य घटना" (Taxable Event) है:
माल को हटाना।
माल का निर्माण।
माल या सेवाओं की आपूर्ति (Supply)।
माल की बिक्री।
Explanation:
GST ने कई कर योग्य घटनाओं (जैसे निर्माण, बिक्री, सेवा का प्रावधान) को एक एकल घटना: "आपूर्ति" के साथ प्रतिस्थापित किया।
450. एक "रोलिंग बजट" (Rolling Budget) वह है जो:
केवल रोलिंग स्टॉक (ट्रेनों) के लिए उपयोग किया जाता है।
इसकी कोई निश्चित अवधि नहीं है।
5 साल तक स्थिर रहता है।
वर्तमान अवधि समाप्त होने पर एक नई अवधि (माह/तिमाही) जोड़कर लगातार संशोधित किया जाता है।
Explanation:
यह सुनिश्चित करता है कि पूरे वर्ष के लिए बजट हमेशा उपलब्ध रहे, योजना को चालू रखे और परिवर्तनों के प्रति उत्तरदायी हो।
451. श्रम निष्क्रिय समय विचरण (Labor Idle Time Variance) हमेशा होता है:
प्रतिकूल (Adverse)।
आउटपुट पर निर्भर करता है।
शून्य।
अनुकूल।
Explanation:
निष्क्रिय समय उन घंटों का प्रतिनिधित्व करता है जिनके लिए भुगतान किया गया है लेकिन काम नहीं किया गया है (बिजली की विफलता, मशीन खराब होने आदि के कारण)। चूंकि यह उत्पादन के बिना लागत है, इसका परिणाम हमेशा प्रतिकूल विचरण होता है।
452. GST के तहत, यदि कोई प्रिंसिपल किसी जॉब वर्कर को माल भेजता है, तो माल को "आपूर्ति" (Supply) माने जाने से बचने के लिए _____ के भीतर वापस किया जाना चाहिए।
1 वर्ष (इनपुट के लिए) और 3 वर्ष (पूंजीगत माल के लिए)
सभी माल के लिए 2 साल
6 महीने
5 साल
Explanation:
यदि इनपुट/पूंजीगत सामान क्रमशः 1 वर्ष/3 वर्ष के भीतर वापस नहीं किए जाते हैं, तो यह माना जाता है कि प्रिंसिपल ने उन्हें उस दिन जॉब वर्कर को आपूर्ति की थी जिस दिन उन्हें बाहर भेजा गया था, और कर ब्याज के साथ देय हो जाता है।
453. लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत प्रेषण पर धारा 206C(1G) के तहत स्रोत पर कर संग्रह (TCS) लागू होता है यदि राशि वित्तीय वर्ष में _____ से अधिक है।
₹10 लाख
₹5 लाख
₹7 लाख
₹2 लाख
Explanation:
LRS प्रेषण (ऋण के माध्यम से शिक्षा के अलावा) के लिए, एक वित्तीय वर्ष में ₹7 लाख से अधिक की राशि पर 20% (संशोधित दर) की दर से TCS लागू होता है।
454. यदि निश्चित लागत बढ़ती है जबकि प्रति इकाई परिवर्तनीय लागत और विक्रय मूल्य स्थिर रहते हैं, तो सम-विच्छेद बिंदु (Break-Even Point):
शून्य हो जाएगा।
बढ़ेगा।
अपरिवर्तित रहेगा।
घटेगा।
Explanation:
BEP = निश्चित लागत / प्रति इकाई योगदान। चूंकि अंश (निश्चित लागत) बढ़ता है और हर (योगदान) समान रहता है, BEP बढ़ता है (आपको उच्च निश्चित लागतों को कवर करने के लिए अधिक बेचने की आवश्यकता होती है)।
455. कैश बजट तैयार करते समय, यदि "मजदूरी का भुगतान 1/4 महीने के अंतराल (lag) के साथ किया जाता है", तो इसका मतलब है कि अप्रैल के महीने में, भुगतान की गई मजदूरी होगी:
अप्रैल की मजदूरी का 100%।
अप्रैल की मजदूरी का 25% + मार्च की मजदूरी का 75%।
अप्रैल की मजदूरी का 75% + मार्च की मजदूरी का 25%।
अप्रैल की मजदूरी का 75% + मई की मजदूरी का 25%।
Explanation:
1/4 अंतराल का मतलब है कि 1 सप्ताह की मजदूरी अगले महीने दी जाती है। तो, अप्रैल में, आप अप्रैल के शेष 3 सप्ताह (3/4 या 75%) और मार्च के लंबित 1 सप्ताह (1/4 या 25%) के लिए भुगतान करते हैं।
456. प्रोसेस कॉस्टिंग में, "समतुल्य उत्पादन" (Equivalent Production) की गणना किसके लिए की जाती है?
