1. यदि किसी कंपनी का वर्तमान अनुपात (Current Ratio) वर्तमान में 1.5:1 है, तो निम्नलिखित में से कौन सा लेनदेन इसमें सुधार करेगा?
नकद के लिए अचल संपत्ति की बिक्री।
उधार पर स्टॉक की खरीद।
चालू दायित्वों का भुगतान।
देनदारों से संग्रह।
Explanation:
यदि CR > 1 है, तो चालू संपत्ति (नकद) और चालू दायित्वों (लेनदारों) दोनों को समान राशि से कम करने से अनुपात बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, (150-50)/(100-50) = 100/50 = 2:1 (1.5:1 से सुधरा)।
2. एक उच्च "स्वामित्व अनुपात" (Proprietary Ratio) क्या दर्शाता है?
लेनदारों के लिए कम जोखिम और मजबूत वित्तीय स्थिति।
बाहरी ऋण पर उच्च निर्भरता।
ओवर-ट्रेडिंग।
लेनदारों के लिए उच्च जोखिम।
Explanation:
स्वामित्व अनुपात = शेयरधारकों की निधि / कुल संपत्ति। उच्च अनुपात का मतलब है कि संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा मालिकों की इक्विटी द्वारा वित्त पोषित है, जो लेनदारों के लिए अधिक सुरक्षा मार्जिन प्रदान करता है।
3. "त्वरित संपत्ति" (Quick Assets) की गणना करने के लिए चालू संपत्ति से निम्नलिखित में से किस संपत्ति को बाहर रखा गया है?
इन्वेंट्री (स्टॉक) और प्रीपेड व्यय।
अल्पकालिक निवेश।
विविध देनदार।
नकद और बैंक शेष।
Explanation:
त्वरित अनुपात = (चालू संपत्ति - इन्वेंट्री - प्रीपेड व्यय) / चालू दायित्व। इन्वेंट्री को कम तरल माना जाता है क्योंकि इसे बेचने में समय लगता है।
4. "ऋण सेवा कवरेज अनुपात" (DSCR) गणना में शामिल हैं:
(शुद्ध लाभ + मूल्यह्रास + ब्याज) / (ब्याज + मूलधन की किस्त)।
बिक्री / ऋण।
शुद्ध लाभ / ब्याज।
सकल लाभ / कुल ऋण।
Explanation:
DSCR ऋण दायित्वों का भुगतान करने की क्षमता को मापता है। अंश (numerator) ऋण सेवा (लाभ + गैर-नकद व्यय + ब्याज) के लिए उपलब्ध परिचालन नकदी प्रवाह का प्रतिनिधित्व करता है, और हर (denominator) ऋण दायित्व है।
5. ब्याज कवरेज अनुपात (Interest Coverage Ratio) की गणना इस प्रकार की जाती है:
कुल संपत्ति / ब्याज
EBIT / ब्याज
बिक्री / ब्याज
शुद्ध लाभ / ब्याज
Explanation:
ब्याज और कर से पहले की कमाई (EBIT) ऋण सेवा के लिए उपलब्ध लाभ का प्रतिनिधित्व करती है। इसे ब्याज व्यय से विभाजित करने पर पता चलता है कि कोई कंपनी कितनी आसानी से ब्याज का भुगतान कर सकती है।
6. "ड्यूपॉन्ट विश्लेषण" (DuPont Analysis) मॉडल के अनुसार, इक्विटी पर रिटर्न (ROE) को तीन घटकों में विघटित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन सा उनमें से एक नहीं है?
चालू अनुपात
एसेट टर्नओवर अनुपात
वित्तीय उत्तोलन (इक्विटी गुणक)
शुद्ध लाभ मार्जिन
Explanation:
ड्यूपॉन्ट विश्लेषण ROE को इसमें तोड़ता है: 1. शुद्ध लाभ मार्जिन (लाभप्रदता), 2. एसेट टर्नओवर (दक्षता), और 3. वित्तीय उत्तोलन (इक्विटी गुणक)। चालू अनुपात एक तरलता अनुपात है, ड्यूपॉन्ट पहचान का हिस्सा नहीं है।
7. एक कंपनी का ब्याज कवरेज अनुपात 8 गुना है। यह इंगित करता है:
कंपनी घाटे में चल रही है।
कंपनी के पास अपने ब्याज दायित्वों को आराम से कवर करने के लिए पर्याप्त लाभ है।
कंपनी के पास ब्याज का भुगतान करने के लिए अपर्याप्त लाभ है।
कंपनी पर उच्च कर्ज है।
Explanation:
ब्याज कवरेज अनुपात = EBIT / ब्याज। 8 के अनुपात का मतलब है कि कंपनी ब्याज का भुगतान करने के लिए आवश्यक राशि का 8 गुना कमाती है, जो उच्च शोधन क्षमता और सुरक्षा दिखाती है।
8. यदि ऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR) 1 से कम है, तो इसका तात्पर्य है:
फर्म के पास अतिरिक्त नकदी है।
फर्म अपने ऋणों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त नकदी उत्पन्न कर रही है।
फर्म कर्ज मुक्त है।
फर्म अपने वर्तमान ऋण दायित्वों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नकदी उत्पन्न नहीं कर रही है।
Explanation:
DSCR < 1 एक खतरे का संकेत है। इसका मतलब है कि परिचालन नकदी प्रवाह ब्याज + मूलधन पुनर्भुगतान को कवर करने के लिए अपर्याप्त है। फर्म डिफ़ॉल्ट हो सकती है जब तक कि वह अधिक उधार न ले या संपत्ति न बेच दे।
9. इन्वेंट्री टर्नओवर अनुपात की गणना इस प्रकार की जाती है:
बेचे गए माल की लागत / औसत इन्वेंट्री
सकल लाभ / इन्वेंट्री
बिक्री / क्लोजिंग स्टॉक
खरीद / ओपनिंग स्टॉक
Explanation:
यह अनुपात मापता है कि कोई कंपनी एक अवधि के दौरान कितनी बार अपने माल के स्टॉक को बेचती है और बदलती है। आदर्श रूप से, COGS का उपयोग किया जाता है; यदि अनुपलब्ध है, तो बिक्री का उपयोग किया जा सकता है।
10. परिचालन लाभ अनुपात (Operating Profit Ratio) की गणना इस प्रकार की जाती है:
(शुद्ध लाभ / बिक्री) * 100
(बिक्री / परिचालन संपत्ति) * 100
(सकल लाभ / बिक्री) * 100
(परिचालन लाभ / शुद्ध बिक्री) * 100
Explanation:
परिचालन लाभ (EBIT) ब्याज और कर जैसी गैर-परिचालन वस्तुओं को छोड़कर, मुख्य व्यावसायिक कार्यों से लाभ को मापता है। अनुपात इसे बिक्री के प्रतिशत के रूप में व्यक्त करता है।
11. यदि चालू अनुपात 2:1 है और कार्यशील पूंजी ₹60,000 है, तो चालू संपत्ति की राशि क्या है?
₹1,80,000
₹60,000
₹30,000
₹1,20,000
Explanation:
CA/CL = 2/1. इसलिए CA = 2CL. कार्यशील पूंजी = CA - CL = 2CL - CL = CL. दी गई कार्यशील पूंजी = 60,000, इसलिए CL = 60,000. CA = 2 * CL = 1,20,000।