1. निम्नलिखित में से कौन सी शिकायत RBI एकीकृत लोकपाल के समक्ष विचारणीय नहीं है?
आवक प्रेषण (inward remittances) के भुगतान में देरी या भुगतान न करना।
बिना किसी वैध कारण के जमा खाता खोलने से इनकार करना।
बैंक के वाणिज्यिक निर्णयों से संबंधित विवाद (जैसे, क्रेडिट स्कोर के आधार पर ऋण प्रस्ताव की अस्वीकृति)।
बिना पूर्व सूचना के शुल्क लगाना।
Explanation:
लोकपाल योजना का उद्देश्य "सेवा में कमी" को हल करना है। यह विशेष रूप से बैंक के वाणिज्यिक निर्णय/फैसलों से उत्पन्न होने वाली शिकायतों को बाहर करता है, जैसे कि ऋण देना है या नहीं या ली गई ब्याज दर (जब तक कि RBI दिशानिर्देशों के अनुसार न हो), ताकि व्यावसायिक स्वायत्तता में हस्तक्षेप से बचा जा सके।
2. यदि कोई बैंक लिपिकीय त्रुटि के कारण ग्राहक के चेक का गलत तरीके से अनादर करता है, तो बैंक ग्राहक को किसके लिए मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है?
यदि त्रुटि अनजाने में हुई थी तो कोई मुआवजा नहीं।
₹100 का एक निश्चित जुर्माना।
केवल चेक की राशि।
क्रेडिट/प्रतिष्ठा के नुकसान और मानसिक पीड़ा के लिए हर्जाना।
Explanation:
NI अधिनियम की धारा 31 के तहत, एक बैंकर गलत अनादर के कारण हुए किसी भी नुकसान या क्षति के लिए आहर्ता को मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है। इसमें बाजार में ग्राहक की साख और प्रतिष्ठा को चोट पहुँचाने के लिए हर्जाना शामिल है।