केवल असामान्य हानि की गणना करने के लिए।
लागत आवंटित करने के लिए वर्क-इन-प्रोग्रेस (WIP) को समतुल्य तैयार इकाइयों में परिवर्तित करने के लिए।
भविष्य के उत्पादन का अनुमान लगाने के लिए।
विक्रय मूल्य निर्धारित करने के लिए।
Explanation:
चूंकि ओपनिंग और क्लोजिंग WIP केवल आंशिक रूप से पूर्ण होते हैं, उन्हें केवल पूर्ण इकाइयों में नहीं जोड़ा जा सकता है। पूर्णता के प्रतिशत के आधार पर उन्हें "समतुल्य इकाइयों" में परिवर्तित किया जाता है।
457. GST में "मुनाफाखोरी विरोधी" (Anti-Profiteering) उपाय यह सुनिश्चित करता है कि:
इनपुट टैक्स क्रेडिट या कर दर में कटौती का लाभ कीमतों में अनुरूप कमी के माध्यम से प्राप्तकर्ता को दिया जाए।
निर्यात पर अधिक कर लगाया जाए।
सरकार अधिकतम कर एकत्र करे।
आपूर्तिकर्ता लागत से कम पर न बेचें।
Explanation:
धारा 171 अनिवार्य करती है कि कर दर में कोई भी कमी या ITC का लाभ उपभोक्ता को दिया जाना चाहिए। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) अब इसकी देखरेख करता है।
458. उस फर्म के कामकाजी भागीदार के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख क्या है जिसके खातों का ऑडिट होना आवश्यक है?
31 दिसंबर
30 सितंबर
31 अक्टूबर
31 जुलाई
Explanation:
यदि कोई फर्म ऑडिट के अधीन है, तो फर्म और उसके कामकाजी भागीदारों के लिए नियत तारीख निर्धारण वर्ष की 31 अक्टूबर है।
459. इन्वेंट्री नियंत्रण में, "ABC विश्लेषण" वस्तुओं को किसके आधार पर वर्गीकृत करता है?
आवश्यक भंडारण स्थान।
वर्णमाला क्रम।
केवल इकाई मूल्य।
उपयोग मूल्य (खपत की मात्रा × इकाई लागत)।
Explanation:
"A" आइटम उच्च मूल्य (70% मूल्य, 10% मात्रा), "B" मध्यम, और "C" कम मूल्य (10% मूल्य, 70% मात्रा) वाले होते हैं। यह उच्च-मूल्य वाली वस्तुओं पर नियंत्रण प्रयासों को केंद्रित करने में मदद करता है।
460. परिवर्तनीय ओवरहेड दक्षता विचरण (Variable Overhead Efficiency Variance) की गणना इस प्रकार की जाती है:
(मानक दर - वास्तविक दर) × वास्तविक घंटे
गणना नहीं की जा सकती।
(मानक घंटे - वास्तविक घंटे) × मानक परिवर्तनीय ओवरहेड दर
(बजट ओवरहेड - वास्तविक ओवरहेड)
Explanation:
यह विचरण इसलिए उत्पन्न होता है क्योंकि उत्पादन करने के लिए लिए गए वास्तविक घंटे अनुमत मानक घंटों से भिन्न होते हैं, जो परिवर्तनीय ओवरहेड्स के अवशोषण को प्रभावित करते हैं।
461. ₹5 करोड़ से अधिक के कुल टर्नओवर वाले करदाताओं के लिए, B2B कर चालान पर HSN कोड के कितने अंक का उल्लेख करना अनिवार्य है?
6 अंक
8 अंक
4 अंक
2 अंक
Explanation:
₹5 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले करदाताओं को HSN कोड के 6 अंक घोषित करने होंगे। ₹5 करोड़ तक के टर्नओवर के लिए, B2B के लिए 4 अंक आवश्यक हैं।
462. यदि बिक्री ₹1,00,000 है, लाभ ₹10,000 है, और निश्चित लागत ₹30,000 है, तो P/V अनुपात क्या है?
40%
10%
25%
30%
Explanation:
योगदान = निश्चित लागत + लाभ = 30,000 + 10,000 = 40,000। P/V अनुपात = (योगदान / बिक्री) * 100 = (40,000 / 1,00,000) * 100 = 40%।
463. धारा 16(ia) के तहत वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध मानक कटौती (Standard Deduction) है:
₹1,00,000
₹75,000
₹40,000
₹50,000
Explanation:
वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए मानक कटौती पुरानी और नई दोनों कर व्यवस्थाओं के तहत ₹50,000 (या वेतन की राशि, जो भी कम हो) है।
464. "ऑपरेटिंग कॉस्टिंग" (Operating Costing) को किस रूप में भी जाना जाता है?
सेवा कॉस्टिंग (Service Costing)
मल्टीपल कॉस्टिंग
बैच कॉस्टिंग
जॉब कॉस्टिंग
Explanation:
ऑपरेटिंग कॉस्टिंग एक सेवा प्रदान करने की लागत (जैसे, परिवहन, अस्पताल, होटल, बिजली उत्पादन) का पता लगाने के लिए उपयोग की जाने वाली विधि है।
465. एक "कार्यात्मक बजट" (Functional Budget) किससे संबंधित है?
केवल समग्र मास्टर बजट।
सरकारी कार्य।
सीईओ के कार्य।
विशिष्ट कार्य जैसे बिक्री, उत्पादन, सामग्री, आदि।
Explanation:
संगठन के व्यक्तिगत कार्यों/विभागों (जैसे, बिक्री बजट, उत्पादन बजट) के लिए तैयार किए गए बजट कार्यात्मक बजट हैं। उन्हें मास्टर बजट में समेकित किया जाता है।
466. यदि किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक पैन कार्ड हैं:
यह कानूनी है।
दूसरा पैन अपने आप रद्द हो जाता है।
धारा 272B के तहत ₹10,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है।
वे एक का उपयोग व्यवसाय के लिए और एक का व्यक्तिगत उपयोग के लिए कर सकते हैं।
Explanation:
एक से अधिक पैन रखना अवैध है। आयकर अधिनियम कई पैन रखने के लिए ₹10,000 का जुर्माना लगाता है।
467. एक "आकस्मिक कर योग्य व्यक्ति" (जैसे, दूसरे राज्य में प्रदर्शनी में स्टाल लगाने वाला व्यापारी) को GST पंजीकरण कब प्राप्त करना होगा?
पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।
व्यवसाय शुरू होने से कम से कम 5 दिन पहले।
व्यवसाय शुरू करने के 30 दिनों के भीतर।
टर्नओवर ₹20 लाख पार करने के बाद।
Explanation:
आकस्मिक कर योग्य व्यक्तियों को टर्नओवर सीमा का लाभ नहीं मिलता है। उन्हें व्यवसाय शुरू करने से 5 दिन पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होगा और अग्रिम कर का भुगतान करना होगा।
468. यदि सुरक्षा का मार्जिन 20% है और P/V अनुपात 40% है, तो बिक्री पर लाभ प्रतिशत क्या है?
8%
40%
20%
60%
Explanation:
लाभ % = सुरक्षा का मार्जिन % * P/V अनुपात। 20% * 40% = 0.20 * 0.40 = 0.08 या 8%।
469. प्राइम कॉस्ट की गणना करें: प्रत्यक्ष सामग्री = ₹10,000, प्रत्यक्ष श्रम = ₹5,000, कारखाना किराया = ₹2,000, प्रत्यक्ष व्यय = ₹1,000।
₹18,000
₹16,000
₹15,000
₹17,000
Explanation:
प्राइम कॉस्ट = DM + DL + प्रत्यक्ष व्यय = 10,000 + 5,000 + 1,000 = 16,000। कारखाना किराया एक ओवरहेड है, प्राइम कॉस्ट का हिस्सा नहीं।
470. सामग्री मिश्रण विचरण (Material Mix Variance) प्रासंगिक है जब:
उत्पाद मिश्रण में एक से अधिक प्रकार की सामग्री का उपयोग किया जाता है।
कीमतें स्थिर हैं।
केवल एक प्रकार की सामग्री का उपयोग किया जाता है।
मानक लागत वास्तविक लागत के बराबर है।
Explanation:
मिश्रण विचरण उपयोग की जाने वाली विभिन्न सामग्रियों के अनुपात/अनुपात को बदलने के लागत प्रभाव की गणना करता है (जैसे, अधिक सस्ती सामग्री A और कम महंगी सामग्री B का उपयोग करना)।
471. एजेंसी व्यवसाय की समाप्ति के लिए प्राप्त मुआवजे को किस रूप में माना जाता है?
आकस्मिक आय।
पूंजी प्राप्ति (कर योग्य नहीं)।
राजस्व प्राप्ति (कर योग्य)।
पूंजी प्राप्ति (पूंजीगत लाभ के रूप में कर योग्य)।
Explanation:
धारा 28(ii) के अनुसार, एजेंसी की शर्तों की समाप्ति या संशोधन के लिए मुआवजा "व्यवसाय या पेशे के लाभ और लाभ" के रूप में कर योग्य है।
472. निम्नलिखित में से कौन सी सेवा GST से मुक्त है?
निवास के रूप में उपयोग के लिए आवासीय आवास किराए पर देने के माध्यम से सेवाएं।
रियल एस्टेट एजेंट की सेवाएं।
डाक विभाग (स्पीड पोस्ट) द्वारा सेवाएं।
मध्यस्थ द्वारा सेवाएं।
Explanation:
आवासीय उद्देश्यों के लिए आवासीय घर किराए पर देना छूट है। हालांकि, इसे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किराए पर देना कर योग्य है।
473. बजटीय नियंत्रण में "क्षमता अनुपात" (Capacity Ratio) की गणना इस प्रकार की जाती है:
(मानक घंटे / वास्तविक घंटे) * 100
(वास्तविक आउटपुट / बजट आउटपुट) * 100
(मानक घंटे / बजट घंटे) * 100
(वास्तविक घंटे / बजट घंटे) * 100
Explanation:
क्षमता अनुपात मापता है कि उपलब्ध क्षमता का पूरी तरह से उपयोग किया गया था या नहीं। >100% का मतलब है कि ओवरटाइम काम किया गया था; <100% का मतलब कम उपयोग है।
474. अनुबंध में "एस्केलेशन क्लॉज" (Escalation Clause) किसके जोखिम को कवर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है?
अनुबंध अवधि के दौरान सामग्री और श्रम की कीमतों में बदलाव।
खराब कारीगरी।
पूरा होने में देरी।
साइट पर दुर्घटनाएं।
Explanation:
यह क्लॉज इनपुट लागत एक निश्चित सीमा से अधिक बढ़ने पर अनुबंध मूल्य बढ़ाने की अनुमति देता है, जिससे ठेकेदार को मुद्रास्फीति से बचाया जा सके।
475. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को दिए जाने वाले भत्ते हैं:
"अन्य स्रोतों" के रूप में कर योग्य।
पूरी तरह से कर योग्य।
पूरी तरह से छूट।
आंशिक रूप से छूट।
Explanation:
संविधान के अनुच्छेद 222(2) और आयकर अधिनियम के तहत, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को दिए जाने वाले भत्ते कर से पूरी तरह मुक्त हैं।
476. एक व्यवसाय घाटा कर रहा है। सम-विच्छेद बिंदु तक पहुँचने के लिए, उसे करना होगा:
निश्चित लागत घटाएँ या बिक्री बढ़ाएँ।
हानि राशि के बराबर योगदान बढ़ाएँ।
विक्रय मूल्य घटाएँ।
परिवर्तनीय लागत बढ़ाएँ।
Explanation:
नुकसान को रोकने (BEP तक पहुँचने) के लिए, राजस्व को कुल लागत को कवर करना होगा। यह बिक्री की मात्रा/कीमत बढ़ाकर या लागत (निश्चित या परिवर्तनीय) को कम करके किया जा सकता है।
477. सेवाओं की आपूर्ति के लिए, कर चालान किसके भीतर जारी किया जाना चाहिए?
आपूर्ति की तारीख से 45 दिन।
आपूर्ति के समय।
आपूर्ति की तारीख से 30 दिन।
आपूर्ति की तारीख से 15 दिन।
Explanation:
सामान्य नियम 30 दिन है। बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों (NBFCs) के लिए, समय सीमा 45 दिनों तक बढ़ा दी गई है।
478. एक "आदर्श मानक" (Ideal Standard) मानता है:
औसत पिछला प्रदर्शन।
सामान्य दक्षता।
बिना किसी बर्बादी या निष्क्रिय समय के अधिकतम दक्षता।
भविष्य में प्रबल होने की उम्मीद की जाने वाली स्थितियां।
Explanation:
आदर्श मानक सही परिस्थितियों में सर्वोत्तम संभव प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे शायद ही कभी प्राप्त करने योग्य होते हैं और वास्तविक नियंत्रण की तुलना में प्रेरणा के लिए अधिक उपयोग किए जाते हैं।
479. व्यक्तियों के लिए, सरचार्ज की उच्चतम दर (नई व्यवस्था के तहत आय > ₹5 करोड़ के लिए) किस पर सीमित की गई है?
37%
25%
10%
15%
Explanation:
बजट 2023 में, उच्च आय अर्जक को राहत प्रदान करने के लिए नई कर व्यवस्था के तहत उच्चतम अधिभार दर को 37% से घटाकर 25% कर दिया गया था।
480. निम्नलिखित में से कौन सी लागत "अर्ध-परिवर्तनीय" (Semi-Variable) है?
सीधी रेखा पद्धति पर मूल्यह्रास।
कारखाना किराया।
टेलीफोन/बिजली बिल।
प्रत्यक्ष सामग्री।
Explanation:
अर्ध-परिवर्तनीय लागतों में एक निश्चित घटक (जैसे, फिक्स्ड लाइन रेंटल) और एक परिवर्तनीय घटक (जैसे, प्रति कॉल/यूनिट चार्ज) होता है। किराया निश्चित है। सामग्री परिवर्तनीय है।